आज व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं साथी वीटी द्वारा श्री मोतीलाल साहु @motilalsahu64 (विधायक रायपुर ग्रामीण) से आज हमारी मांगों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुआ,
उनके द्वारा हमको आश्वासन दिया गया तथा मुख्यमंत्री को हमारी अनुशंसा के लिए पत्र प्रेषित किया गया।
@vishnudsai
दान देने लायक बनना तो ठीक, पर देना भी जरूरी...
मुंबई की एक बड़ी शेयर कारोबारी कंपनी के सीएसआर फाउंडेशन की तरफ से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एनआईटी को 71 करोड़ रुपए दान दिए गए हैं, जिससे वहां पर भविष्य की प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए एक केंद्र विकसित होगा। इस कंपनी में छत्तीसगढ़ के आरंग से निकलकर मुंबई पहुंचने वाले रामदेव अग्रवाल, इस कंपनी के दो संस्थापकों में से एक हैं। यह सुनकर अच्छा लगता है कि आरंग से निकला हुआ नौजवान रायपुर में पढ़-लिखकर देश की एक बड़ी शेयर कंपनी में भागीदार बनता है, और आज इस हालत में पहुंचता है कि उसकी कंपनी अपने शहर के इंजीनियरिंग कॉलेज को इतना बड़ा दान दे पाती है। वैसे तो छत्तीसगढ़ से निकलकर आसमान पर पहुंचने वाले और लोग भी हैं, जिनमें से कई आज इसी राज्य में काम कर रहे हैं, और कई देश-विदेश में। यह मौका सबके लिए यह देखने का है कि अपनी जड़ों के लिए वे क्या कर सकते हैं, और उन्होंने किया क्या है।
छत्तीसगढ़ के ही कुरूद नाम के कस्बे से निकले हुए मधु केला भी मुंबई में बहुत ऊंची जगह पर पहुंचे, और उन्होंने भी बेशुमार कामयाबी पाई है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर से निकलकर अमरीका पहुंचे हुए वेंकटेश शुक्ला वहां पर एक बड़े कामयाबी वेंचर कैपिटलिस्ट हैं, और एंजेल इन्वेस्टर भी। वे लगातार भारत के भले में लगे रहते हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप योजना बनाने वालों में वेंकटेश शुक्ला सबसे प्रमुख रहे हैं। वे भी भारत में प्रतिभाशाली छात्रों को स्कॉलरशिप देने का काम करते हैं, और अमरीका में नए स्टार्टअप में पूंजी निवेश करने का भी।
छत्तीसगढ़ से शुरू करके इसी प्रदेश में हजारों करोड़ के औद्योगिक और कारोबारी साम्राज्य बनाने वाले भी कई लोग यहां हैं, और वे सामाजिक सरोकारों पर कितना खर्च करते हैं, ये वे ही जानें।
होना तो यह चाहिए कि जिस गांव-कस्बे से निकलकर, जिस शहर-प्रदेश में पढ़कर लोग आगे बढ़ते हैं, वहां के स्कूल-कॉलेज को बढ़ावा देने के लिए उन्हें अपनी कमाई का एक हिस्सा तय करना चाहिए। अब तो सरकार स्कूलों के नाम भी दानदाताओं के नाम पर करने लगी है, और अगर दुनिया का इतिहास देखें, तो सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में भी अंतर्राष्ट्रीय दानदाताओं के नाम पर कोई खास कॉलेज शुरू किया जाता है, या कोई दानदाता लाइब्रेरी या प्रयोगशाला बनवाते हैं।
छत्तीसगढ़ का पुराना इतिहास देखें तो दाऊ कल्याण सिंह ने जो अस्पताल बनवाया था, वह उनके नाम से डीके हॉस्पिटल कहलाया और बाद में वहीं पर मेडिकल कॉलेज भी शुरू हुआ। लेकिन वे तो दाऊ थे बहुत ज़मीनों के मालिक थे, एक सब्जी बेचने वाली बिन्नी बाई ने अपने पैसों से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास मरीज के परिजनों के रहने के लिए धर्मशाला बनवाई थी। रायपुर के एक कारोबारी और समाजसेवी सीताराम अग्रवाल ने प्रदेश में कई जगहों पर समाज के पैसों से, और रायपुर के एम्स के सामने अपने परिवार के करोड़ों रुपए लगाकर मरीजों के परिजनों के लिए मंगल भवन बनवाए हैं, और उन्हें पूरी मेहनत से चला भी रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज़ों के परिजनों की एक बहुत बड़ी ज़रूरत पूरी हो रही है।
लोगों की दौलत अगर महज उन्हीं के काम आती हैं, तो वह संतों की जुबान में हाथ के मैल से अधिक कुछ नहीं है। और अगर वह समाज के काम आती है, तो ही वह इज्जतदार दौलत है। यहां याद रखना चाहिए कि बिल गेट्स और वॉरेन बफे जैसे अमरीकी खरबपतियों ने एक आंदोलन छेड़ा और अपनी आधी दौलत उन्होंने समाज के लिए दे दी। हिंदुस्तान में देश के सबसे रईस खरबपति सौ करोड़ का दान देते हैं, जो कि उनकी एक घंटे की कमाई रहती है। क्या इसे दान गिना जाए? इससे तो बिन्नीबाई का दान बड़ा था।
क्या सोचते हैं आप?
- तृप्ति सोनी
व्यावसायिक शिक्षा के तहत सेजेस सांकरा, जिला- महासमुंद के छात्र- छात्राओं को प्रशिक्षण उपरांत इंटर्नशिप पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
ट्रेड - हेल्थकेयर
व्यावसायिक प्रशिक्षक - कुमारी अल्का साहू
@cgsamagra@SchoolEduCgGov
व्यावसायिक शिक्षा के तहत शास. उ मा वि अंतागढ़, जिला- कांकेर के छात्र- छात्राओं को प्रशिक्षण उपरांत इंटर्नशिप पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
ट्रेड - ऑटोमोबाइल व टेलीकॉम
व्यावसायिक प्रशिक्षक - देवेंद्र साहू एवं कुमारी झरना साहू
@cgsamagra@SchoolEduCgGov
हमें डॉक्यूमेंट वारीफिकेशन करवाए हुए आज 4 महीने से ऊपर हो गए हैं अभी तक रिजल्ट जारी नहीं हुआ हैं कृपया करके वेटिंग का रिजल्ट जारी करे... 🙏🙏🙏 @nests_emrs
हम अपना अधिकार मानते ,,,
नहीं किसी से भीख मांगते ।।।
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बच्चों को हुनरमंद एवं रोजगार के काबिल बनाने वाले छत्तीसगढ़ के व्यवसायिक प्रशिक्षकों को नियमित किया जाए।
#समायोजन#जॉब_सिक्योरिटी#समान_काम_समान_वेतन
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में 400 एकड़ जंगल कटने से पहले देशभर में हंगामा मचा, सही भी है। वही इसके बाद रेड्डी सरकार ने रोक लगाई और कमेटी बना दी। लेकिन छत्तीसगढ़ के हसदेव में 5000एकड़ घना जंगल अदानी द्वारा उजाड़ा जा रहा है, और मीडिया पूरी तरह चुप है। #SaveHasdeo