@our_mahendrgarh महेंद्रगढ़ मात्र एक जिला नही है अपितु महेंद्रगढ़ अपने आप में एक भोगौलिक क्षेत्र है और चाहे जिस भी पार्टी की सत्ता रही हो सभी ने इस क्षेत्र की अनदेखी की है।
राजस्व विभाग को अपना राजस्व गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर बनाना चाहिए जिसे सभी विभागों से साझा किया जाना चाहिए। अन्य विभाग अगर राजस्व विभाग से किसी कार्य में सहायता चाहते है तो उन्हें इस गतिविधि के लिए समय निर्धारित करते वक्त इस कैलेंडर को ध्यान में रखना चाहिए।
जिले में तो ये हाल है कि जैसे ही कोई नया काम आया या दूसरे विभाग अपना काम समय से नहीं कर पाये या उनके कार्य की गुणवत्ता पर संदेह है तो लगा दो पटवारी को!
@yashpalmurar
सर, सराहनीय प्रयास है। पुराने जमाने की कहानियां सुनते थे कि राजा या मंत्री अपने राज्य के लोगों का हाल जानने के लिए रात को भेष बदलकर राज्य में भ्रमण किया करते थे।बेहतर होगा कि वास्तविकता तथा समस्या जानने के लिए बिना सूचना के अलग-अलग जिलों में यूं ही दौरा/पैट्रोलिंग करके देखें।
अगले चार घंटे में नाईट पेट्रोलिंग पर हूं। मैं 112 vehicle, पुलिस चौकी, थाना और इंटर-स्टेट एवं इंटर-डिस्ट्रिक्ट नाके पर लगे पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, कार्यस्थिति एवं दिक्कतों के बारे में जानना चाहूँगा।
मैंने सारे एसपी एवं सीपी को ऐसा ही करने बोला है। साथ ही कहा है कि कल 11 बजे से पहले 200 शब्दों में मुझे ये बताये कि उन्होंने क्या कमियाँ पाई और उसे ठीक करने के लिए वे क्या करेंगे।
@cmohry
@advhimmatsingh@cmohry रिहायशी प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र नही बन पाने के कारण हरियाणा के युवा परेशान हो रहे है।CETतथा कॉलेज एडमिशन के लिए आवेदन नही कर आप रहे हैं। समाचार पत्र ऐसी सूचना से भरे पड़े हैं। सरकार सिस्टम में सुधार नही कर रही। HSSC चेयरमैन अभ्यार्थियों की परेशानी को समझ नही रहे।
@SupriyaShrinate@narendramodi ये बात ठीक है कि मंत्री साहेबान को आमजन की बात/समस्या की सुनवाई करनी चाहिए। लेकिन कुछ समय से ये ट्रेंड चल गया है कि सांसद/विधायक/मंत्री आमजन के सामने किसी भी बड़े अधिकारी को डांटना/बेइज्जत करना की आमजन की समस्या का निराकरण करना समझते हैं। @YadavSunil80
महेन्द्रगढ़ में ज़िला स्तर से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक अधिकारी नहीं हैं — विकास योजनाओं पर असर, फंड होते हुए भी ज़मीनी क्रियान्वयन ठप। वर्षों से खाली पद सुशासन मॉडल की पोल खोल रहे हैं। जब अफसर ही नहीं होंगे, तो विकास कैसे होगा? #Haryana#GoodGovernance#VacancyCrisis@cmohry
@our_mahendrgarh@YadavSunil80@BPY68 विचारणीय विषय तो ये है कि महेन्द्रगढ़ इतना पुराना जिला। होने के बाद भी विकास में पिछले है जबकि नये बने जिले विकास की दौड़ में आगे निकल गए। @our_mahendrgarh के हमसब लोग भी कहीं ना कहीं इस उपेक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, जब चुनाव आते हैं हम सारे दर्द भूल जाते ह
@DeependerSHooda क्या विद्वान लोग इस बात पर गौर करेंगे कि जब नेताओं की भाषा की गरिमा इतनी गिर सकती है तो फिर आप एक स्कूली बच्चे से कैसी नैतिकता की आशा कर सकते हैं ?
वर्तमान में भी "लोकतंत्र" में लोक कमजोर और तंत्र हावी है। असल में ये लोक का तंत्र है ही नहीं, बल्कि तंत्र ने इसके लोक दिखावे का जुगाड कर अपनी सारी हेराफेरी को छुपा लिया है या कानूनी बना लिया है।
राजनैतिक दल आज भी अपने दलों में नेताओं को उसी तरह शामिल करते है जैसे इतिहास में राजा/सामंत/आक्रमणकारी लूटने के उनके अभियानों में दूसरे राजाओं/सरदारों/लुटेरों को शामिल करते थे और जो लुट में हिस्सेदारी के लिए खुशी से शामिल होते थे।
धर्म/जाति/संस्कृति/क्षेत्र की आधार पर अस्मिता के सवालों ख खड़ा कर कुछ समाजसेवा/राष्ट्र सेवा का दावा करने वाले दल इस खेल के खुले/छिपे साझेदार और लाभार्थी है।
जनता को चिल्लर बांट कर उनके वास्तविक धन को इन्होंने आपस में बांट लिया है।
@YadavSunil80@bjpkanwarsingh@BPY68@cmohry@our_mahendrgarh@our_mahendrgarh क्या हम चुनावों के समय भी इतने ही जागरुक होते हैं? वोट देते समय हम आमजन और अपने क्षेत्र के मुद्दों को दरकिनार कर देते हैं। फिर अगले चुनाव तक परेशानियां उठाते रहते हैं। राजनितिज्ञ तबका हमारी इसी कमजोर समझ का फायदा उठाकर हमपर ही राज करता रहता है ।
महीने की तनख्वाह भी प्रीपेड कर दो।
सरकारी कर्मचारी कोई विशेष भत्ता ले रहे है क्या?
*हरियाणा के पौने 3 लाख घरों में प्रीपेड मीटर लगेंगे:* मोबाइल की तरह रिचार्जिंग, खत्म होते ही बिजली बंद; खट्टर बोले-सरकारी कर्मचारियों से शुरू करेंगे
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बटेंगे तो कटेंगे! 🤩
बस थोड़ा सा ज़ोर और लगाना है फिर 100% बीपीएल हरियाणा💕
और अगले दो साल में 75 लाख़ नहीं कम से कम 1.5 करोड़ शुद्ध ग़रीब बना कर राज्य की शान में चार चाँद लगाने हैं🥳😎
पाँच किलो राशन!
ज़िंदाबाद💪👊
@salmanhyc78 @sachingupta तो क्या यह मुल्क इम्तियाज जलील के बाप का है? इससे तो यही लगता है कि जलील और नारा लगाने वालों को इस मुल्क हिंदुस्तान से नही बल्कि पाकिस्तान से ज्यादा लगाव हैं।