اتر پردیش کے سہارنپور میں کلکٹریٹ احاطے میں واقع مسجد کے انہدام کے معاملے پر وزیر اعلیٰ یوگی آدتیہ ناتھ کے خلاف سخت بیان دینے والی سماجی کارکن اور یوٹیوبر ہدیٰ زریوالا کو پولیس نے گرفتار کر لیا۔
कैराना की मुस्लिम सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर कलेक्ट्री मस्जिद गिराये जाने के बाद बड़ा खुलासा करते हुए कहा ,
" जिला कोर्ट के आदेश के बाद 22 दिन का समय था , हम हाईकोर्ट जाने वाले थे लेकिन बिना किसी लिखित आदेश के मस्जिद गिरा दी गयी " ,
सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद गिराए जाने के मामले में, याकूब खान के परपोते फ़िरोज़ खान ने ज़मीन और मस्जिद पर अपना मालिकाना हक़ जताया है।
उन्होंने कहा, "हमें पता चला है कि पठानपुर में कलेक्टर ऑफिस कॉम्प्लेक्स के पास बनी मस्जिद को आज गिरा दिया गया। इससे हमें और हमारे बुज़ुर्गों को बहुत दुख पहुँचा है। खासकर इसलिए क्योंकि यह मामला काफी समय से चल रहा था।
उन्होंने कहा कि हमने कभी इस मामले में दखल नहीं दिया, न ही कभी वहाँ जाकर हालात के बारे में पूछा या अपना हक़ जताया। जबकि असल में यह ज़मीन हमारे बुज़ुर्गों ने ही दान की थी और उनके नाम इससे जुड़े हैं। फिर भी, आज यह सुनकर हमें बहुत दुख हुआ कि हमारे बुज़ुर्गों की निशानी वह मस्जिद आज सुबह गिरा दी गई।
हमारे पास मालिकाना हक़ साबित करने वाले सभी ज़रूरी दस्तावेज़ हैं, लेकिन हमने कभी उनका दिखावा नहीं किया और न ही कभी सार्वजनिक रूप से अपना दावा पेश किया। हमारे बुज़ुर्गों ने अलग-अलग कामों के लिए ज़मीन दान की थी और उन्होंने कभी मंदिर और मस्जिद के बीच कोई फ़र्क नहीं किया, उन्होंने कभी भी चीज़ों को भेदभाव की नज़र से नहीं देखा।।
स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेज दिया गया है , लेकिन अभिषेक ठाकुर नाम का गुंडा वकील उमेश शर्मा के कान में आकर कह रहा है कि मीडिया से बोलो कि स्वतंत्र भारद्वाज की जान को खतरा है इसलिए स्वतंत्र को सेपरेट जेल में रखा जाए ,
अभिषेक ठाकुर कुछ तो शर्म कर ले ,
BBC लंदन की पत्रकार रह चुकी मुस्लिम पत्रकार हुदा जरीवाला का बयान ,
" जिसने भी मुसलमानो की मस्जिद शहीद की वो अपराधी है ",
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अपराधी कह रही है हुदा जरीवाला ,
सहारनपुर मस्जिद के 1896 के दस्तावेज़ है फिर भी मस्जिद को बुल्डोज़ कर दिया गया, काग़ज़ होते हुए भी मस्जिद को तोड़ दिया! हाईकोर्ट जाने का मौक़ा भी नहीं दिया गया! बोले हमज़ा मसूद
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद: 1909 की यह ईंट बता रही है कि मस्जिद 1911 में बनी थी। जिस मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया, उसी के मलबे से निकली यह ईंट आज उसकी मौजूदगी और इतिहास की गवाही दे रही है।
An MLA in UP got an FIR for praying for 2 minutes by the roadside.
What about those who block roads for miles, for 10 days, from morning till evening?
If 2 minutes of prayer gets an FIR while 10 days of road-blocking gets a free pass, this isn’t law and order—it’s blatant hypocrisy.
لو حصل هذا لأحد من أهلك..
هل كنت ستقبل بالصمت؟
صحفية هندية مسلمة تتعرض للضرب والإهانة أثناء قيامها بعملها، في مشهد يعكس واقعًا مؤلمًا يواجهه كثير من المسلمين في الهند.
إلى متى تستمر هذه الانتهاكات دون محاسبة؟
نحن لا نطالب بالمستحيل، بل نطالب بتحرك حقيقي يحمي حياة المسلمين وكرامتهم، ويضع حدًا للكراهية والاعتداءات بحقهم.
الصمت أمام الظلم قد يفهمه الظالم كرسالة واحدة: استمر، فلن يحاسبك أحد.
انشروا هذه المقاطع، وارفعوا أصوات إخوانكم وأخواتكم في الهند. ربما يصل صوتهم اليوم إلى من يستطيع أن يصنع فرقًا.
जिला मुरादाबाद के सर्किट हाउस के रोड पर मुस्लिम व्यक्ति द्वारा नमाज पढ़ी गई तो मुकदमा दर्ज कर दिया गया लेकिन वही कल जन्माष्टमी पर मेरठ पुलिस लाइन में यह नाच गाना हुआ है इसपर क्या कहेंगे?
दोनों ही सरकारी प्रॉपर्टी है दोनों धर्म अलग-अलग होने के कारण केवल मुस्लिम लोग पर FIR होती है
Indian authorities have demolished a mosque in Saharanpur, Uttar Pradesh, following a court ruling. The case was filed by a member of a Hindu nationalist group.
Mosque authorities say the building dates back to 1911. Rights groups are questioning the legality of the decision.
समाजवादी नेता पर मुरादाबाद सर्किट हाउस परिसर में नमाज पढ़ने पर FIR हो गयी,
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की गाडियां पलटाने पर, हुड़दंग करने पर, लोगों के साथ मारपीट करने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा पुष्प वर्षा की जाती है
खसरा नंबर 539 याक़ूब ख़ान वहीद ख़ान के नाम दर्ज है, जिसमें मंदिर, मस्जिद कलेक्ट्रेट सब है।
मस्जिद 1947 के पहले बनी है,वक्फ बोर्ड में दर्ज है।
बिना वक़्फ़ बोर्ड को पार्टी बनाये एक तरफ़ा फैसला देकर मस्जिद गिरा दी गई, देखिए चुनाव के पहले यू पी में नफ़रत फैलाने का कैसा खेल खेला जा रहा?
वैधानिक चेतावनी “भाजपाई दंगाइयों से सावधान”
दिल्ली पुलिस पर दो पत्रकारों की पिटाई का आरोप
4pm News Network की दो पत्रकारों पर कथित पुलिस हमले की निंदा हुई है. द वायर के लिए मोहम्मद इरफ़ान ने थाने में पत्रकारों और पुलिसकर्मियों से बात की.
पूरी रिपोर्ट: https://t.co/O6IDg93B5m
🔥 सवाल पूछने वाली आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता! ✊
साकेत थाने में पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के आरोपों ने पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
📢 पत्रकार सवाल पूछता है—और लोकतंत्र में सवाल पूछना उसका अधिकार है।
⚖️ आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए।
👇 यह मामला किन पत्रकारों से जुड़ा है?
पत्रकार नफ़ीसा ख़ान और साहिन ख़ान के नाम सामने आए हैं।
🔥 मुद्दा व्यक्ति का नहीं, पत्रकारिता की आज़ादी और इंसाफ़ का है।
❤️ वीडियो पूरा देखिए
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छात्र-छात्राओं से हार्दिक अपील: जौहर यूनिवर्सिटी और तालीमी इदारों को बचाने के लिए आगे आएं
देश के शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदा स्थिति, खासतौर पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चिंता बढ़ रही है। शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना और तालीमी इदारों की मजबूती के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
देश के युवाओं और छात्र-छात्राओं से अपील है कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर तालीमी इदारों की हिफाज़त के लिए आगे आएं और ऐसे संस्थानों में बढ़-चढ़कर दाख़िला लें, ताकि उनकी शैक्षणिक और सामाजिक प्रासंगिकता बनी रहे।
किसी भी संस्थान में कमी होने की स्थिति में उसे बातचीत और प्रशासनिक तरीकों से दूर किया जा सकता है। लेकिन किसी संस्थान को कमजोर करने की कोशिशों का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बेहतर शिक्षा के माध्यम से देश की शैक्षणिक बुनियाद को मजबूत किया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के देश के प्रति योगदान को याद रखते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे की हिफाज़त आज की महत्वपूर्ण जरूरत है। मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना देश की वास्तविक तरक्की संभव नहीं।
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सरकारी पैसों की बर्बादी देखिए..
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई नहीं रहता है लेकिन उस घर की सुरक्षा के लिए पिछले 20 साल से PAC का पूरा कैंप ड्यूटी देता है जिसमें 15 जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं!
टैक्स पेयर के पैसों की ऐसी बर्बादी इतिहास में आपने आज तक नहीं सुनी होगी.!
राजीव रंजन की पत्रकारिता को भी भी सलाम करता हूँ जिन्होंने ये सच दुनियां को दिखाया!