जब भाजपा के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था और उसने तीसरा उम्मीदवार उतारा, तभी से यह सब शुरू हुआ। उसी समय हमें समझ में आ गया था कि वे लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने की राजनीति कर रहे हैं। जो बात पहले वोट चोरी तक सीमित थी, अब वह सीट चोरी तक पहुंच गई है।
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया।
ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है।
आज इसके विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस इंचार्ज @Barmer_Harish जी, प्रदेश अध्यक्ष @jitupatwari जी और CLP नेता @UmangSinghar जी के साथ प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया।
हम किसी भी कीमत पर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे।
📍 मध्य प्रदेश
BJP और चुनाव आयोग 'वोट चोरी' से आगे बढ़कर अब सीधा 'सीट चोरी' पर उतर आए हैं।
मीनाक्षी नटराजन जी का राज्यसभा नामांकन बिना कारण रद्द करना, इसी सीट चोरी का हिस्सा है।
हमें ये बिल्कुल भी मंजूर नहीं- इस अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ते रहेंगे, आवाज़ उठाते रहेंगे...
📍 मध्य प्रदेश
चुनाव आयोग के साथ मिलकर मोदी लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं.
इसी साजिश के तहत आज मध्य प्रदेश से राज्य सभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया गया.
इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ जब कांग्रेस का डेलिगेशन चुनाव आयोग पहुंचा तो आयोग के अधिकारी उनसे मिलने को तैयार नहीं थे.
ऐसे में कांग्रेस के डेलिगेशन को चुनाव आयोग के बाहर ही धरने पर बैठना पड़ा.
देश देख रहा है - मोदी और चुनाव आयोग कैसे लोकतंत्र को खत्म करने में लगे हैं.
@sakshijoshii ये CJP अचानक पैदा नहीं हुई है, इसमें महीनों सालों की मेहनत है AAP=BJP की तब जा कर ये CJP पैदा हुआ है। जैसी इनके आकाओं की सोच है वैसी ही इनकी भी। ये कोई पार्टी या मूवमेंट नहीं है बल्कि ये छपरी हैं जिन्हें कुछ view और likes से खुशी मिल जाती है बस। मनोरंजन का नया साधन बनाया है 🤡🤡
@Cockroachisback युवाओं से गुजारिश है कि आप और हम कॉकरोच नहीं हैं, ऊपर वाले ने इंसान के घर में इंसानी शक्ल में पैदा किया और हमे उसका शुक्रगुज़ार होना चाहिए। BJP का विरोध युवा कर रहें हैं ज़मीन पर जो हर शहर-राज्य में भाजपा का विरोध करते हुए लाठी और वाटर कैनन झेल रहे हैं। युवा CJP से दूर रहें। @IYC
बेरोज़गार युवाओं को 'कॉक्रोच' समझने वाले भारत के मुख्य न्यायाधीश इस समय क्या कर रहे हैं - मालूम है? मी लॉर्ड इस समय लंडन की खूबसूरत फिज़ाओं में बैडमिंटन का टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
जून का महीना चल रहा है. देश में भयंकर उमस और गर्मी है तो मी लॉर्ड महोदय यहां कैसे खेलते? पसीना निकलता. कहीं बेहोश हो जाते तो? मी लॉर्ड के मनोरंजन में कहीं कोई कमी न रह जाये इसलिये मोदी जी के कानून मंत्री किरण रिजिजू ने खुद आगे बढ़कर लंडन में टूर्नामेंट कराने का इंतज़ाम कराया.
भारत का कानून मंत्रालय मी लॉर्ड और उनके चेले-चमचों का खेल स्पॉन्सर कर रहा है.
बैडमिंटन तो अकेले खेला नहीं जाता इसलिये मुख्य न्यायाधीश का साथ देने देश कानून मंत्री भी लंडन पहुंचे हुये हैं. उन्होंने और मी लॉर्ड ने मिलकर बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन किया. पांच लाख का इनाम भी रखा है. 1000 रुपये एंट्री फीस. सूर्यकांत और रिजिजू के अलावा भारत के 150 जज और वकील इस वक्त लंडन में बैडमिंटन टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
कितना सुंदर दृश्य होगा! भारत का मुख्य न्यायाधीश जो युवाओं को 'कॉक्रोच' समझता है और युवाओं को 'कॉक्रोच' बनाने वाली सरकार का कानून मंत्री एक साथ बैडमिंटन खेल रहे हैं. एक से बढ़कर एक शॉट्स मार रहे हैं. चेले-चमटे तालियां बजा रहे हैं. दमकते-महकते माहौल में बियर, व्हिस्की परोसी जा रही है.
मी लॉर्ड और माननीय मंत्री जब खेल रहे होंगे तब उनके हाथ में रैकेट होगा. जब नहीं खेल रहे होंगे तो हाथ में बियर या व्हिस्की का ग्लास होगा. बैडमिंटन की बारिकियों के अलावा तब दोनों लोग, चुस्कियां लेते हुये, भारत को विश्वगुरु बनाने गंभीर चर्चा करते होंगे.
ब्रिटेन की राजधानी में, ब्रिटेन के गुलाम भारत की न्यायपालिका और कार्यपालिका का ऐसा मिलन अब तक कम से कम मैंने नहीं देखा या पढ़ा था.
मोदी जी चाहते हैं कि जनता सोना न खरीदे, बैलगाड़ी से चले, शादी-ब्याह का आयोजन न करे ,पैसा बचाये ताकि उनकी असफलताओं को ढंका जा सके. लेकिन इस देश का इलीट क्लास, देश को चूसकर भी लंडन में मौज कर रहा है. पर मोदी जी कुछ नहीं बोलते.
@vdiimc
सेल्यूट कॉमरेड डॉ. सुजान चक्रवर्ती। सीपीआईएम केंद्रीय समिति के सदस्य, उस समय सबसे आगे थे जब बंगाल में भाजपा सरकार की पुलिस ने जादवपुर में उसके बुलडोजर राज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया।
आपको पता है, वहां से सांसद कौन हैं? सयानी घोष @sayani06 ! फासीवाद के विरोधी की प्रतीक! मीडिया की चहेती। टीएमसी की दुलारी
यह तस्वीर आपको राष्ट्रीय मीडिया में नहीं मिलेगी। लेकिन बंगाल के लोग अब समझ रहे हैं कि ज़मीनी स्तर पर उनकी लड़ाई कौन लड़ रहा है।
2002 का गुजरात सांप्रदायिक दंगा भारत के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है जिसके गुनाहगारों में चाहते न चाहते ममता दीदी ने खुद को शामिल कर लिया।
गुजरात में भारी हिंसा, सैकड़ों निर्दोषों की हत्या, सांप्रदायिक दंगों के बीच संसद सत्र 15 अप्रैल, 2002 को शुरू हुआ। इस सत्र में, वामपंथियों ने 'मोदी हटाओ, गुजरात बचाओ' का नारा लगाया।
वामपंथियों ने अन्य विपक्षी समूहों के साथ मिलकर एक प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की मांग करी, जिसमें कहा गया था कि यह सदन सांप्रदायिक दंगों के दौरान गुजरात में अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करने में मोदी सरकार की विफलता से गहरी चिंता व्यक्त करता है।
टीएमसी ही वह पहली पार्टी थी जिसने अटल बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखकर सूचित किया कि वे संसद में प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेंगे। टीएमसी ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करके केंद्र में भाजपा सरकार और गुजरात में मोदी सरकार, दोनों को बचा लिया। संसद में मतदान ऐसे समय हो रहा था जब बजरंग दल की बर्बर ताकतें गुजरात की सड़कों पर आतंक मचा रही थीं; निर्दोष मुसलमानों को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर रही थीं, महिलाओं के साथ बलात्कार कर रही थीं और उनके शरीर के टुकड़े कर रही थीं। उस समय ममता बनर्जी अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि मोदी सरकार को सुरक्षित करने के लिए खड़ी थीं।
कृष्णा बोस ने अपनी पुस्तक 'एन आउटसाइडर इन पॉलिटिक्स' में लिखा है कि ममता बनर्जी ने टीएमसी के सभी सांसदों को भाजपा सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए कैसे विवश और राजी किया था। उन्होंने सभी सांसदों को उपस्थित रहने और सरकार के समर्थन में खड़े होने का व्हिप जारी किया था।
गुजरात दंगों के बाद, जब मोदी ने मतदाताओं को सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकृत करके चुनाव जीता, तो ममता बनर्जी ने ही उन्हें जीत की बधाई देने के लिए फूलों का गुलदस्ता भेजा था। अपने इस समर्थन के बदले ममता को सितंबर 2003 में एनडीए मंत्रिमंडल में मंत्री पद के रूप में उपहार मिला।
You are talking about the genuine issue being taken by CJP - NEET paper leak, CBSE , so why Congress is not supporting it , after all it's the student's future issues.
@IYC & @nsui from day 1 is on the streets in every corner of India, doing a protest march against the education minister and taking out the rallies for our young students.
Not a single member of CJP or AAP came out to support this movement...
Not a single line of support or appreciation, so why are you having problems with us not participating??
Secondly, if we are not standing with CJP then why is the @AamAadmiParty getting so agitated or is so pissed off ??
What's the connection of CJP & AAP ??
◾Well there is the connection
▪️Their founder Abhijeet Dipke previously worked with the former Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal 's Office and later as a communications advisor in the Delhi Education Department
▪️Communications Fellow in the Delhi Chief Minister’s Office (around 2019–2021)
▪️Social media/digital campaign work for AAP
▪️Communications Advisor in the Delhi Education Department (around 2021–2024)
CJP founder Abhijeet Dipke uses to target and ridicule our leader Rahul Gandhi a lot .
◾When the Cockroach Janta Party account was formed, then also , they made the scratching attack on Congress and Rahul Gandhi. Now they might have deleted the posts like many others .
But never for once saw Abhijeet Dipke targeting Arvind Kejriwal....why ??
And in this @PKakkar_ you are questioning us & picking on us ??