उत्पादन निगम को राजस्थान सरकार जनहित में संचालित करती है। हमारा हिस्सा बेचने का मतलब, बिजली उत्पादन का व्यवसायीकरण और सरकार पर अतिरिक्त बोझ, मतलब जनता पर बोझ। हमारे लाभ में रखने के सभी रास्ते सरकार बंद कर चुकी है।
#save_rvun#save_rvun@BhajanlalBjp@RajCMO@DailyNavajyoti
उत्पादन निगम को राजस्थान सरकार जनहित में संचालित करती है। हमारा हिस्सा बेचने का मतलब, बिजली उत्पादन का व्यवसायीकरण और सरकार पर अतिरिक्त बोझ, मतलब जनता पर बोझ। हमारे लाभ में रखने के सभी रास्ते सरकार बंद कर चुकी है। #save_rvun@BChoulda@gopalbhojak@anandmahindra@RajCMO
उत्पादन निगम को सरकार की नीतियों की वज़ह से घाटे में लाकर, केंद्रीय इकाइयों के साथ इनका अनुबंध किया जा रहा है जिससे इन इकाइयों का संचालन केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नियमों के अधीन होगा जिससे आमजन को महंगी बिजली मिलेगी।#save_rvun@DainikBhaskar@RajCMO@madanrrathore
#Stop_Privatization_of_Electricity
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के सूरतगढ़ तापीय विद्युत् संयत्र में उत्पादन निगम के पॉवर प्लांटों के किए जा रहे ज्वाइंट वेंचर के विरोध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे अनिश्चित कालीन धरने के क्रम में।@CMORajasthan
#Stop_Privatization_of_Electricity
राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम के सूरतगढ़ थर्मल में राजस्थान सरकार द्वारा विद्युत् उत्पादन संयंत्रों के ज्वाइंट वेंचर के विरोध में कर्मचारियों एवं आधिकारियों द्वार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के क्रम में।@CMORajasthan
आरके शर्मा के अब तक 5 तकनीकी रिसर्च पेपर हो चुके है जारी
छबड़ा की 2320 मेगावाट इकाइयों से पूर्ण क्षमता पर उत्पादन रही है बड़ी उपलब्धि
पुगल में आरवीयूएन के सोलर पार्क में कोल इंडिया लिमिटेड को लाने में अहम भूमिका
@ankittiwadi#RajasthanWithZee
#Jaipur प्रदेश के ऊर्जा सेक्टर से जुड़ी बड़ी उपलब्धि
आरवीयूएन के सीएमडी आर.के.शर्मा को मिला अहम सम्मान
37वीं नेशनल कन्वेंशन ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान
इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर्स ने ऊर्जा सेक्टर में अभिनव योगदान के लिए सम्मान
#RajasthanWithZee
जिन्हे वृक्षारोपण के दावे झूठे लग रहे हैं वे स्वयं जाएँ और खदान के समीप बसाये इस जंगल को देखें जहाँ तरह -तरह के पेड़ ड्रिप्पिंग तकनीक से देख रेख में बड़े किये जा रहे हैं। नीम। महुआ , साल ,बरगद ,पीपल सभी ज़रूरी पेड़ यहाँ मौजूद हैं। #HasdeoKaSach#chhattisgarh#plantation
छत्तीसगढ़ के हसदेव-अरण्य वन क्षेत्र की पीईकेबी-परसा कोयला खदानों से कोयला खनन के साथ साथ CSR के तहत हो रहे विकास कार्यों का निष्पादन भी देखा जाए । राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम क्षेत्र के विभिन्न प्रकार के शिक्षा, चिकित्सा संबंधी सभी विकास कार्य हेतु तत्पर है । @RVUNCoalBlock
एवज में 48 लाख वृक्षों का रोपण किया जा चुका है। साथ ही 8,946 वृक्षों का ट्रांसप्लांटेशन भी किया जा चुका है। अतः यह कहना नितांत गलत है खनन प्रक्रिया हेतु जंगल उजाड़ रहे हैं।
#Hasdeo#powercrisis#poweroutage
#हसदेव_अरण्य वन क्षेत्र के तकरीबन 1 लाख 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में से कम वन सघनता वाले 4,000 हेक्टेयर वन क्षेत्र में खनन हेतु 1898 हेक्टेयर भूमि पीईकेबी कोल ब्लाॅक हेतु दो चरणों में आवंटित की गई थी। इसके एवज में करीब 3800 हेक्टेयर
रेवेन्यू भूमि सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया एवं सूरजपुर वन क्षेत्र में चिन्हांकित कर वन विभाग को वैकल्पिक वृक्षारोपण के लिए हस्तांतरित की गई एवं वृक्षारोपण के लिए 215 करोड़ रूपए प्रदान किए गए। पीईकेबी प्रथम चरण में खनन के पश्चात
#Hasdeo