@kalisenachief ✅✅✅✅
OBC/SC/ST मेरे भाइयों इन पौंगा पंडितों की बातों में मत आना
इन्होंने हमेशा हमारे समाज को तोड़ा है हमेशा हमें नौकरियां से वंचित रखा है हमेशा हमें पीछे ढकेलने की कोशिश की है।आज हमारा समाज थोड़ा जागरूक क्या हुआ इनकी गांड फटने लगी है इन्हें 10% EWS मिल रहा है फिर भी देखो
ये लोग यही करने के लिए इकट्ठा होते हैं इसके लिए विरोध प्रदर्शन तो सिर्फ एक बहाना है असल मकसद तो दंगा भड़काना है!
एक तरह सोशल मीडिया में आकर नारी सम्मान की बात करते हैं दूसरी तरफ ग्राउंड पर नारी को ही गलियाँ देते हैं ये ग़ालिबाज पार्टी के ग़ालिबाज कार्यकर्ता!
@Abhiofficial005 🤣🤣 इन कमीनों के साथ कोई नहीं गया,मैने तो पहले ही कहा था।इन नफ़रत फैलाने वालों के साथ कोई नहीं जाएगा।🤣🤣
चले थे गुंडा बनने 🤣 अब मज़ा आगया इनकी कोई कुत्ता भी नहीं सुनता।
एक एक करके सभी नफरतियों का नम्बर लगेगा,इन्हों इतनी गंध मचा रखी है,समाज मैं अपनी अपनी बारी का इंतजार करो 🤣
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में जो नफरती दंगाई स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में एकजुट हुए उन्होंने एक महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की महिला पत्रकार को गंदी गंदी गालियां दी ,
कुछ तो नफरती चिंटू मारपीट करने के लिए आगे आए सोचिए इन दंगाइयों से आम लोगों को कितना खतरा है।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के भूमि विवाद में जिला जज की अदालत द्वारा 3 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश (बेदखली, ध्वस्तीकरण और 6 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति) को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज करने के बाद 4 सितंबर, शुक्रवार को एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट का भारी पुलिस बल के साथ मस्जिद को सील कर आज सुबह 5 बजे अंधेरे में ध्वस्त करने का कार्य न केवल जल्दबाजी में लिया गया कदम है बल्कि मस्जिद पक्ष को उपलब्ध न्यायिक उपचार के अवसर को कमजोर करने और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण तक पहुंचने से पहले ही कार्रवाई कर देने वाला कदम है।
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन यह मामला बेहद संवेदनशील है। मस्जिद पक्ष का कहना है कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण साक्ष्यों और ऐतिहासिक दस्तावेजों पर समुचित विचार नहीं किया। उन्होंने पुराने राजस्व अभिलेखों, वक्फ पंजीकरण, 1947 से पहले के अस्तित्व और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से जुड़े प्रावधानों के साथ 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल, नगर पालिका परिषद में दर्ज नाम सहित अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत किए हैं।
मस्जिद पक्ष का दावा है कि संबंधित मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और भूमि वक्फ संपत्ति का हिस्सा है। खेवट नंबर 10/1 का उल्लेख करते हुए यह भी दावा किया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि वाहिद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है तथा संपत्ति 1947 से पहले की है। मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
अब जबकि मस्जिद को ध्वस्त किया जा चुका है, सवाल यह है कि उच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती के विकल्प के बावजूद प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की? जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वे अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इसके बावजूद सुबह 5 बजे इस कार्रवाई को अंजाम देने की क्या आवश्यकता थी? यह कार्रवाई भाजपा सरकार की साम्प्रदायिक राजनीति और अपने समर्थकों के तुष्टीकरण का एक और उदाहरण है।
यह अन्याय याद रखा जाएगा!
@neha_laldas 🤣😀✅✅अपने घर से दिया था किया तुमनें
अगर ऐसे ही फ्री में मिल रहे है तो तुम लेलो अपने बाप को दिलवा दो😀🤣
😀🤣बोलो अपने पापा से की मुझे भी पद्मविभूषण चाहिए। शायद मिल जाए 😀🤣
@tarunjatav50 🤣इन मैडम जी का बड़ा आभारी हूं इन्हों मस्त लपेट वा दिया 🤣
🤣🤣 ये स्वतंत्र भारद्वाज तो गया लम्बा 🤣🤣😃
कैसे कुत्तों की तरह बिलबिला रहा था
और इसके चमचे बाहर बिलबिला रहे हैं 😀😀
वाह क्या दिन आ गए हैं
स्वतंत्र भारद्वाज को जेल से छुड़ाने के लिए अभिषेक ठाकुर दिल्ली संसद मार्ग थाना पहुंच रहा
दिल्ली पुलिस से अपील है कि अगर माहौल खराब करे तो इस अराजक तत्व पर भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।
Delhi Police must answer: Why did the police ask Shaheen and Nafeesa their names and then beat them? Why were they subjected to such inhuman treatment?
Is Delhi Police acting as an extension of the RSS to harass minorities?
यह देखिए देश की सुरक्षा व्यवस्था। एक 307 का मुल्जिम और आदतन अपराधी पुलिस और देश की टॉप सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए वीआईपी पास हासिल करता है और पीएम के सुरक्षा घेरे के एकदम निकट पहुंच जाता है।
अभिषेक ठाकुर जैसे नफ़रत फैलाने वाले लोगों से साफ कहना चाहता हूँ—
कपिल मिश्रा जैसे भाजपा नेताओं के चक्कर में मत पड़ो।
आज ये नेता तुम्हें भड़का देंगे, लेकिन कल अगर कानून के चक्कर में फँस गए तो तुम्हारी पूरी ज़िंदगी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते निकल जाएगी। उस वक्त तुम्हें बचाने कोई भाजपाई नेता नहीं आयेंगे !
इसलिए किसी के बहकावे में मत आओ।
नफ़रत की फैलाना बंद करो !
और हाँ—अपनी औकात में रहो, कानून से ऊपर कोई नहीं है
जय भीम 💙
जय संविधान 🇮🇳