बात यह नहीं की अजित भारती ने क्या प्रतिउत्तर दिया, सवाल यह है की आखिर इन लोगो की इतनी नीच बलात्कारी मानसिकता क्यों है कि यह हर किसी कि बहन बेटी का बलात्कार करना चाहते हैं? वर्मा ने कहा था अपनी बेटी लाओ मेरे बेटे से सम्बन्ध बनवाओ यानि बलात्कार करवाओ? इसके बाद इनके नेता ने कहा था हर घर से वर्मा निकलेगा यानि तुम्हारी बेटियों का बलात्कारी निकलेगा? बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और बेटी का बलात्कार करवाओ? देश में इतनी घृणित घटनाये घट रही है और हिजड़ो का भगवान मज़े ले रहा है
सवर्ण समाज के भाइयों और बहनों,
आपको क्या लगता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा कितनी सीटें जीत सकती है?
अपनी राय कमेंट करके जरूर बताइए।
#राष्ट्रीय_अधिकार_मोर्चा#उत्तरप्रदेश#सवर्ण_समाज
पता नहीं वह कौन सा हिंदू है जो इतने बड़े
हिंदू शासक को 2027 में हराने की बात करते है
जो हमेशा हिंदू हित की बात करता हो
उसके विषय में हम भला गलत क्यों सोच रहे है
महाराज जी को 2027 में फिर लाना है।
चाहे कुछ भी हो जाए 🙏🙏
श्रावस्ती पुलिस द्वारा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की एक बैठक को रोक गया।
ये सीधे तौर पर मौजूदा सरकार की सवर्ण समाज को चुनौती है।
अगर सवर्ण समाज इस पर मौन है तो ये सिर्फ कायरता का प्रदर्शन है।
#सवर्ण_विरोधी_भाजपा
श्रावस्ती पुलिस द्वारा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की एक बैठक को रोक गया।
ये सीधे तौर पर मौजूदा सरकार की सवर्ण समाज को चुनौती है।
अगर सवर्ण समाज इस पर मौन है तो ये सिर्फ कायरता का प्रदर्शन है।
#सवर्ण_विरोधी_भाजपा
और आपके बच्चे क्या कर रहे हैं? पार्टियों के मज़दूर बन कर उनका झंडा उठा रहे हैं? तुम हिन्दू मुस्लिम, दलित ब्राह्मण करते रहना और अपने बच्चो से मज़दूरी करवाते रहना, वो राज कर रहे हैं और उनके बच्चे भी राज करते रहेंगे
तोहरि पंडित की ऐसी की तैसी..
देखिए कैसे ये दलित युवक एक बुर्जुग पंडित को हड़का रहा है।
और हमारे लोकतंत्र का दोगलापन देखिए जिस भाषा में ये दलित बात कर रहा है, उसी भाषा में अगर पंडित जी जवाब दे तो SCSTAct में FIR और जेल।
https://t.co/z115uobdqH
प्रणाम ।
सवर्ण महासंघ ।
11 मार्च 2026
*सभी सवर्णों को पूरा पढ़ना है और फारवर्ड करना है ।
अधिक से अधिक सवर्णों तक बात पहुंचनी चाहिए ।
आप सभी के बहुत अधिक फॉलोअर्स हैं अतः करबद्ध निवेदन है कि संदेश को सभी तक पहुंचाने का कष्ट करें ।
*****
संदेश ...
इन सो कॉल्ड सवर्ण नेताओं ने इस लड़ाई को इतना अधिक बिखरा दिया है कि हम किसी एक बात पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं ।
सवर्णों के लिए प्राथमिकता निम्नवत होनी चाहिए
1 - sc st एक्ट
2 - यूजीसी
3 - आरक्षण
लेकिन हमारे नेता किसी एक चीज पर नहीं टिक रहे हैं ।
ऐसे जंग नहीं जीती जाती हैं ।
सबसे पहले हमें क्षणभर के लिए ठहरना होगा, आत्ममंथन करना होगा ,
किसी एक शहर में आंदोलन खड़ा करने से पहले ठोस बैठक करनी होगी
सबको एक छत के नीचे आना होगा ।
कॉमन मिनिमम एजेंडे के तहत आम सहमति बनाते हुए आगे बढ़ना होगा ।
फिलहाल हो ये रहा है कि जैसे सुबह 4 बजे मुर्गा बांग देता है ठीक वैसे ही हमारा सवर्ण नेता अचानक कहीं से खड़ा हो कर आवाज लगा रहा है और एक तारीख बता कर सबको किसी एक शहर में इकट्ठा होने को कह दे रहा है ।
दिशाहीन सवर्ण भी भीड़ की तरह उस शहर में पहुंच रहा है लेकिन आगे क्या करना है ये किसी को नहीं पता है ।
मुझे लगता है कि लोगों के पास अक्ल ज़रा सा कम है ।
बुध्दिबल से अधिक बाहुबल पर केंद्रित हो रहे हैं ।
शक्ति प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं ।
साथियों सबसे पहला हमारा काम ये है कि किसी एक शहर में हमको मिलना चाहिए ।
पुरुष एवं महिलाएं, जो भी सोशल मीडिया में सवर्ण आंदोलन से जुड़े हैं सबको किसी एक शहर में मिल कर कम से कम 3 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करना चाहिए ।
इस कार्यशाला में सबको आने की आवश्यकता नहीं होगी ।
केवल वही लोग आएंगे जो कम से कम पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री धारक होंगे ।
इस कार्यशाला में आगे का काम कब और कैसे करना है इस पर मंथन करना अति आवश्यक है ।
इस कार्यशाला के लिए उत्तराखंड का रामनगर या हल्द्वानी शहर उपयुक्त रहेगा ।
हम सब चंदा इकट्ठा करेंगे ।
3 दिन के लिए कोई भी एक होटल बुक करेंगे जहां हमारी कार्यशाला लग सके ।
ये बिल्कुल एक प्राइवेट फंक्शन की तरह होगा जिसमें किसी से कोई परमिशन लेने की आवश्यकता नहीं होगी ।
3 दिनों तक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक हम सब मिल कर खूब बहस करेंगे ।
सारे पहलुओं पर चर्चा करेंगे और निष्कर्ष पर पहुंचेंगे।
अंत में ठोस निर्णय के साथ एक टीम का गठन किया जाएगा ।
सर्वसम्मति से देश में सवर्णों का एक नेता भी चुना जाएगा ।
फिर सारी लड़ाई इसके अधीन हो कर लड़ी जाएगी ।
ऐसा करने से हमारी एकता निखर कर बाहर आएगी ।
संगठन मजबूत बनेगा ।
कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा नहीं होगी ।
आंदोलन एक दिशा में आगे बढ़ेगा और हमें शीघ्र परिणाम देखने को भी मिलेंगे ।
उदाहरण...
यदि हमारा नेता कहेगा कि फलां पार्टी को वोट देना है तो देश का सवर्ण उस पार्टी को वोट देगा ।
ऐसा करने से इन राजनीतिक दलों में खलबली मच जाएगी ।
सवर्णों को लुभाने की दिशा में काम होने लगेंगे ।।
यद्यपि ऐसा नहीं किया गया तो अगले 100 वर्षों तक लड़ कर देख लीजिए, सफलता नहीं मिलेगी ।
दिशाहीन हो कर कोई भी जंग नहीं जीती जाती है ।
धन्यवाद
दिल्ली में नजरबंद किए जाने के बाद भी सवर्णों ने मोदी सरकार की धज्जियां उड़ा दी है...
--तानाशाह ओर इसके प्यादे दुम दबाए बैठे हैं...
मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी..!
मोदी तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी नहीं चलेगी..!
#RollbackUGC
स्वर्णों, आगे से अपना नेता ऐसा चुनना जो सबसे पहले अपने समाज के लिए खड़ा दिखाई दे।
सत्ता के लालच में डूबे चाटुकार लोगों को दूर भगाओ—जो अपने ही समाज के लिए आवाज़ न उठा पाए, वह नेतृत्व के लायक नहीं होता।
अगली बार ये लोग नजर आए भगाओ इनको..
सनातनी ब्राह्मण चौपाल (रजि.) के प्रमुख श्री मनोज दीक्षित भैया जी आज दिल्ली में UGC Act 2026 के विरुद्ध आयोजित आंदोलन में भाग लेने हेतु रामलीला मैदान पहुँचे थे, जहाँ से उन्हें Delhi Police द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया
जब दिल्ली प्रशासन ने आंदोलन स्थल पर नहीं जाने दिया तो साथियों ने वहीं प्रदर्शन शुरू कर दिया..
हमारे साथ भाई अभिषेक शुक्ला, दीपक गौड़, श्रीनिवास पांडे, भाई अनुराग प्रताप, भाई अजीत सिंह सहित हजारों साथी मजबूती से बिना डरे आवाज उठाते रहे..
#UGC_Roll_Back#UGCRollBack