सेना की वर्दी 'जातिवादी चश्मे' से नहीं देखी जाती है। भारतीय सेना का प्रत्येक सैनिक 'राष्ट्रधर्म' निभाता है, न कि किसी जाति या मजहब का प्रतिनिधि होता है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा एक वीरांगना बेटी को जाति की परिधि में बांधना न केवल उनकी पार्टी की संकुचित सोच का प्रदर्शन है, बल्कि सेना के शौर्य और देश की अस्मिता का भी घोर अपमान है।
यह वही मानसिकता है, जो तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में राष्ट्रभक्ति तक को बांटने का दुस्साहस करती है।
इस विकृत जातिवादी सोच को जनता फिर जवाब देगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की 33% उपस्थिति अनिवार्य हो, इसकी गारंटी दी है...
'लोकमाता' पूज्य देवी अहिल्याबाई होल्कर जी के त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के अंतर्गत लखनऊ में आज आयोजित प्रदेश कार्यशाला में सम्मिलित हुआ।
अहिल्याबाई होल्कर जी ने सत्ता संभालने के बाद बहुत ही स्पष्ट उद्घोषणा की थी कि मेरा पथ धर्म का पथ है, धर्म का पथ ही न्याय का पथ है। न्याय का पथ हमें सर्वशक्तिमान और समर्थ बनाने में सहायक हो सकता है और उसी भाव के साथ उन्होंने उस कालखंड में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना में अपना योगदान दिया था।
उस विशाल और विराट व्यक्तित्व के प्रति भारत की सनातन धर्म की पवित्र परंपरा ने उन्हें 'पुण्यश्लोक' के रूप में सादर नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की है।
उनकी पावन स्मृतियों को नमन!