शिक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाली कालीबाई कलासुआ की जन्मभूमि रास्तापाल खरखोड़िया स्कूल खंडहर बनता जा रहा है!
लेकिन शिक्षा मंत्री को उलूल जुलूल बयान के अलावा कुछ नहीं आता है!
बीजेपी नेता शिक्षा व्यवस्था का ब���डागर्क करने पर तुले है इसलिए स्कूलों की सुध नहीं ले रहें है!
आदिवासी समाज किसी राजनीतिक विचारधारा का वोट बैंक नहीं है। वह अपनी संस्कृति, इतिहास और अधिकारों के साथ स्वतंत्र सामाजिक पहचान रखता है।!!?
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो@madanrrathore
जिन लोगो को हमारे एक दिवस मनाने से इतनी दिक्कत है??
क्या ये लोग ह���ारे कभी हितेषी रहें होंगे??
क्या ये लोग कभी हमारे हितेषी हो सकते है??
कोई आदिवासी सपने में भी नहीं सोचे की बीजेपी कभी तुम्हारी हितेषी होंगी 👇👇
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
संस्कृति किसी दल के एजेंडे से नहीं, बल्कि जन-जन की भावनाओं से चलती है। ��मारे पर्वों में दखल देने की कोशिश पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जनता अपनी संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
बाबू पन्ना और मदन तेली ये कान खोलकर सुन ले...!
बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर और आदिवासी समाज के लिए मजबूत करने वाले जयपाल सिंह मुंडा नहीं होते तो शायद आज तुम्हारे जैसे नेताओं के गले में टाई की जगह....
गले हांडी और पीठ पीछे झा��ू लटका होता!
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
⚠️ #मदन_राठौड़_माफी_मांगो क्योंकि इस देश के मूल मालिकों आदिवासियों के प्रति भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की ये कुंठित मानसिकता बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
नरेंद्र मोदी बताये क्या ये भाजपा की पार्टी लाइन है ?
आदिवासी समुदाय से माफी मांगने से काम नहीं चलेगा। नरेंद्र मोदी को मदन राठौड़ का भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के पद से इस्तीफा भी लेना होगा।
विश्व आदिवासी दिवस को फर्जी बताने वाले बिरसा मुंडाजी का सहरा लेकर बचने की कोशिश कर रहा है!
बात विश्व आदिवासी दिवस को फर्जी बोलने को लेकर थी तो माफ़ी मांगिये....
अन्यथा आदिवासी समाज चुप नह��ं बैठेगा!
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो
@madanrrathore
🏹राजस्थान की धरती पर आदिवासी समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। ऐसे समाज के विश्व आदिवासी दिवस को लेकर अपमानजनक टिप्पणी लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
#मदन_राठौड़_माफी_मांगो@madanrrathore
विश्व आदिवासी दिवस पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय जनजाति मंत्री जुएल ओरम, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भाजपा के आदिवासी नेताओं द्वारा अपनाया गया भेदभावपूर्ण रवैया निंदनीय हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा विश्व आदिवासी दिवस मनाने वाले जागरूक आदिवासी युवाओं के लिए ‘भेड़चाल चलने वाले’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना भी अत्यंत निंदनीय है।
वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज को शुभकामनाएँ तक नहीं देना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
इस बार विश्व आदिव���सी दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार का जो भेदभावपूर्ण रवैया देखने को मिला है, उससे आदिवासी समाज के प्रति भाजपा-आरएसएस की सोच का असली चेहरा देश के सम्पूर्ण आदिवासी समाज के सामने बेनकाब हो गया ��ैं।
अब आदिवासी युवा आपकी कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुका है। जागरूक आदिवासी युवा अपने अधिकारों, सम्मान और अस्तित्व के प्रति सजग है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका उचित जवाब जरूर देगा।
जोहार। जय आदिवासी
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पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर 20 जुलाई को हुई बर्बरतापूर्ण सरकारी कार्रवाई के विरोध में आज भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में आज लखनऊ रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान जी का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है। यह उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज़ की जीत है, जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया।
लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक शिक्षा व्यवस्था मे��� जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस संघर्ष से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं, युवाओं और साथियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।