राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र की सरकार भील प्रदेश को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे।
जो राज्य सरकार भील प्रदेश का समर्थन नहीं करती, हम उस सरकार का समर्थन नहीं करेंगे। आदिवासी इस देश के वास्तविक मालिक हैं। उन्होंने संस्कृति, जल, जंगल, जमीन की रक्षा की है। देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय को भील प्रदेश राज्य बनाने का प्रस्ताव भेजेंगे।
- शंकरसिंह वाघेला (पूर्व मुख्यमंत्री गुजरात व पूर्व केंद्रीय मंत्री)
दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद भवन तक पैदल मार्च कर रहे शिक्षित बेरोजगार युवाओं और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकतांत्रिक देश में युवाओं की आवाज़ को इस तरह बलपूर्वक दबाया नहीं जा सकता। अपनी जायज़ मांगों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण अनशन कर रहे युवाओं से संवाद करना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उनकी आवाज़ को दबाना।
युवा हितैषी होने का दावा करने वाली मोदी सरकार ने अब तक इन युवाओं से सार्थक चर्चा करना भी उचित क्यों नहीं समझा ? संसद भवन के बाहर बीजेपी सरकार द्वारा युवाओं पर किये लाठीचार्ज को पूरा देश देख रहा है।
@narendramodi@RahulGandhi@kharge@AmitShah@ANI@PTI_News@ndtv@TOIIndiaNews
प्रतापगढ़ जिले के जूना बोरिया (धरियावद) में वन विभाग द्वारा वर्षों से निवासरत नाथ समाज एवं आदिवासी समाज के घरों को ध्वस्त करने की कार्यवाही निंदनीय है।
जो घर गिराए गए हैं, उनमें पीएम आवास योजना के तहत बना हुआ मकान भी सम्मिलित है।
उन पीड़ित परिवारों के न्याय की लड़ाई के लिए बाप पार्टी विधायक @MlaThawarchand एवं स्थानीय कार्यकर्ता दो दिन से धरने पर बैठे हुए हैं।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp व @PratapgarhDm से अनुरोध है कि मामले में उचित कार्यवाही कर पीड़ितों को न्याय दें।
@zeerajasthan_@News18Rajasthan@1stIndiaNews@rpbreakingnews
कहीं अनजाने में आप अपराध के भागीदार तो नहीं बन रहे?
सावधान! चोरी का मोबाइल खरीदना, सीधे तौर पर अपराध को बढ़ावा देना है।
पुराना मोबाइल खरीदते समय सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। चोरी का मोबाइल खरीदना व बेचना कानूनी अपराध है।
अपने मोबाइल से *#06# डायल कर IMEI नंबर प्राप्त करें।
SMS में KYM <IMEI नंबर> टाइप करके 14422 पर भेजें।
यदि स्टेटस में 'Blacklisted', 'Duplicate' या 'Already in use' दिखाई दे, तो वह फोन चोरी का या अवैध हो सकता है।
राजस्थान पुलिस की अपील- सजग नागरिक बनें, सत्यता की जाँच करें और अपराध मुक्त समाज बनाने में हमारा सहयोग करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
#RajasthanPolice #CyberSecurity #Awareness
#Jaipur Police
#StaySafe
राजस्थान की जनता पूछ रही है कि आखिर बिजली के बिलों में अचानक इतनी बढ़ोतरी क्यों हो रही है? गरीब, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों पर बढ़ता आर्थिक बोझ चिंता का विषय है। सरकार जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उचित समाधान करे।
@RajCMO
@AVVNLHQ
#स्मार्ट_मीटर_लूटपाट_बंद_करो
राज्य के पाँचना बांध के पानी को लेकर जो आपसी विवाद उत्पन्न हुआ है, वो चिंताजनक है। वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि मध्यस्थता कर इस विवाद को खत्म करें।
सरकार के मौन धारण करने से ये विवाद और बढ़ सकता है और हिंसा का रूप ले सकता है।
भारत आदिवासी पार्टी इस मामले में दोनों पक्षों से अनुरोध करती है कि पाँचना बांध के पानी पर सभी का अधिकार है। इस विवाद का समाधान संवाद, न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर होगा, इसलिए सभी भाई शांति बनाये रखें।
CM @BhajanlalBjp से अनुरोध है कि पाँचना बांध के पानी विवाद का जल्द समाधान करावें।
प्रतापगढ़ सुहागपूरा CI सहित पुरे क्षेत्र का पुलिस प्रशासन भ्र्ष्टाचार के दल दल में डूबा हुआ है!!
भीलप्रदेश मुक्ति मोर्चा द्वारा दिए गए ज्ञापन में सुहागपूरा CI द्वारा युवाओं के साथ की अभर्दता से समझ सकते है!!
#दांता_माइंस_निरस्त_करो
प्रतापगढ़ दांता माइंस से सड़क दुर्घटनाएं माइंस से पत्थर ढोने वाले बेलगाम भारी ट्रोलों "ओवरलोड और तेज़ गति" के कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं,पर्यावरण को होने वाले नुकसान वनों की कटाई और ट्रोलों की ओवरस्पीड के खिलाफ कई बार प्रदर्शन और चक्काजाम कर चुके है!!
#दांता_माइंस_निरस्त_करो
भजनलाल सरकार से प्रतापगढ़ निवासियों की मांग है की दांता,पीपलखुट,केलामेला क्षेत्र में भारी ट्रॉले,ओवरलोड ट्रॉलो को लेकर सख्त नियम बनाये जाये,अन्यथा तत्काल प्रभाव में दांता माइंस बंद कर दी जाये!!
#दांता_माइंस_निरस्त_करो
रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में राणा पूंजा भील जी की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम तथा बूंदी में बिजौलिया किसान आंदोलन के शहीद नानक भील जी की शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
लोकतंत्र में धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध जैसा बना दिया गया है।
कुचामन सिटी में शांतिपूर्वक विरोध दर्ज करा रहे युवाओं की गिरफ्तारी, उन्हें कानून सम्मत जमानत देने वाले तहसीलदार का रातों-रात तबादला, जिला पुलिस अधीक्षक का बेवजह ट्रांसफर तथा थाना अधिकारी का निलंबन बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ संविधान और कानून से भी ऊपर हो गए हैं, जिनके दबाव में आधी रात को प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में हस्तक्षेप करना पड़ा ? भाजपा प्रशासनिक तंत्र को पूर्णतः पार्टी का तंत्र बनाने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा प्रहार है। अधिकारियों में भय का माहौल बनाकर सरकार लोकतंत्र एवं शासन व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) इस तानाशाही और लोकतंत्र विरोधी रवैये का पुरजोर विरोध करती है। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के हर संघर्ष में जनता के साथ खड़ी है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज बुलंद करती रहेगी।
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg@News18Rajasthan@zeerajasthan_@1stIndiaNews@rpbreakingnews@BhajanlalBjp
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समुदाय को "वनवासी" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किए जाने के विरोध में आज संसदीय क्षेत्र बांसवाड़ा-डूंगरपुर के ब्लॉक झोथरी में भारत आदिवासी पार्टी एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
24 मई 2026 को नई दिल्ली में जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले आयोजित एक कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने समस्त आदिवासी समुदाय को "वनवासी" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया।
आयोजित कार्यक्रम में देश के समस्त आदिवासी समुदाय को धर्म के नाम पर आपस में लड़ाकर वोट बैंक की राजनीति करने पर चर्चा हुई है।
@ndtvindia@ABPNews@aajtak@News18Rajasthan@rpbreakingnews@1stIndiaNews@zeerajasthan_
जब देश के 14–15 करोड़ आदिवासियों की धरातलीय हकीकत को लेकर मैं देश की संसद में अपनी बात रखता हूँ, तो कई लोग कहते हैं कि आप किस जमाने की बात कर रहे हैं। अब तो देश बहुत प्रगति कर चुका है, भारत विश्वगुरु बनने जा रहा है।
मैं आज देश की वास्तविकता से कोसों दूर रहने वाले लोगों से कहना चाहता हूँ कि यह तस्वीर हमारे ही भारत देश की है। यह उसी भारत की तस्वीर है, जहां नेता “घर-घर नल और हर नल में जल” की बात करते हैं और जहां नारी शक्ति के सम्मान की बातें बड़े जोर-शोर से की जाती हैं।
यह मध्यप्रदेश व गुजरात राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र की बहन-बेटियों के पानी के लिए संघर्ष की तस्वीर है, जो अपने घरों से 2–3 किलोमीटर दूर स्थित गहरे कुओं से जान जोखिम में डालकर अपने जीवन-यापन के लिए पानी निकालने को मजबूर हैं। ऐसी परिस्थितियां देश के अधिकांश आदिवासी बहुल क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं।
इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इस देश का आदिवासी सरकारों से अधिक अपेक्षा नहीं करता है। वह सिर्फ यह चाहता है कि विकास के नाम पर उसके जंगल और जमीन न छीनी जाए।
आदिवासियों का विकास केवल कागजों में हुआ है, जबकि धरातल पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। सरकारों की दृष्टि में आदिवासी क्षेत्रों में खनन के लिए उद्योगपतियों को जमीन आवंटित करना, फैक्ट्रियां लगाना और संसाधनों का दोहन करना ही विकास माना जाता है।
वहीं जो आदिवासी अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जंगल-जमीन की रक्षा, आदिवासी संस्कृति, इतिहास तथा संवैधानिक अधिकारों को लागू करने की बात करते हैं, उन्हें विकास विरोधी या देश विरोधी मान लिया जाता है।
वर्तमान में टीवी चैनलों और सड़कों पर लगे होर्डिंगों में देश के विकास मॉडल को दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातलीय हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है।
झूठे सपनों से बाहर निकलिए और देश के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी, दलित एवं गरीब तबके के लोगों के संघर्षमय जीवन को देखिए, समझिए और महसूस कीजिये।
देश की राजधानी नई दिल्ली में 20-22 लाख आदिवासी समुदाय के लोग वर्षों से निवासरत हैं, पूर्व एवं वर्तमान केंद्र सरकार की आदिवासियों के प्रति उदासीनता की वजह से दिल्ली में रहने वाले आदिवासी समुदाय की गणना ST सूची में नहीं होकर सामान्य वर्ग में की जा रही है।
मेरा गृह मंत्री @AmitShah से अनुरोध है कि केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में निवासरत आदिवासियों की जनगणना एसटी कॉलम में कर उनके साथ न्याय करें।
@AmitShahOffice@gupta_rekha@ndtv@TOIIndiaNews@BBCHindi
आज डूंगरपुर जिला कलक्टर के मार्फत पूरे संभाग में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
भाजपा सरकार ने अपने मेनिफेस्टो में घरेलू कनेक्शन में 24 घंटे बिजली सप्लाई करने का वादा किया था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज ऐसी झुलसती गर्मी में मात्र 4-5 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है, वहीं शहरी क्षेत्र में लो वोल्टेज की भारी समस्या है। कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहने से पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और किसानों की स्थिति खराब है।
पूरे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त है। मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp बिजली व्यवस्था सुधारें।
माननीय विधायक महोदय जयकृष्ण पटेल जी को ख़ूब खूब धन्यवाद जोहार 🌱🙏🏾
विधायक फंड से #बागीदौरा कि जनता को शिक्षा को मजबूत करने के लिए स्वीकृत राशि से लाभान्वित करने के लिए समस्त जनता आपका आभारी है!
@MLA_jai_krishan
पुनः जोहार 🌱🙏🏾
@Bap03Bagidora@BAP12INDIA@Bap12Rajasthan