Instagram ने Rahul Gandhi और Vijay Thalapathy की ये वीडियो डिलीट कर दी है।
अब आप लोगों की ज़िम्मेदारी बनती है कि इस रील को इतना RT और शेयर करो कि हर भारतीय तक ये पहुँच जाए।🤝✊️
Vijay Thalapathy की इस Video ने सारे record तोड़ दिए है 2 घंटे में 100 million
इसी वजह से कुछ लोगों के दबाव में आकर meta इस तरह की videos को delete कर रहा
करो RT दबा कर dekhte है कितना delete करते है #VijayTNCM
@55MTQ_ ज़ालिम को ज़ालिम से टकराने दो,
और हमें (मासूमों को) इनके बीच से सलामत निकल लो।
पापियों (गुनाहगारों) का हिसाब होगा,
वो थरथराएंगे और गिर जाएंगे।
हम न थकेंगे, न झुकेंगे, न रुकेंगे,
हम आज़ाद हैं और स्वाभिमानी (इज़्ज़त वाले) हैं।
@myogiadityanath Desh or Pradesh k Badon ko dekh k log Sikhte hayn...
Baat ye alag hay ki Buri cheez nahi sikhni chahiye or Achchi chizen karne me waqt nahi lagana chahiye...
Burai kahin bhi ho uski purzor Mazammat karni hi chahiye
@myogiadityanath Ram ji Sabhi k liye Azeez hayn q k wo Bahut nek the unse unki praja me koi dukhi nahi tha...
Ummeed hay Aap bhi Unka Anusaran karenge or ek achche CM banenge...
All the best....
@ZeeNews Kya ham kabhi Apne Gireban me Jhakenge?
Ni q k Yahan bhi Insaf nahi ho raha hay .
Afsos Har jagah Alp sankhyak hi nishana banaye ja rahe hayn
Chahe wo Hindu ho Ya Muslim.
Jis Mulk me Insaf Kayam Nahi Hota wo Mulk Barbad Ho Jata Hay..
Jai Hind
@JaikyYadav16 Gunda dikhna or Gunda hona
Zameen Aasman ka fark hay
Tum Jyson ki to jalegi hi
In Dono ko sath dekh kar...
q k tumhare pas dhang ka koi mudda hi nahi hay
इस लड़की का नाम गुलफिशा फ़ातिमा है जो कि 9 अप्रैल 2020 से UAPA के तहत तिहाड़ जेल में बंदी है, यानी साढ़े चार साल से जामिया की छात्रा इसलिए जेल की दीवारों में क़ैद है क्योंकि वो मज़हब से मुसलमान है औऱ जमानत नियम उन पर लागू नहीं किया जा सकता, गुलफिशा की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की जाती है तो हाई कोर्ट जाने के लिए कहा जाता है, याचिका हाई कोर्ट में दाख़िल की जाती है तो जमानत देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज़ कर दी जाती है, HC से खारिज़ होने के बाद याचिका SC में डाली जाती है तो फिर सुनवाई टाल दी जाती है, SC में सुनवाई के लिए तारीख़ पर तारीख़ मिलती है फिर कुछ माह या वर्ष बाद याचिका खारिज कर HC जाने के लिए कह दिया जाता है, पिछले साढ़े चार सालों से उनका परिवार उनका एडवोकेट हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट दौड़ रहे है ,परिवार टूट रहा है गुलफिशा के माता पिता अपनी बेटी के लिए तड़प रहे है बिलख रहे है और नींद ना आने पर नींद की दवाईयों को सहारा बना सो जाते है, हर रोज़ इसी उम्मीद में बूढ़ी आंखे खुलती है कि आगामी सुनवाई की तारीख़ पर जमानत मिल जायेगी और जल्द हमारी बेटी हमारे बीच होगी, बस इसी उम्मीद में उनके साल माह की तरह गुज़र रहे है और बूढ़ा शरीर उम्मीद जी रहा है!
आरोपियों को बिना ट्रायल जेल में रखना न्यायपालिका के वज़ूद के बारे में दर्शाता है कि किस तरह अदालतों के अंदर की रीढ़ की हड्डियां टूट चुकी है औऱ झुक कर किसी को तो सलामी दे रही है, अब गिरफ्तारी ही सज़ा बन गया है, ट्रायल से पहले ही जेल में रख आरोपी को नही बल्कि पूरे परिवार को सज़ा दी जा रही है, और सज़ा भी ऐसी कि ना सुनवाई चल रही ना दलीलें अगर कुछ चल रहा है तो वो आदेश जो सत्ताधीशों द्वारा लिखे जाते है!
#ReleaseGulfishaFatima #GulfishaFatima