जमुई में इंसानियत शर्मसार!
ये कौन लोग हैं, जिन्हें बिहार की बेटियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस हो रहा है? नाबालिग छात्र-छात्राओं के साथ रास्ते में दुर्व्यवहार की यह घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
सवाल सीधा है—बिहार में कानून का राज कहाँ है?
यदि अपराधियों में कानून और पुलिस का भय है, तो ऐसी घटनाओं को अंजाम देने का साहस उन्हें कैसे मिल रहा है?
मोदी जी, दिल्ली से लेकर बिहार तक अपनी “मज़बूत” कानून-व्यवस्था का यह जमीनी हाल देखिए और अपने मुख्यमंत्री जी से पूछिए—अपराधियों में कानून का खौफ क्यों नहीं है?
बिहार की बेटियों की सुरक्षा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
दोषियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित बच्चों को न्याय मिले—यही हमारी मांग है।
बिहार: जो आदमी लड़की की टांगों के बीच हाथ डालकर उसे उठाकर लेकर भाग रहा है वो कल्चर यानी संस्कृति बचा रहा है।
10, 12 का झुंड है, इनमें कोई साथ दे रहा है कोई वीडियो बना रहा है।
जिस लड़के के साथ मारपीट और जिस लड़की के साथ गैंगरेप की कोशिश कर रहे हैं वो शायद प्रेमी जोड़े हैं और कथित तौर पर इन्होंने पकड़ लिया है।
वीडियो लखीसराय जमुई बॉर्डर का है कई खबरों में कंफर्म कर लिया हूं मगर सबसे ज्यादा डिस्टर्बिग है कि वहां छेड़खानी करने वाले 10, 12 होंगे लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो में गाना लगाकर मजे लेने वाले लाखों हैं।
आगे की क्लिप कट करनी पड़ी है क्योंकि गाना लगाया गया है और लड़की का चेहरा भी दिख गया है।
मगर इतने से अंदाजा लगा लीजिए की इन संस्कारी वहशी दरिंदों ने देश दुनिया समाज को क्या बना रखा है।
टेलीग्राम पर ऐसे हजारों वीडियो के ग्रुप बने हैं, इससे साबित होता है कि देशभर के हर कोने में यही सब हो रहा है। फ्रस्ट्रेटेड निकम्मे कुंठित लोगों के लिए कपल पकड़ना, मारपीट और बलात्कार करना फेवरेट खेल बन गया है।
24 घंटे के भीतर जमुई में लड़की के साथ अमानवीय हरकत करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करे सरकार, नहीं तो विरोध-प्रदर्शन के लिए तैयार रहे।
भाजपा का मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति जंगलराज से भी बदतर हो गई है।
दलित समाज के साहिल वगोड़े की जान चली गयी और इसको तकलीफ इस बात से है कि दलित युवक इतने महंगे कॉलेज में पढ़ कैसे रहा है और उसके हाथ मे Iphone कैसे आ गया ।
इन जातिवादियों के हिसाब से दलित महंगे कॉलेजों में पढ़ नही सकता और अच्छे कपड़े, अच्छे जूते और अच्छे फ़ोन नही ले सकता क्योंकि इन सब पर तो सिर्फ इनका अधिकार है ।
जो बहुजन समाज के लोग भाजपा विरोध में इन जैसों का समर्थन करते है उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि भाजपा और ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू है ।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जमुई पुलिस कृपया अपना स्थायी पता भेजने का कष्ट करें।
हमने सुहागनगरी फिरोजाबाद से कांच और रत्न जड़ित 51 जोड़ी चूड़ियां मंगवाई है आपको भेजना चाहते हैं।
क्योंकि मर्द तो आपके जिले में रात में नाबालिक बेटियों को पकड़ रहे हैं तो आप लोग घर में आराम से ये चूड़ियां पहनकर बैठिए।
IITs, IIMs और Central Universities में आए दिन जातिवाद से जुड़ी ख़बरें आती रहती हैं। IIT Mandi में एक प्रोग्राम हुआ था, जिसमें पोस्टर पर लिखा था, “शूद्र का काम है सेवा करना।”
IIT दिल्ली में बिहार के ऋषिकेश ने आत्महत्या की। क्या हुआ उस पर? अब IIT बॉम्बे में एक दलित छात्र ने आत्महत्या कर ली।
एक बार इन IITs में प्रोफ़ेसरों की डाइवर्सिटी चेक करिए, सारा खेल समझ आ जाएगा। वंचित तबक़ों के बच्चों के लिए कितना सपोर्ट सिस्टम है?
SC, ST और OBC तबकों से आने वाले छात्रों के साथ भेदभाव को इतना नॉर्मलाइज़ कर दिया गया है कि अब वह किसी को दिखाई ही नहीं देता!
पर छात्र अब बिना डरे सवाल कर रहे हैं। IIT दिल्ली में भी छात्रों को प्रशासन ने धमकाया, फिर भी छात्र झुके नहीं।
रोहित की शहादत के बाद देश में जो चिंगारी लगी थी, वह अब बुझेगी नहीं! सवाल भी होगा और जवाब भी देना होगा। कितने पायल, रोहित, मुथु?
हर संस्थागत हत्या का हिसाब माँगा जाएगा।
क्या कोई रिकॉर्ड है जिससे ये साबित हो कि IIT बॉम्बे के छात्र "Sahil Wakode" ने पेपर में नकल की।
सारे एग्जाम सेंटर में कैमरे लगे हैं CCTV फुटेज कहां हैं??
क्या किसी छात्र ने अबतक बयान दिया कि प्रोफेसर ने सचमुच "Sahil Wakode" को नकल करते हुए पकड़ा— क्योंकि एग्जाम हाल में 50+ छात्र रहे होंगे?
अगर प्रशासन सबूत के साथ नकल करने की बात साबित नहीं कर पाता तो— मतलब सीधा सा है कॉलेज फैकल्टी ने दलित छात्र के खिलाफ षड्यंत्र रचा जिससे उसे जान गंवानी पड़ी।
हैलो मिलार्ड और कितने SC ST की मौत चाहते है UGC रेगुलेशन लागू करने के लिए, 🔥🔥
साहिल वाकोड़े, रोहित वेमुला, अनिकेत अंभोरे, पायल तड़वी, दर्शन सोलंकी, मनीष गुड्डोलियन, जसप्रीत सिंह, सेंथिल कुमार ........
UGC रेगुलेशन पर स्टे लगाकर आपने जातिवादी लोगों को मौका दे दिया है जाति आधार पर भेदभाव करने का, उनको प्रताड़ित करने का,
अगर यह UGC रेगुलेशन इंप्लीमेंट हो जाते तो साहिल वाकोडे नहीं मरता ।
कितना सड़ा हुआ समाज है!
◆ IIT बॉम्बे आत्महत्या केस के ऊपर यदि आप
छात्र के सपोर्ट में कुछ लिखते हो तो आपके टाइटल से आपको जज किया जाएगा!
की BSD#K तुम यादव(OBC) हो और प्रोफेसर भी तुम्हारे ही कैटेगरी से है,
हाँ हमारे ही कैटेगरी से है तो?
चुकी वो हमारे कैटेगरी से इसीलिए उसके कृत्य पर कुछ भी ना लिखा जाए?
अभी तो आरोप लगा है, निष्पक्ष जांच हो जाने दो।
यदि दोषी पाया जाएगा तो सजा मिलना ही चाहिए चाहे किसी भी कैटोगरी से हो। और दोषी नहीं पाया जाएगा तो फिर तो कोई बात ही नहीं है।
दिमाग से गोबर निकालो,
चीजें संवैधानिक तरीके से चलती है,
हुल्लड़बाज़ी से नहीं, एक ने कुछ लिख दिया सब मिलके हुल्लड़बाजी पर उतर जाते हो।
मामला संवेदनशील है, संवेदनात्मक तरीके से सोचो!
की यदि तुम्हारे परिवार के किसी सदस्य के साथ हुआ होता तो क्या करते तुम।
चीटिंग क्या होती है समझना है तो समझिए AIIMS के इस केस से, जब सालों साल तक चुन चुनकर दलित छात्र-छात्राओं को फेल किया जा रहा था।
मुंगेरकर कमेटी बैठी,जांच हुई तो पता चला जाति के हिसाब से फेल किया गया और कोर्ट ने न सिर्फ पास किया सबको 10 लाख कंपनसेशन दिलवाया।
This is absolutely horrifying. 😡😡
अगर सत्ता इन अपराधियो के हाथो में होगा तो ये होता रहेगा।
बिहार के जुमई की घटना है।7th फेल मुख्यमंत्री चुप है डबल इंजन चुप है क्योंकि उनके घर की बेटी नहीं है।
अपराधी बेख़ौफ़ है।सत्ता अपराधियो का नंगा नाच देख रही है।👇👇
24 घंटे के अंदर गिरफ़्तार होना चाहिए नहीं तो चक्कर जाम होगा !
Bihar Police कहां बा हो ?
खुलेआम बच्ची का रे# किया जा रहा है
ये Video बिहार के जमुई का बताया जा रहा है
गमछी मुंह पर बांधने वाला लड़का जंबुझकर लड़की के Private Part के साथ ऐसा कर रहा है उसको पता है हम गलत कर रहे हैं पकड़े जाएंगे ,,
किसी के बच्चे अगर सड़क पर साथ बैठेंगे तो कौन अधिकार दिया ऐसा करने का बोलिये
"अगर जातिवादी लव-कुश सम्मेलन करने से छुट्टी मिल गया होगा तो मुख्यमंत्री जी देखिये मासूम बेटियों के साथ क्या हो रहा है बच्ची हैं
https://t.co/aftmwkpkZS
पहले रोहित वेमुला
फिर पायल तड़वी
फिर दर्शन सोलंकी
और अब साहिल
पता नहीं मनुवादी किस मुंह से कहते है कि SC ST Act का दुरुपयोग हो रहा है
UGC बहुत जरूरी है ताकि कोई दूसरा छात्र जातिवाद की भेंट न चढ़े।