मोदी सरकार या फिर अनपढ़ सरकार..
ये लोग Foreign Exchange बचाने के लिए गन्ने से Ethanol बना रहे थे। अब देश में चीनी की कमी हो गई है और सिर्फ 17 दिनों में दाम ₹20 बढ़ गए हैं।
अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वही Foreign Exchange फूंक कर चीनी Import करने की नौबत आ गई है। ये सरकार है या मज़ाक?
दस सालों में यह पहली बार है कि भारत को चीनी का आयात करने की जरूरत पड़ रही है।
सरकार ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है।
चीनी की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आई है? क्या E20 पॉलिसी अब महंगी पड़ रही है, या गन्ने की फसल अच्छी नहीं रही?
जो भी वजह हो, यह सरकार की चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि आगे त्योहारों का सीजन है और मांग भी बढ़ने वाली है।
तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने से एथनॉल बनाना शुरू किया। नतीजन चीनी की कमी हो गई। अब उस विदेशी मुद्रा से चीनी आयात करेंगे।
पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है। किसी को कुछ नहीं पता कि क्या करने से क्या होगा।
ये कैसा लोकतंत्र है जिसमें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को सदन में बुलाने के लिए माँग करनी पड़ती है, शोर मचाना पड़ता है. जबकि सदन में मौजूद होना, चर्चा करना उनका काम है - रोजगार है - वही उनकी मुख्य भूमिका और ज़िम्मेदारी है.
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
This protest has proved that these two independent YouTubers have better credibility than mainstream news channels.
Great work @Samdish@sundaysarthak. This country needs more like you!!