ट्रंप ने ईरान ���े दमावंद पावर प्लांट को उड़ाने की धमकी दी है यह प्लांट ईरान की आधी बिजली सप्लाई करता है…इसके जवाब में ईरानी म्यूजिशियन अली घमसारी ने इसी प्लांट में रहने का फैसला किया है…हथियारों का जवाब संगीत से देने का फैसला किया है…
@HDFCBank_Cares
my account has been restricted since 24 Feb 2026 despite full kyc submission. Giridih Branch Manager Manoj Sharma is deliberately delaying nad harrassing me. facing financial hardships. urgent intervention required. customer id 41166746
किस बिल में घुस गया मोदी जी का एप्स्टीन गैंग?
•घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा
• कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए महंगा
पेट्रोलियम मंत्री और एपस्टीन के यार हरदीप पुरी कहाँ हैं?
मोदी सरकार कह रही थी-हमें अमेरिका इज़राइल ईरान युद्ध से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता
अब आपूर्ति की किल्लत कैसे?
> Bro is Abhinav Pandey
> Bro cut his Kalawa to enter a Muslim area to spread propaganda
> Bro interviewed a ganjedi baba and presented him as a malang
> Bro interviewed Bigg Bosser Tanya Mittal and made her ambassador of UP and MP
> Bro abused his ex-colleague, female journalists, live on his channel
> Bro did a series on Brahmeshwar Mukhiya on his channel and got inspired by him
> Bro interviewed the granddaughter of Brahmeshwar Mukhiya, Akansha Singh
> Bro claimed Akansha Singh secured 301 rank in UPSC, while she couldn’t even clear the prelims
> Bro is a fraud, don’t be like bro 👊
@sauravyadav1133 खुद मोदीजी का दर्जनों भाषण है जो शुद्ध रूप से मवाली और ���पोरी वाला भाषण है। जबकि राहुल गांधी का भाषण हमेशा संयमित होता है। आज कल जो एग्रेशन दिख रहा है वो जरूरी है देशहित में। देश लूट जाए और LOP तकता रहे ऐसा तो नहीं होगा ।
दुनिया एपस्टीन पर थूक रही है
और हिंदुस्तान में उस कुकर्मी को एक ‘power broker’ बताया जा रहा है. उसके निजी जीवन और काम का अंतर समझाया जा रहा है
यह एक महिला एंकर कर रही हैं और सिर हिला कर, बोलकर सहमति BJP की महिला प्रवक्ता दे रही हैं
मोदी मंत्री के बचाव में नैतिकता जाये भाड़ में
13 नवंबर 2014 को Reid Hoffman को Epstein ने एक मेल भेजा, जिसमें वो 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे रहा था। जबकि 'डिजिटल इंडिया' जुलाई, 2015 में शुरू हुआ था।
इसका मतलब है कि हरदीप पुरी ने भारत के नागरिकों से पहले ही Epstein को 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे दी थी।
हम सोच रहे थे- इस देश की सरकार को एक 'माई का लाल' चला रहा था, जबकि सच्चाई यह है कि अमेरिका में बैठा 'एक दलाल' चला रहा था।
हरदीप पुरी कह रहे हैं- मैं तो Epstein ��ो 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे रहा था। अब सवाल है कि हरदीप पुरी को यह जानकारी कहां से मिली, वो तो सरकार का हिस्सा नहीं थे।
नरेंद्र मोदी बताएं-
⦁ आप हरदीप पुरी के माध्यम से देश की जानकारी किसे और क्यों दिलवा रहे थे?
⦁ आखिर मोदी जी, हरदीप पुरी और Epstein का क्या रिश्ता है?
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
अंधा गुरु, बहरा चेला
मांगे गुड़, ले आवे ढेला..
संसद परिसर में अश्वनी वैष्णव डेटा सिक्युरिटी पर प्रेस को बयान दे रहे थे। उनका कहना था कि भारत का समस्त डेटा सुरक्षित है। डेटा प्राइवेसी कानून है, टेक्नॉलजी है- वगैरह..
वहीं राहुल आ गए। उन्होंने कहा आइये मीडिया से साथ मे बात करें। लेकिन राहुल को देखते ही वैष्णव सरपट भाग लिए।
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राहुल ने जिस डेटा की बात की, वो बिहेवियर का डेटा है। जैसे मैनें यह पोस्ट लिखी, आपने कमेंट किया। मैने उत्तर दिया। कैसे, किन शब्दों में, किस भावना से दिया- यह मेरा बिहेवियोरल डेटा है।
लाखो करोड़ो लोग, अलग अलग विषय पर अपनी बात, हजारो लाखो विषयो पर, अलग अलग तरीके से लिख रहे हैं।
विचार, शब्द, विमर्श, गाली, झगड़ा जो हो रहा है, आम।लोगो का व्यवहारगत डेटा है।
यह मेटा को जा रहा है, एक्स को जा रहा है। इस बिहेवियर पैटर्न, भाषा, तर्क, लॉजिक, मनोविज्ञान जो हम लगा रहे हैं- इसका इस्तेमाल AI को ट्रेनिंग देने के लिए होता है।
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इस डेटा से सीखकर, कोई टूल- जैसे ग्रोक, मेटा, चैट जीपीटी, ऐसे AI बना रहे है जो एक आम इंसान की तरह बिहेव कर ��कता है। यह जनरल AI है।
स्पेशल AI, आपका कैलकुलेटर है। जो गणित तो लगा लेगा, लेकिन कविता नही कर सकता। जनरल AI जरूरत पड़ने पर गाली भी देगा, गीत भी लिख देगा।
फ्यूचर इसी का है। AI टूल अगर इंजन है, तो यह बिहेवियोरल डेटा, उसका फ़्यूल। सबसे ज्यादा पॉपुलेशन, सोशल मीडिया का एक्सेस और यूजर बेस के कारण, इंडिया में ��बसे ज्यादा डेटा पैदा कर रहा है।
और फायदा विदेशी कम्पनियों का, जो इसे अपने पास स्टोर करके, अपने AI को प्रशिक्षित करके, सारी दुनिया को बेच रही हैं।
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चीन में फेसबुक, ट्विटर, यू यूट्यूब, व्हाट्सप के अपने चाइनीज वर्जन हैं। यह डेटा उनके पास है। और इसका यूज करके वे अपने AI बना चुके हैं।
भारत मे ऐसा कुछ है नही..
राहुल इस डेटा की बात कर रहे है।
अश्वनी वैष्णव जवाब दे रहे हैं, डेटा सिक्युरिटी कानूनों का। यह लागू होता है आपके आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर रोल जैसे डेटा पर, जिसमे आपकी पहचान, फोन नम्बर, मेल, एड्रेस वगैरह जानकारी होती है।
इसका आपके बिहेवियोरल डेटा से क्या लेना देना?? जो आप फेसबुक ट्विटर पे लॉगिन करके जुकरबर्ग या मस्क को खुशी खुशी दे रहे हैं
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और IIT पढ़े, पूर्व IAS वैष्णव, मीडिया को ठग्गू जवाब देकर निकल गए । उन्हें समझ नही है, या समझकर भी, अपने भक्त समाज को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे है- समझ नही आया।
पर लगता तो यही है कि अंधे गुरु के ये सब बहरे चेलों की आदत हो गई है। जब भी गुड़ की बात करो, ये लोग ढेला लेकर आ जाते हैं।
@RailMinIndia@RailwaySeva@AshwiniVaishnaw@drmdnr जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर पटना-टाटानगर एवं पटना रांची वंदे भारत ट्रेन का ठहराव दिया जाना च���हिए। जहानाबाद एक जिला मुख्यालय है तथा महत्वपूर्ण बिंदु हैं जहाँ पे बहुत बड़ी आबादी अरवल जिला का भी यहाँ से आवागमन के लिए ट्रेन पकड़ते है
मैं पंद्रह बरस से बोल रहा हूँ ये आदमी पप्पू नहीं है।उनसे मेरी कुछ मामलों में असहमति और सहमति है लेकिन वो नज़रंदाज़ किए जाने लायक तो बिल्कुल नहीं हैं।
देश के तमाम नेताओं में सिर्फ राहुल गांधी ही मुझे पढ़े लिखे और योग्य नेता दिख���ई देते हैं,अंग्रेजी भाषा में ली जा प्रेस कांफ्रेंस में जैसा डंका वो सबूतों के साथ फाड़ कर मतदाता सूची के मामले में केचुआ को नंगा कर रहे हैं वो देखने लायक है।
“क्यों हंस रहे हो भैया,पूरा सिस्टम उड़ा दिया है अभी तो शुरुआत की है।
जब तक चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है, तब तक EVM या मैनुअली चुनाव कराने से कुछ नहीं होगा।
अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष काम करे और चुनाव मैनुअली किया जाए, तब कुछ हो सकता है।
लेकिन यहां तो अम्पा��र (चुनाव आयोग) ही दूसरी टीम का है, इसलिए आप कुछ भी कर लीजिए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
#RahulExposesVoteChori
मोदी सरकार अवैध रूप से भारत पर शासन कर रही है। यह बात राहुल गांधी के प्रेजेंटेशन से, तमाम आंकड़ों और सबूतों के साथ साबित हो गई है।
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यह भी साबित हो गया कि पार्टी सँगठन, जमीनी काम, आरएसएस की पकड़, योजनाओं के लाभार्थी और मोदी का चुम्बकीय व्यक्तित्व वगैरह सब बेकार की बकवास है।
असल मे चुनाव चोरी आयोग ने पूरे इलेक्टोरल सिस्टम को तोड़ मरोड़कर भाजपा के पक्ष में परिमाण निकालकर ताजपोशी करवा दी है।
और भांडा फूट जाने के डर से वोटर लिस्ट, सीसीटीवी फुटेज, फॉर्म 6, फार्म 17 का मिलान वगैरह करने से वह बुरी तरह भयभीत है।
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चुनाव चोरी आयोग, भाजपा के बजरंग दल, एबीवीपी, भाजयुमो की ��रह भाजपा के एक फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन में बदल चुका है।
वह भारत के सम्विधान नही , भारतीय जनता पार्टी के प्रति वफादार है। इसमे शकों शुबहे की कोई गुंजाइश अब बची नही है।
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इन खुलासों के बाद, वोट चोरी से बनी सरकार भी इलेजितमेंट और अवैध हो जाती है। इसके निर्णय और नीतियां आदेश भी अवैध हैं।
लेकिन आज राहुल गांधी ने इस तथ्य को कहने से खुद को रोका, और केवल चुनाव आयोग तक सीमित रहे। मगर यह साफ है कि एक लम्बी लड़ाई और सीधे टकराव की ओर देश बढ़ रहा है।
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इलेक्टेड गवर्मेंट होने के नाते, असहमति के बावजूद भाजपा की इस सरकार पर हम जैसो का जो भी इकबाल था, खत्म हो गया।
अच्छा होगा, कि सिस्टम हैक कर धोखे से खुद को विजयी कराने वाली, अवैध सरकार खुद ही इस्तीफा देकर फ्रेश इलेक्शन करए। एक मिनट भी इन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नही।
#वोटचोर_गद्दीछोड़