एक समय के बाद इंसान प्रेम से, दोस्ती से, एवं अन्य रिश्तों से दूर भागने लगता है.. स्थायित्व की ख़ोज में.. जीवन उस जगह ठहराव चाहती है, जहां रिश्तों की बेड़ियां न हों और आज़ाद चेतना के साथ जीवन बसर किया जाए परन्तु यह जीवन की विडम्बना है कि जैसा हम चाहते हैं,अक्सर वैसा होता नहीं...!!
सैकड़ों ऐसे लोगों को बर्बाद होते देखा है जो अपने भविष्य का निर्णय किसी और व्यक्ति के सुझाव या इच्छा को देखकर लेते हैं। ऐसे लोग हमेशा दुसरों को खुश करना चाहते हैं, सोचते हैं कि हम हमेशा ही उनकी मर्जी से चलेंगे तो सब सही रहेगा। पर सच ये है कि हम #हमेशा तो किसी को खुश नहीं रख सकते।
जो लोग किसानों को भड़का कर अपनी खोई राजनीतिक जमीन ढूंढ़ रहे हैं, उन्होंने 2009-14 तक सत्ता में रहते हुए किसानों से मात्र 1.25लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी, वहीं मोदी सरकार ने 2014-19 में 76.85लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी।
यह 4962% का फर्क उनके ढोंग और मोदी जी के समर्पण को साफ दर्शाता है।
आज हिंदीभाषी कलाकार, लेखक, गीतकार इत्यादि ने धीरे धीरे बम्बई आना बंद कर दिया है क्योंकि यहाँ उनकी कोई कद्र नहीं होती। इसलिए गौर से देखिए Bollywood की फ़िल्मों से एक आम आदमी और उससे जुड़ी कहानियाँ ही ग़ायब हो गयी हैं। इससे सांस्कृतिक विकास को बहुत नुक़सान हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने जनपद बस्ती में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए अधिशासी अभियन्ता की सम्पत्ति जब्त किए जाने के निर्देश दिए।