जब अक्टूबर 2019 में पशुचिकित्सकों के पदों की स्वीकृति, इंटर्नशिप मानदेय में वृद्धि तथा निजी वेटेरिनरी कॉलेजों के विरोध में जबलपुर में हमारे प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री म.प्र. @OfficeOfKNath बारिश में भीगते हुए प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को देख कर नजरांदाज करते हुए
विकास के सारे पैमाने इंसान के इर्द गिर्द है.
हम जानवर की मौत को संख्या से ज्यादा कुछ नहीं समझते.।
पशु प्रेम केवल कागजी नारे है.... शासन का | संवेदनहीन होना पतन का संकेत है.
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