अच्छे दिन आ गए
RBI का नया निर्देश...
आपके बैंक खाते में फ्रॉड होने पर आपके पैसे वापस नहीं मिलेंगे।
नया नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। 50 हजार से ज्यादा का फ्रॉड होने पर बैंक केवल 25 हजार रुपये ही वापस करेगा।
किसी के साथ अगर 10 लाख का फ्रॉड हुआ, तब भी 25 हजार रुपये देने की जिम्मेदारी RBI और बैंक लेंगे।
डिजिटल पेमेंट पर यह नया नियम आया है।
अधिकतर पत्रकार अपनी साख खो चुके हैं अब पत्रकारिता नहीं उसके नाम पर ब्लैकमेलिंग बची है विज्ञापन के नाम पर मनमाने पैसे वसूले जाते हैं सरकारी गैर सरकारी बिजमेन से
महिला सप्लाई इंस्पेक्टर ने पत्रकार से कहा– "तुम दलाल हो"
पत्रकार – "आपसे हमने कितनी बार दलाली खाया है? बस ये बता दीजिए"
UP के जिला चंदौली में यह सब हो रहा है। SDM साहब कुर्सी पर बैठकर मंद–मंद मुस्कुरा रहे हैं !!
फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली इन दिनों अपनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उन्होंने एक पॉडकास्ट में बुर्का और पर्दा प्रथा को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं यह मानती हैं कि वे बुर्के में सहज हैं, तो यह किसी हद तक एक पिछड़े समाज की सोच को दर्शाता है।
#ImtiazAli #Bollywood #MainWapasAaunga
टॉक शो में एक्टर शेखर सुमन ने बताया कि 'राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत है इसलिए मैं राजनीति से जुड़ना चाहता था लेकिन अच्छे लोग यहां सर्वाइव नहीं कर सकते.. ऐक्टिंग हो या पॉलिटिक्स राजनीति हर जगह है'
#ShekharSuman
अमेरिकी दूतावास से सामने से सुरक्षा बैरियर हटाना देवयानी के मामले में अमेरिकी को ‘लाल आँख’ दिखाने का ही एक और चरण था।
ख़ैर ये तो मनमोहन सिंह सरकार के ज़माने की बात थी।
आज कोई विरोध स्वरूप एक तिनका भी हटा के दिखा दे!
मुझे नहीं लगता कि अपने इतिहास में कभी इज़रायल और अमरीका की इतनी बड़ी हार हुई है। इसके पहले शायद उसे कभी मुआवज़ा नहीं देना पड़ा है।
वह स्ट्रेट और हॉर्मुज खुलवाने को ट्रम्प अपनी उपलब्धि बता रहा है जो खुली थी।
ईरान दुनिया के सामने एक महाशक्ति के रूप में आया है। व्यापार में छूट और फ्रोजेन एसेट रिलीज उसकी आर्थिक ताक़त को भी कई गुना बढ़ायेंगे।
जब हम शुरू में यह कह रहे थे कि जंग में ईरान भारी पड़ेगा तो केवल भक्त ही नहीं, कई कथित लिबरल भी मज़ाक़ उड़ा रहे थे। इतिहास और अंतराष्ट्रीय राजनीति की समझ न हो तो अमरीकी-यूरोपी मीडिया के असर में बह जाना स्वाभाविक था।
फ़िलहाल डील को खतरा सिर्फ़ इज़रायल से है जो लेबनान से अपनी फ़ौजें वापस बुलाने को तैयार नहीं लग रहा।
पाकिस्तान अपनी पैदाइश के बाद पहली बार इस स्तर की डिप्लोमेसी का हिस्सा बनकर पीसमेकर के रूप में सामने आया है, भारत पहली बार ऐसे किसी संकट में चल रही डिप्लोमेसी से इस क़दर बाहर रहा है।
प्रधानमंत्री युद्ध शुरू होने से पहले इजरायल की संसद में समर्थन कर आए थे। अब यह कैसी डिप्लोमेसी थी, यह आप तय कीजिए।
मुमकिन है बिना मस्क बने मुस्कुराना🙂
दुनिया जहां दौलत और ताकत के पीछे भागती है, वहीं एक दार्शनिक डियोजिनीस की कुछ और ही समझ थी। जब सिकंदर ने उसे सब कुछ देने की पेशकश की, तो उसने बस एक ही चीज़ मांगी।
वो क्या थी?
जानने के लिए .. देखिये ये वीडियो। असली संतोष बिना कीमत के आता है और हमेशा हमारे आसपास होता है।
ऐसी खुशी के लिए आप मेरे यू-ट्यूब चैनल पर भी आइये और नेचर से जुड़े बहुत सारे वीडियो देखिये .. लिंक कमेंट सेक्शन में है।