@Indian_Analyzer Paid PR karte raho 🖕
BJP voter hu par agar pradhan aur gadkari is term mai minister bane rehte hai to kabhi bhi BJP ko vote nahi karunga
Aur bhai analyzer apna account ka naam bjp analyzer rakh le unfollow kar ra hu tujhe paid PR banke reh gaya hai tu ab bas 🖕
राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत बहुत ही चतुर और चालाक हैं।
खबर है कि चंपत राय राम मंदिर परिसर में बैठकर दिल्ली,नागपुर और लखनऊ में तमाम प्रभावशाली व्यक्तियों को कॉल कर रहे हैं और ख़ुद को पाक साफ़ बताकर बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
चंपत राय सुख,सुविधा के मोह में ऐस�� समा गए हैं कि वे भूल गए हैं कि वह संघ के स्वयंसेवक और प्रचारक रहे हैं।
चंपत राय के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बहुत असहज है,हिंदू समाज असहज है।
संघ चाहता है कि चंपत राय इस्तीफ़ा देकर राम मंदिर परिसर से नौ दो ग्यारह हो जाए,लेकिन चंपत के लिए कुर्सी का मोह मान सम्मान से बड़ा हो गया है।
चंपत राय के अहंकार,राम मंदिर में उनके तानाशाही से भरे रवैये, मैं हूँ तो सब है, वरना कुछ भी नहीं है के दंभ ने राम मंदिर परिसर की पवित्रता को गंभीर और गहरी चोट पहुंचाई है।
एक व्यक्ति की ज़िद और अड़ियल रूख ने संपूर्ण हिंदू समाज को शर्मिंदा कर दिया है।
चंपत राय के लिए कुर्सी,हिंदू समाज और हिंदू संगठनों के सम्मान से बढ़कर हो गयी है।
चंपत सब चौपट करने पर तुले हुए हैं।
अन्नामलै ने इस महीने तमिलनाडु में हुई 3-4 यौन हिंसा की घटनाओं में संलिप्त लोगों को ‘नॉर्थ इंडियन’ कहते हुए अपने ट्वीट में सात बार बताया है कि ‘नॉर्थ इंडियन’ ऐसा कर रहे हैं।
NCRB के आँक���़ों के अनुसार, तमिलनाडु में हर दिन औसतन 30 रेप/यौन हिंसा की घटनाएँ होती हैं। यानी जून में 450 घटनाएँ घटित हुई होंगी, इस वर्ष 5,000, और अन्ना को नॉर्थ इंडियन्स को घेरना है। बाकी के हर रेप में तमिल व्यक्ति ही संलिप्त होगा, उसका तो डेटा रखते होंगे तुम लोग?
अन्नामलै चाहते तो बिहार-यूपी-झारखंड-बंगाल या जिस भी राज्य के थे, वैसे लिख सकते थे। उन्होंने चुना ‘नॉर्थ इंडियन’ क्योंकि यही शब्द वहाँ की निम्नस्तरीय राजनीति के लिए चलन में ह��।
अपराध हर जगह होते हैं, हर राज्य का व्यक्ति करता है। कहीं कम, कहीं अधिक। हाँ, अपनी नई राजनीति को मेनस्ट्रीम करने के लिए अन्नामलै किसी दिन हाथ में टिन का डब्बा और काला पेंट ले कर ‘हिन्थी’ साइनबोर्ड को काला करने सड़क पर दिख जाएँ, तो हमें आश्चर्य नहीं होगा।
इसे ही हम ‘हिन्दू हृदय सम्राट’ से ले कर पता नहीं क्या-क्या बना रहे थे। ‘नॉर्थ इंडिया’ में इसकी लोकप्रियता आज भी है, पर यह अधम श्रेणी का कार��य है।
"कॉकरोच किसने कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने उन वकीलों को कहा जो फर्जी डिग्री लेकर आते हैं, वकालत चलती नहीं तो एक्टिविज्म या नेतागिरी करने लगते हैं.. लेकिन इन्होंने इसे ऐसे पेश किया, जैसे मोदी सरकार ने देश के सभी युवाओं को "कॉकरोच" कह दिया हो।"
#gan_du_Generation@ajeetbharti
CBSE reportedly paid only ₹37 per answer sheet to Coempt Eduteck for evaluation while charging students ₹25 per question for verification.
Why are students being charged a fee when the mistakes are on the evaluation side? Students deserve justice without having to pay a single rupee extra.
Student : Sir CBSE ne copy galat check ki hai.
> IT cell: Tum pakistani ho
Student: Sir, copy blurr hai
> IT cell: Tum deep state agent ho
Student: Sir copy interchange ho gayi hai.
> IT cell: Tum foreign funded ho.
Student: Sir marking galat hui hai
> IT cell: Tumne soros se paisa liye hai.
Student: Sir handwriting match nhi ho rahi.
> IT cell: Tum cockroach party ko follow karte ho.
Student: Sir mere future ka sawal hai.
> IT cell: Tumhara post opposition leaders ne kyu share kiya..
Are kuch to sharam karlo bhai, tum kisi 17-18 saal ke bachche se chidh rahe ho, use Pakistani, deep state bata rahe kyuki usne system se kuch questions kar liye.
Sharam bench khaayi hai bhai logo ne.. anti-national, pakistani, dalal and kya kya.. Jis party ka muh me lekar tum dusro ko pakistani bata rahe ho us party ke hi kayi neta pakistaniyo ke sath baith kar unka aand sunghte hai.. lekin tab tumhare muh se awaj nahi nikalti kyuki paisa tumhe dusro ko pakistani bata kar hi milega..
दिल्ली जिमखाना क्लब के मेंबर के घर में पैदा हुए बच्चे भी मेंबरशिप का आवेदन कर देते थे, ताकि वो तीस साल के होते ही तुरंत मेंबर बन जाएँ. अब जिनको लगता है कि ये सब लान टेनिस खेलने और बैडमिंटन की चिड़िया उड़ाने के लिए था, वो वहम में जी रहे हैं…दरअसल ये club सिस्टम में घुसने के दरवाजे थे..प्रिविलेज्ड और इलीट होने की निशानी थी.
मोदी जी को चाहिए कि सभी मेंबर्स को एक व्हाट्सग्रुप बनाकर उन्हें सौंप दे और माला पहनाकर बिदा करें.
यहाँ पर देश की आंतरिक और वाह्य सुरक्षा के लिए जरूरी तंत्र का निर्माण होना चाहिए. और बची-खुची जमींन पर एक पब्लिक लाइब्रेरी बन जाए जिसमें देश का आम नागरिक भी जाकर किताबें पढ़ सके.
#delhigymkhanaclub
राहुल गाँधी ने सप्ताह भर पहले बंगाल के चीफ पोल ऑफिसर को सरकार में मुख्य सचिव नियुक्त होने पर लिखा था कि ‘यही है भाजपा-चुनाव आयोग वोट चोर�� मॉडल, जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा पुरस्कार’।
अब केरल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को केरल सीएम ने अपना सचिव बनाया है, क्या अर्थ निकाला जाए?
इस पर आप कहीं चूँ-चपड़ नहीं देखेंगे।
पीएम ने जो तेल बचाने आदि के संकेत दिए और कोरोना काल की याद दिलाई, वह ईरान से कम और आने वाले सुपर एल-नीनो के प्रभाव का आकलन अधिक दिख रहा है।
भारत के संदर्भ में, मानसून औसत से कम रहने से आने वाली फसल प्रभावित होगी। ईरान के ��ारण खाद की आपूर्ति कम हो रही है, तो फसल और कम होगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण, चाहे यूक्रेन हो या ईरान, खाद्य आपूर्ति के संकट उत्पन्न होंगे। यूरोप से ले कर अन्य महादेशों में भी युद्धजनित संकट न केवल आर्थिक है, बल्कि सामाजिक भी है।
इसी मानसून के कारण इंडोनेशिया, मलेशिया से होने वाले खाद्य तेल की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। तेल कम खाने की बात आने वाले समय से जोड़ कर ही कही गई है। हेल्थ तो सेकेंडरी है, पहले खाने को हो तब तो खाएँगे!
इसका प्रभाव छः माह से आरंभ हो कर तीन वर्ष तक रह सकता है। 90% संभावना है कि वैज्ञानिक जैसा बता रहे हैं, वैसा ही घटित होगा। हाँ, सरकारों को पहले से पता है कि क्या-क्या होगा, तो भंडारण पर ध्यान दे रही है।
गरीब को सर्वाधिक मार पड़ेगी और 80 करोड़ को जो राशन मिल रहा है, उसके मिलने के कारण, जो भंडारण हो सकता था ऐसे समय के लिए, वह कदाचित पूरे देश पर एक बोझ बन जाए।
अक्टूबर से चावल, गेहूँ और तेल के मूल्यों में वृद्धि होगी। कालाबाज़ारी चलेगी और विपक्ष सिलिंडर की ही भाँति इस पैनिक क्रिएशन में अपना भरपूर सहयोग देगा। PM को आगामी यूपी चुनाव के कारण एड़ी-चोटी का बल लगाना पड़ जाएगा।
विपक्ष इसी अवसर की तलाश में है और प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न कृत्रिम व्यवधानजनित कुव्यवस्था को वो जम कर भुनाएँगे। सरकार को मल्टीपल फ्रंट पर लड़ना होगा। ऐसे में उन्हें वह भी करना पड़ेगा जो अपने ईगो के कारण वो टाल रहे हैं।
समाचार ��माप्त हुए।
नेता 10-15 साल में कभी भी पार्टी बदल ले, कोई सवाल नहीं उठता। जिस पार्टी को कभी गालियाँ देते थे, उसी में शामिल हो जाते हैं।
लेकिन हम जैसे साधारण लोगों से उम्मीद की जाती है कि हम हर नियम मानें और पूरी ईमानदारी से सारी नैतिकता निभाएं।
Delimitation को लेके देश में बहस शुरू हो चुकी है और जैसा की मुझे अंदेशा था वही झूठ पूरे जोर शोर से फैलाया जा रहा है की दक्षिण भारत ने तो अपनी आबादी ��ंट्रोल कर ली थी पर उत्तर भारत बेहताशा जनसंख्या वृद्धि किए जा रहा है। इस कारण पॉपुलेशन कंट्रोल लागू करने वाला साउथ डेलिमिटेशन में नुकसान उठाएगा। और नार्थ की बल्ले बल्ले हो जाएगी। साउथ को विक्टिम दिखाया जा रहा है। जबकि हकीकत इसके उलट है। हमे कुछ नहीं करना। बस पिछले डेढ़ सौ सालों का सेन्सस का डेटा और अलग अलग regions में हुई पॉपुलेशन ग्रोथ देखनी है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
सेन्सस का हम स्टार्टिंग पॉइंट 1871 ना लेके 1881 ��ेंगे। क्युकी 1881 में ही भारत का पहला synchronous सर्वे हुआ था। 1871 वाले में कई राज्यो का 40 साल पुराना डेटा इंक्लूड कर रखा था। पर 1881 से ये पिक्चर क्लियर हो जाती है।
भारत को चार geographical regions में बाँटते हैं:
East — Bengal, Odisha
West — Gujarat, Maharashtra
North — सभी Hindi-speaking states (North + Central India)
South — Kerala, Karnataka, Tamil Nadu, Andhra Pradesh
पहले starting point 1881 में इन चारों की क्या आबादी थी?
East India: 2 करोड़ 58 लाख — 12.08%
West India: 2 करोड़ 87 लाख — 13.44%
South India: 4 करोड़ 61 लाख — 21.56%
North India: 10 करोड़ 67 लाख — 49.85%
अब ending point के लिए हमारे पास 2011 Census है। इसमें इन चारों रीजन्स की क्या आबादी थी?
East India: 16 करोड़ 44 लाख — 13.58%
West India: 17 करोड़ 28 लाख — 14.27%
South India: 25 करोड़ 12 लाख — 20.75%
North India: 56 करोड़ 27 लाख — 46.47%
कुछ दिखायी दे रहा है?
North India की आबादी 1881 में 49.85% थी। और 2011 में 46.47%. यानी 130 साल��ं में North का share घटा है। लगभग 3% कम हो गया।
और South? 1881 में 21.56%। 2011 में 20.75%। मात्र 0.81% कम।
पर बीच में क्या हुआ? ये और interesting है।
1881 — North: 49.85%, South: 21.56%
1901 — North: 46.16%, South: 24.23%
1921 — North: 44.14%, South: 25.56%
1951 — North: 42.61%, South: 26.08% ← South PEAK
1971 — North: 41.90% ← North LOWEST, South: 24.69%
2011 — North: 46.47%, South: 20.75%
देखिए क्या दिख रहा है?
North India की आबादी लगातार 90 सालों तक — 1881 से 1971 तक 1881 वाले share से नीचे गिरती रही। 49.85% से गिरते-गिरते 1971 में 41.90% — lowest point।
इसी दौरान South? लगातार 90 सालों तक बढ़ती रही। 21.56% से बढ़ कर 1951 में 26.08% peak। ये 1881 के share से 5% ज़्यादा था।
यानी जब South अपने peak पे था तब North अपने lowest पे था। और ठीक उसी समय delimitation पे embargo लगा।
अब cumulative growth देखिए। 1881 से 2011 तक:
National average growth: 465%
Eastern India: 535%
Western India: 500%
Southern India: 444%
Northern India: 427%
पढ़िए फिर से।
Northern India 427%। चारों में सबसे कम। National average से 39% कम। South से भी 17% कम। East से पूरे 108% कम।
अगर 1881 से 1951 तक देखें 70 साल तो?
South: 104% growth — FIRST RANK
East: 89% — SECOND
West: 67% — THIRD
North: 44% — LAST
शुरू के 70 सालों में सबसे ज़्यादा आबादी किसकी बढ़ी? South की। सबसे कम? North की।
यानी 150 साल के census data से ये crystal clear है North is NOT the culprit of population explosion। And South is NOT the posterboy of population control।
अरे भई UP का share 1881 में 20.94% था। 1971 में? 15.30%। ये किसी भी state का सबसे बड़ा fall था। UP की population 1901 से 1921 तक negative growth में थी famines और 1918 Spanish Flu ने तबाही मचाई।
Hindi belt की population 1881 से 1921 तक 40 साल virtually stagnant रही। This is among the least known facts of the demographic history of Modern India.
और contrary to popular propaganda सबसे ज़्यादा आबादी बढ़ी Eastern India की (535%) और उसके बाद Western India की (500%)। पर उन्हें जनसंख्या वृद्धि के लिए कोई गाली नहीं देता। गाली किसे देते हैं? जिसकी सबसे कम बढ़ी North को।
This is the power of propaganda and narrative control.
जितने सांसद विधायक थे, सब के बच्चे हो गए, अब बेटे, बेटी, बहू, दामाद को भी संसद भेजना है। राज्यसभा में भी सीटें कम ही हैं वहां भी एडजस्ट नहीं हो रहा तो संसद की सीटें तो बढ़ानी ही पड़ेंगी!
���र कुछ लोग इन सौम्य, निश्छल व्यक्तित्व वाले फ्रेंचकटधारी, शांतचित्त, स्थिरप्रज्ञ, साधु स्वभाव वाले व्यक्ति को शंकराचार्य नहीं मानते!
कैसे-कैसे लोग हैं!
Today it is Khurpench, tomorrow it will be you! Khurpench raised a voice, raised a voice for us. He tried to make the system accountable. Now the system is trying to silence him through FIRs.
Raise your voice, ask for establishment of free speech.
#SaveFreeSpeech
खुरपेंच इन 2024
•एक्सपोज्ड कोचिंग माफियाज
•एक्सपोज्ड माल प्रैक्टिसेज इन कोचिंग इंडस्ट्री
•UPSC फेक सर्टिफिकेट केसेज
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•एक्सपोज्ड गवर्नमेंट स्कीम्स
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• एक्सपोज्ड फेक PR ऑफ ब्यूरोक्रेट्स
खुरपेंच इन 2025
• एक्सपोज्ड ब्यूरोक्रेटिक करप्शन
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• एक्सपोज्ड फेक PR
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• एक्सपोज्ड MPLADS
• एक्सपोज्ड बहुत सारे छोटे मोटे इश्यूज
• एक्सपोज्ड इंडियन मीडिया
खुरपेंच इन 2026
• MPLADS
• हम FSSAI को एक्सपोज करेंगे रिपोर्ट बन रही
• टैक्स के पैसों का हिसाब लेंगे , पूरे देश में हमने 550 से ज्यादा RTI डाल रखी हैं,
• IAS,IPS और IRS लॉबी को एक्सपोज करे��गे
• इस साल करीब 50 फेक सर्टिफिकेट के केसेज को एक्सपोज करेंगे , हम लगातार काम कर रहे ,
• फेक ड्रग मैन्युफैक्चरिंग के नेक्सेस को एक्सपोज करेंगे ,
• फेक PR ऑफ लीडर्स एंड ब्यूरोक्रेट्स को एक्सपोज करेंगे,
• 5 गवर्नमेंट की स्कीम्स को एक्सपोज करेंगे , रिपोर्ट बन रही ,
• CSR फंडिंग को चारों खाने चित्त करेंगे,
• कुछ NGO हमारे निशाने पर हैं ,जो देश विरोधी और विकास विरोधी काम कर रहे ,
• इस साल हम कुछ बिजनेसस और बिजनेसमैन को एक्सपोज करेंगे,
• कुछ छोटे छोटे इश्यूज है जिनपर आप लगातार रिपोर्ट देखते रहेंगे ।
आप सभी का साथ बने रहने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
Things I believe now:
- Islam is a peaceful religion.
- Babus are very honest.
- FSSAI is working day and night for us.
- Rahul Gandhi is very wise person.
- Narendra doesn't hate Upper castes.
- IT cell is kattar deshbhakt.
- RSS is saving hindus and Hinduism.
Anything else?
Hello भारत सरकार(@narendramodi ji)
आपको ज्ञात हो कि आपके अधिकारी आपकी सरकार के भद्द पिटवा रहें हैं एक बात ध्यान रख लीजिए @khurpenchh की टीम को अंदर के भ्रष्टाचार की जानकारी IASलेवल के लोग ही देते हैं सब थोड़ी चोर भरे हैं ईमानदार अधिकारियों जिनका जीना हराम किया है वही सेवा दे रहेH
जिस दौर में लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला मीडिया मृत अवस्था में ���ड़ा हैं ऐसे में देश में भ्रष्टाचारी , मिलावटखोरों की कब्र खोदने वाले ईमानदार भारतीय नागरिक को भारत की नपुंसक सरकार FIR करके डराना चाहती हैं!
पूरे भारत का युवा @khurpenchh
के साथ खड़ा हैं तुम जितना हमें परेशान करोगे उससे दुगुनी ताकत के साथ हम भ्रष्टाचारियों से लड़ेंगे सिस्टम को कुतर रही सरकारी ईलीयों की को बाहर लाने का काम करेंगे....
कितनों के खिलाफ कार्रवाई करोगे भारत का हर जागरूक युवा खुरपेंच हैं! 💪✊️
#I_Stand_With_Khurpenchh
@khurpenchh