उमर खालिद 6 साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और अभी तक मुकदमा शुरू भी नहीं हुआ है। उनके स्वतंत्रता के अधिकार का क्या? उनके शीघ्र सुनवाई के अधिकार का क्या?
— न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता #UmarSixYearsWithoutTrial
इस देश में हमारा होना हमारी वतन परस्ती का सबूत है, हमारा नेता मुहम्मद अली जिन्ना नहीं था नहीं है।हमारे नेता महात्मा गांधी, डाक्टर भीमराव अम्बेडकर, एपीजे अब्दुल कलाम हैं…
#UmarSixYearsWithoutTrial
राम जन्मभूमि मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पूजा-स्थलों से जुड़े किसी भी दूसरे विवाद पर विचार नहीं किया जाएगा या उन्हें फिर से नहीं खोला जाएगा. जिस जज ने असल में यह फैसला लिखा था, उन्होंने ही बाद में ज्ञानवापी मस्जिद मामले में ASI को यह पता लगाने का आदेश दिया कि क्या उस जगह पर कभी कोई मंदिर था जहाँ अभी मस्जिद है. इस आदेश ने मुकदमों की बाढ़ ला दी, मेरी नज़र में, यह फ़ैसला बहुसंख्यक समुदाय को खुश करने के लिए लिया गया था: जस्टिस दीपक गुप्ता
#JusticeDeepakGupta #Masjid #Mandir
दुबई में रहने वाली एक गैर-मुल्की (विदेशी) खातून ने वहां अवामी मकामात (सार्वजनिक जगहों) पर नमाज की सहूलत को शहर की सबसे बेहतरीन खूबी बताया है। अपना तजुर्बा बयान करते हुए उन्होंने कहा कि कई दूसरे मुल्कों में नमाज के लिए मुनासिब जगह तलाश करना या इबादत के लिए फौरन वापस घर जाना अक्सर.
नौजवान पत्रकार सीमाब अख्तर को एक न्यूज़ चलाने के मामले में पटना पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। 12 घंटे गुजर जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया है। यह पूरी तरह गैर-कानूनी है। पटना पुलिस को सीमाब अख्तर को फ़ौरन रिहा करना चाहिए।
@ShamsTabrezQ
50 पचास साल तक जंग की हालत में रहने वाला यह अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी #काबुल है।
सबसे बड़ी बात यह कि दुनिया का कोई भी वर्ल्ड बैंक IMF या धन्ना सेठ दरवाज़े पर आकर यह नहीं कह सकता कि... ओय चल मेरे क़र्ज़ के पैसे वापस कर।
🔴 برطانوی وزیراعظم اینڈی برنہم:
"ہم پہلی بار یہ کہہ رہے ہیں کہ فلسطینی علاقوں پر اسرائیل کا قبضہ غیر قانونی ہے۔ ہم نے بہت طویل عرصے تک کارروائی کرنے میں ہچکچاہٹ کا مظاہرہ کیا، کیونکہ ہمیں اسرائیل مخالف قرار دیے جانے کا خوف تھا۔
فلسطینی عوام کی تکلیف دنیا کے ضمیر پر ایک داغ ہے۔ غزہ میں معصوم فلسطینی اب بھی مارے جا رہے ہیں اور وہاں اب بھی ایک سنگین انسانی بحران موجود ہے۔"
अफ़ग़ानिस्तान के गृहमंत्री भेड़ बकरियां चरा रहे हैं ताकि अल्लाह के रसूल ﷺ के सुन्नत की पैरवी कर सकें
Naame — सिराजुद्दीन हक्कानी
सुन्नतों से मोहब्बत करने का चस्का भी बड़ा अजीब है...मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूँ जो खोज खोजकर सोच सोचकर सुन्नतों को ज़िंदा करने का एहतेमाम करते हैं
لمبرگینی کی نمبر پلیٹ پر محمّد لکھا دیکھ کر لندن کی پولیس نے جب کار کو روک لیا !
لندن میں جب دنیا کی مہنگی ترین کار نمبر پلیٹ پر لفظ محمّد لکھا دیکھا تو پولیس نے فوری اس گاڑی کی جانچ پڑتال کیلئے اسے روک لیا . کار کے مالک سے اسکی تفصیلات لے کر اپنے آٹومیٹک سسٹم میں ڈال کر جب دیکھا تو حیران رہ گئے .
پولیس نے ڈرائیور کو کلین چٹ دی اور سوچتے رہے کہ کوئی اس نام سے اتنا پیار کیسے کر سکتا ہے کہ اس نمبر پلیٹ کو حاصل کرنے کیلئے لمبرگینی کار کی قیمت سے بھی زیادہ فیس ادا کردی .
البتہ ایک بات نے لوگوں کو ضرور سوچنے پر مجبور کر دیا:
دنیا میں دولت سے بہت سی چیزیں خریدی جا سکتی ہیں، مگر کسی نام سے محبت کی قیمت ہر شخص کے لیے مختلف ہوتی ہے۔
اور جب وہ نام محمد ﷺ ہو… تو ایک نمبر پلیٹ بھی کسی کے لیے صرف نمبر پلیٹ نہیں رہتی، بلکہ عقیدت اور محبت کی علامت بن جاتی ہے۔
سبحان اللہ
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद: 1909 की यह ईंट बता रही है कि मस्जिद 1911 में बनी थी। जिस मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया, उसी के मलबे से निकली यह ईंट आज उसकी मौजूदगी और इतिहास की गवाही दे रही है।
امریکی گلوگار میکلمور نے نیو جرسی میں معروف گلوکار ایڈ شیرن کے کنسرٹ میں دسیوں ہزار افراد کے سامنے فلسطین کے حق میں آواز بلند کی۔ میٹ لائف اسٹیڈیم میں اپنے افتتاحی پرفارمنس کے دوران میکلمور نے کہا کہ غزہ کے لوگوں کو معلوم ہونا چاہیے کہ دنیا نے انہیں فراموش نہیں کیا۔
हुदा जरीवाला एक बेबाक पत्रकार और निडर एक्टिविस्ट हैं। सहारनपुर में गैर-कानूनी तरीके से मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने का उन्होंने विरोध किया और इसके खिलाफ आवाज़ उठाई। पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
क्या भारत में अब पत्रकारिता की आज़ादी नहीं रह गई है? क्या पत्रकारों और एक्टिविस्टों को सच बोलने और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने की सज़ा जेल होगी?
यह पत्रकारिता पर हमला और सिविल सोसायटी की आवाज़ को दबाने वाला कदम है। हुदा जरीवाला को फ़ौरन रिहा किया जाए। उन्होंने इंसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाई है, सवाल किया है और यह उनका संवैधानिक अधिकार है।
जिन्हें मस्जिद बचानी होती है, वो बचा लेते हैं; सिर्फ़ मीडिया में बयानबाज़ी नहीं करते।
नामपल्ली के विधायक माजिद हुसैन...मस्जिद पर बुलडोज़र पहुँचा तो ख़ुद हुकूमत के सामने मस्जिद में बैठ गए और उसे शहीद नहीं होने दिया।
बुलडोज़र वहाँ भी था, फ़र्क़ सिर्फ़ क़यादत का था।
ये है #आमेर किले मे #राजा_भारमल द्वारा बनवायी गयी #अकबरी_मस्जिद...
संन 1569 ई. मे #राजा_भारमल ने अपने दामाद और #राजा_मानसिंह ने अपने बहनोई बादशाह ए हिंदुस्तान #जलाउदद्दीन_मोहम्मद_अकबर के सम्मान मे बनवाई थीं ताकि उनके दामाद बादशाह अकबर अपने आमेर प्रवास के दौरान नमाज़ अदा कर सके...
वैसे तो इसका इतिहास और भी बड़ा है लेकिन इतने मे ही बहुत से लोगो को पसीना आ जयेगा
जब मैं जयपुर गया तो मैंने इस इतिहास को अपने कैमरा मे क़ैद कर लिया
تین بڑی مسلم قوتیں ایک چھت تلے جمع ہیں؛
سعودی عرب:مال و معیشت کی قوت،
ترکی:دفاعی صنعت اور عسکری ٹیکنالوجی کی قوت،
اور پاکستان:جوہری طاقت کا حامل ملک۔
مگر اے اسلامی اتحاد!!!
ایک سوال ہے…
کیا تمہیں خبر ہے کہ مسلمانوں کا قبلۂ اوّل آج بھی غاصبانہ قبضے میں ہے؟
کیا تمہیں معلوم ہے
मदर ऑफ डेमोक्रेसी में न्याय पालिका से पहले ही ‘न्याय’ करता बुलडोज़र! न्यायपालिका ने आदेश दिया था कि बुलडोज़र चलाने से पहले नोटिस दिया जाएगा, और कमसे कम पंद्रह दिन का समय भी दिया जाएगा। लेकिन हो क्या रहा है? अगर इसे कानून की कसौटी पर देखा जाए तो बुलडोज़र की यह कार्रावाई ना सिर्फ अवैध है, बल्कि दंडनीय अपराध है। लेकिन सवाल फिर वही आ जाता है कि कौनसा न्यायालय इसे अवैध बताएगा और कौन सज़ा सुनाएगा?
कायदे में तो इसका सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर सुप्रीम की अवमानना है। क्या सुप्रीम कोर्ट को अपने सुप्रीम होने का अहसास है? क्या सुप्रीम कोर्ट को यह अहसास है कि ‘मालिक’ को खुश करने के लिए अधिकारियों द्वारा उसकी अवमानना की जा रही है? क्या पूरी दुनिया मदर ऑफ डेमोक्रेसी में होते इन तमाशों को नहीं देख रही है?
बताइए! कितना संगीन जुर्म किया है। जब ये ख़बरें दुनिया देखती होगी तो ‘विश्व गुरु’ की कैसी तस्वीर बनती होगी? दूसरी बात यह कि क्या ‘सावन’ में बीफ एक्सपोर्ट भी बंद है? अगर नहीं तो क्यों नहीं? एक और अहम सवाल यह भी कि क्या भारतीय दंड संहिता में सावन में नॉनवेज बेचना अथवा खाना अपराध है? अगर नहीं! तो तब ये गिरफ्तारियों किस धारा के अंतर्गत की जा रही हैं?