प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण इस देश की रियलिटी है। अगर मोदी नहीं करेंगे, तो कोई औ�� करेगा। जो प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करेगा, वही चुनाव जीतेगा। जो नहीं करेगा, वह चुनाव हारेगा। हमें क्या, मोदी चुनाव हारें! हम तो यही चाहते हैं।
जो एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकार लागू करेगा, वही चुनाव जीतेगा। ये देश की लगभग 85% आबादी हैं। इससे किसी का नुकसान नहीं होगा। उल्टा, निजी कंपनियों को योग्य उम्मीदवार मिलेंगे। डाइवर्सिटी बढ़ेगी, तो गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
आज प्राइवेट सेक्टर ठहरे हुए पानी का तालाब बन गया है। खुद नई तकनीक विकसित करने के बजाय विदेशों से तकनीक लाकर यहाँ बेचता है। इसलिए न इनोवेशन हो रहा है, न उतना मुनाफा।
आरक्षण खत्म कराने के लिए आप कितना भी सड़कों पर आए लेकिन सच बात तो ये फिरोज की ये सरकार निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करेगी। बस समय की प्रतीक्षा कीजिए।
सवर्णों को गुलामी की असली स्थिति से अवगत कराया जायेगा उन्हीं के तथाकथित चिंटू सम्राट द्वारा🤣