अधुरा सफर तो तुने किया हे,फिर सजा मुझे क्यु मिल रहि हे
मेने सिर्फ प्यार किया तुझ्से,ओर अँखे मेरि रो रहि हे
तु अब बदला हे,या मेने किसि अरको पढा था
जिस अधुरे सफर मे मेरे,तेरि मन्जिल हि नहि हे आधुरी हु मे तेरा एसान जो हु
खुस तो हे ना तु , तुज्से दुर जो हु😓😓