अगर इरादा शिक्षा सुधार का है, तो सरकारी स्कूलों को बंद क्यों किया जा रहा हैं ?
“सांदीपनि” के नाम पर हज़ारों शिक्षकों की नौकरियाँ दांव पर क्यों?
लाखों युवाओं के भविष्य पर ताले क्यों ?
जवाब दो मोहन यादव सरकार ?
#मोहन_यादव#मध्यप्रदेश@EduMinOfIndia@CMMadhyaPradesh@udaypratapmp
आज आदरणीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी एवं केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से "मेट्रो ट्रेन" का शुभारंभ किया।
इस सौगात के लिए समस्त भोपालवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
#BhopalMetroForViksitMP
आज आदरणीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी एवं केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से "मेट्रो ट्रेन" का शुभारंभ किया।
इस सौगात के लिए समस्त भोपालवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
#BhopalMetroForViksitMP
@Indersinghsjp आदरणीय महोदय जी हायर एजुकेशन में जो 6से 7सालों जो अतिथि विद्वान पंजीकृत है उनको भी कॉलेज में चॉइस फिलिंग का मौका दिया जाए विनम्र निवेदन है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी के 75वें जन्मदिन पर, माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी द्वारा लिखित यह विशेष लेख अवश्य पढ़ें।
इसमें उनके जीवन, कार्य और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर प्रधानमंत्री जी के विचार प्रस्तुत हैं।
https://t.co/AcEFaZXGqp
चरित्र निर्माण 👉🏻 युवा निर्माण 👉🏻राष्ट्र निर्माण!
चरित्र निर्माण के लिए कोई सॉफ्टवेयर नहीं होता है।
विद्यार्थी, शिक्षकों के आचरण और व्यवहार से ही सीखते हैं।
आज भोपाल स्थित निवास कार्यालय से, उच्च शिक्षा विभाग एवं ओएसिस संस्थान गुजरात के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों की नेतृत्व क्षमता एवं चरित्र निर्माण को लेकर आरम्भ "मिसाल : नेतृत्व क्षमता"(जनजातीय युवा विशेष प्रकल्प) कार्यक्रम के शुभारम्भ अवसर पर, वर्चुअल सहभागिता की।
इस अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल जी का प्रेरक वर्चुअल संदेश प्रसारित किया गया।
मिसाल का अर्थ है : To Set An Example..
इस परियोजना का मूल ध्येय, जनजातीय युवाओं में छिपी नेतृत्व प्रतिभा को ढूंढना और उन्हें सक्षम बनाना है। "मिसाल" कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य, युवाओं में छिपी क्षमता का अनावरण करना एवं उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। विद्यार्थियों के जीवन में सही, मूल्य आधारित, सिद्धांत केंद्रित विकल्प बनाने में उनका सहयोग करना भी इस कार्यक्रम का ध्येय है।
इस आशय हेतु उच्च शिक्षा विभाग और ओएसिस संस्थान के मध्य ' मिसाल - नेतृत्व विकास' कार्यक्रम का समझौता ज्ञापन (MOU) हस्ताक्षरित हुआ है। यह पायलट कार्य 3 वर्ष तक सतत् जारी रहेगा।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने वर्चुअल सहभागिता की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, ओएसिस संस्थान के पदाधिकारीगण एवं विभिन्न महाविद्यालयों के नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।
आज मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर विविध विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को, जो मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की पदस्थापना से या स्थानांतरण से प्रभावित हुये है, ऐसे अतिथि विद्वानों के प्रकरणों में विचार करते हुये पृथक से विकल्प भरने का अंतिम अवसर प्रदान करने के निर्देश दिये। सार्थक पोर्टल पर अनाधिकृत रूप से उपस्थिति दर्ज करने वाले अतिथि विद्वानों के प्रकरणों में विचार करते हुये, संबंधित द्वारा इस प्रकार की पुनरावृत्ति न होने की प्रतिबद्धता के साथ, शीघ्र निराकृत करने को कहा।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभिन्न महाविद्यालयों में एकल संकाय से बहुसंकाय एवं स्नातक से स्नातकोत्तर किए जाने को लेकर भी विस्तृत चर्चा कर, आवश्यक निर्देश दिए। विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर, "स्टूडेंट परफॉमेंस इंडेक्स" तैयार करने की कार्ययोजना पर क्रियान्वयन करने को कहा। नकल पर नकेल कसने, परीक्षा पद्धति को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली एवं विधि महाविद्यालय से जुड़े विविध विषयों सहित अन्य बिंदुओं पर व्यापक चर्चा कर, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।