@narendramodi 80 साल की अम्मा कुम्भलगढ़ क़िले के मंदिर में आस लगाये बैठी है कि कोई गुजरात से आयेगा और मोदी जी तक बात पहुँचायेगा कि मंदिर में एक बल्ब लग जाये
@INCIndia अबे बंद कर फ़र्ज़ी नेरेटिव
विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए उसका सेंटर चेंज किया
और जाँच शुरू कर दी है
अंत में ये निकलेगा कि छात्र ने ख़ुद ही अबुधाबी का सेंटर भरा होगा नेरेटिव बनाने के लिये
क्यों @SupriyaShrinate राहुल गांधी के इतने तलवे चाटने का क्या फायदा जब जन्मदिन की पार्टी पर उसने तुम्हें बुलाया ही नहीं
और तुमने AI जेनरेटेड फोटो लगा दिया यह बताने के लिए कि तुम्हें राहुल गांधी ने जन्मदिन की पार्टी में बुलाया था
😂😂😂😂😂😂😂
प्रधानमंत्री मोदी जी का बड़ा फैसला!
7 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मंज़ूर।
अब दिल्ली-लखनऊ 2 घंटे, मुंबई-अहमदाबाद 2 घंटे से कम और बेंगलुरु-चेन्नई सिर्फ 73 मिनट।
रफ्तार भी, विकास भी। 🇮🇳
2007 में मतगणना के पहले अपनी माँ के चरणों में माथा टेककर प्रणाम करते भावुक अमित शाह
थोड़ी ही देर बाद भाजपा को दो तिहाई बहुमत की उनकी भविष्यवाणी सही निकली
और इसे रिकॉर्ड कर रहे थे रवीश कुमार 😎
कोविड वैक्सीन लगवाने वालों को 'दिल के दौरे का खतरा' नहींः-
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कई साल से हम सुन रहे हैं कि कोविड वैक्सीन लगवाने के कारण युवाओं को भी हार्ट अटैक हो रहे हैं। एक नई ��िपोर्ट में इसका जोरदार खंडन हुआ है। हाल ही में आई प्रमुख मेडिकल रिपोर्ट्स (जैसे 'जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन' और 'हार्ट' जर्नल में प्रकाशित रिसर्च) ने यह स्पष्ट किया है कि कोविड-19 वैक्सीन न केवल कोरोना वायरस से बचाती है, बल्कि हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम करती है।
इन अध्ययनों के अनुसार, जिन लोगों ने कोविड-19 की वैक्सीन लगवाई है, उनमें ��ोरोना संक्रमण के बाद होने वाली हृदय संबंधी जटिलताओं (जैसे हार्ट फेलियर और नसों में खून के थक्के जमना) का जोखिम उन लोगों की तुलना में बहुत कम होता है जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है। यह निष्कर्ष दुनिया भर के लाखों लोगों के स्वा��्थ्य डेटा के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस का सीधा संक्रमण शरीर में गंभीर सूजन (inflammation) पैदा करता है और खून के थक्के (blood clots) बनने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है, जो हार्ट अटैक का प्रमुख कारण बनते हैं। वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम को वायरस से लड़ने के लिए पहले से तैयार कर देती है, जिससे संक्रमण होने पर भी उसकी गंभीरता और हृदय पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो ज���ता है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि वैक्सीनेशन के बाद हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के जोखिम में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, और यह सुरक्षात्मक प्रभाव संक्रमण के महीनों बाद तक बना रहता है।
यह नई रिपोर्ट उन सभी भ्रांतियों और अफवाहों को भी ठोस वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर खारिज करती है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि कोविड वैक्सीन से युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि कुछ बहुत ही दुर्लभ और सामान्य मामलों को छोड़कर, व्यापक स्तर पर वैक्सीन के फायदे इसके किसी भी संभावित जोखिम से कहीं अधिक हैं। संक्षेप में कहें तो, कोविड वैक्सीन असल में कोरोना वायरस के कारण भविष्य में होने वाले जानलेवा कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रही है, विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।
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आगा खां पैलेस - यही वो जेल है जहाँ महात्मा' मोहनदास करमचंद गांधी को 2 साल तक यातनाएं दी गई थीं।
सजा इतनी कठोर थी कि 'बापू' को स्नान करने के लिए 10×10 फिट के संगमरमर लगे बाथरूम में नहाना पड़ता था।
सजा इतनी कठोर थी कि बापू को 8×8 फिट के नर्म, मुलायम मखमली बिस्तर में सोने के लिए मजबूर किया जाता था।
सजा इतनी कठोर थी कि 20 एकड़ में फैले आगा खां पैलेस की हरी हरी मुलायम घास(लॅान) में घूमने के लिए मजबूर किया जाता था।
सजा इतनी कठोर थी कि 12×12 फिट के स्टडी रूम में आलीशान टेबल कुर्सी में बेहतरीन इंग्लैंड के कागज में लेखन के लिए मजबूर किया गया।
और हां, सजा इतनी कठोर थी कि बापू की पत्नी भी साथ में रहती थी।
सजा इतनी कठोर थी कि आने जाने के लिए मर्सडीज कार मे�� बैठने को मजबूर किया जाता था।
और उधर वीर सावरकर को इतनी आसान सजा मिली थी, हाथ पांव लोहे की जंजीरों से बंधे थे और दो जन्म की कालापानी की और उसमे भी रोज कोल्हू से तेल निकालना पड़ता था।
गांधी देश के बापू बन गए और सावरकर जी अंग्रेजो से माफी मानने वाला !
नोट:-जिसे विश्वास नही है वे पुणे में स्थित आगा खां पैलेस घूम आए, जो आज भी गांधी संग्रहालय के रूप में है।