@cmo@DIPRRajasthan
MNJY जांच व्यवस्था मजबूत थी
जिसमें रोजगार भी था
गुणवत्ता भी थी
किफायती भी थी
हब एंड स्पोक मॉडल से जांच व्यवस्था कमजोर हुई
सरकारी अस्पताल को ही अगर प्राइवेट हाथों में सौंपना कितना जायज है?
@hanumanbeniwal
राजस्थान के स्वास्थ्य संस्थानों में लैब की जांच से जुड़े कार्यों को हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को देने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व जनविरोधी है | यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करेगा बल्कि मरीजों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए गंभीर संकट खड़ा करेगा | निजी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए ऐसे निर्णय से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, इंटर्न, नर्सिंग स्टूडेंट्स और पैरामेडिकल स्टाफ की पढ़ाई और प्रशिक्षण पर सीधा असर पड़ेगा,मरीजों को जांच और इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा वहीं इमरजेंसी सेवाओं में देरी जानलेवा साबित हो सकती है साथ ही बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने की मजबूरी से आम जनता की तकलीफ बढ़ेगी। उदाहरण के तौर पर बताऊं तो थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर जांच और उपचार नहीं मिल पाएगा वहीं वर्षों से अल्प वेतन पर संविदा पर जो लोग कार्य कर रहे थे उन्हें उम्मीद थी कि कभी न कभी सरकार उनके साथ न्याय करेगी और वर्षों की मेहनत का उन्हें सकारात्मक फल मिलेगा मगर सरकार के ऐसे तुगलकी फरमान ने पहले से संविदा पर लगे कार्मिकों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को कहना चाहता हूं कि ऐसे निर्णय की तत्काल उच्च स्तरीय समीक्षा करके हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को दिए गए कार्य पर रोक लगाए | चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में निजीकरण को बढ़ावा देना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुभ संकेत नहीं है |
@RajCMO
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अब तक सुनते थे की संविदा को परमानेंट करेंगे
पहली बार चिकित्सा विभाग का आदेश है कि परमानेंट को हटाकर संविदा पर लगाएंगे
पहले जांचों का निजीकरण
जांचों की गुणवत्ता?
अब परमानेंट पद खत्म
संविदा को ही परमानेंट?
@BhajanlalBjp@KumariDiya@RajCMO@GajendraKhimsar
निजीकरण जब जांचों की गुणवत्ता प्रभावित हो चुकी है तो अब नागौर CMHO निजी फर्म जिसको मशीन और मैनपावर उपलब्ध करानी थी
उसके विपरीत जाकर सरकारी कर्मचारी सरकारी मशीनों को ही निजी फॉर्म को दे रहे हैं
MD NHM के गजब आदेश और उनकी पालना
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@KumariDiya@RajCMO
राजस्थान की विश्व स्तरीय सरकारी जांच व्यवस्था अब निजीकरण के नाम से सवालों के कटघरे मे
गलत जांचरिपोर्ट के दुष्परिणाम से जनहित में हमने पहलेही अवगत कराया था
दूसरे राज्यों में निजीकरण ने पूरे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को धूमिल किया है
@BhajanlalBjp@KumariDiya@GajendraKhimsar
हर जिले में यही कहानी है
पहले गुणवत्ता पूर्ण जांचे मरीजों को एक से दो घंटे में मिल रही थी
ट्रेंड स्टाफ काम कर रहा था
अब वही रिपोर्ट मरीज को अगले दिन मिल रही
जांचों के गुणवत्ता बचाए रखने का अभी भी समय है
MOU पर पुनर्विचार किया जाए
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विभाग ने निजीकरण करने में एक महीना नहीं लगाया
पदनाम को 2 साल से अधिक हो गए
स्टाफिंग पैटर्न की फाइल विभाग दबा के बैठा है
मांगों पर मानो विभाग को सांप सूंघ जाता है
लेकिन निजीकरण की गति कल्पनाओं से परे रही
@narendramodi@PMOIndia
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी को अखिल राजस्थान लैब टेक्नीशियन कर्मचारी संघ की ओर से जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई 💐
ईश्वर आपको हमेशा स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रखें🙏