@Pavankm2382000@BhartiParikshaN@upesscprayagraj@myogiadityanath@TheNewspinch इस सब भूल जाओ जाके ctet भरो और तैयारी करो । Pgt hindi में 106 ews वर्ग से था मेरी पत्नी का अयोग ने प्रार्थना पत्र रिसीव किया था लेकिन कुछ नहीं हुआ । 2021 टीजीटी पीजीटी भर्ती में रोल नंबर गोला गलत भरके पता नहीं कितने लोग नौकरी से वंचित हो गए ।
@PayalMalik5325@ap_brahman1@Voiceofpavan तुमको कैसे पता मै इस मानसिकता से ग्रसित हूं। अब तुम मेरे बारे में कुछ जानती नहीं तो ऐसे कैसे बोल सकती हो। बस तुम लोगों की मानसिकता में ये बैठ गया है कि हम दबे कुचले है । भगवान जाने कब ये बुद्धि खुलेगी तुम लोगों की।
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
कोई भी चाटुकार इन तीखे सवालों का जवाब नहीं दे पाएगा।
यह भारत के असल में प्रतिभाशाली और पढ़े-लिखे वर्ग का एकमात्र विरोध-प्रदर्शन है।
यहाँ तक कि 100 दिलीप मंडल भी उनका मुकाबला नहीं कर सकते।
@yadavakhilesh मैंने कहा था पूंजीवाद हावी है । उन्हें पता है अगर आरक्षण की समीक्षा हो गई तो ये लोग वंचित हो जाएगे इसलिए हमेशा सम्पन्न होने के बाद भी खुद को पिछड़ा साबित करने की होड़ लगी रहती है। माननीय प्रधानमंत्री जी तो इतने बड़े पद पर होने के बाद भी खुद को पिछड़ा बताते है।😂🤣
माननीय श्री @yadavakhilesh जी आरक्षण पर एक जरूरी बहस होनी चाहिए। 🇮🇳
आरक्षण का मूल उद्देश्य उन लोगों को अवसर देना है, जो सामाजिक, शैक्षणिक या अन्य वास्तविक वंचनाओं के कारण आगे बढ़ने में पीछे रह गए हैं। लेकिन क्या समय के साथ इसकी व्यवस्था की समीक्षा नहीं होनी चाहिए?
मेरी राय में आरक्षण की नीति को जाति के साथ सामाजिक पिछड़ापन, आर्थिक स्थिति, दिव्यांगता, अनाथ बच्चों, शहीद परिवारों की वास्तविक जरूरत और अवसरों की कमी जैसे कई आधारों को ध्यान में रखकर अधिक न्यायसंगत बनाया जाना चाहिए।
जो परिवार आरक्षण का लाभ लेकर कई पीढ़ियों से सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके हैं, उनके मामले में क्रीमी-लेयर/बहिष्करण जैसे प्रावधानों को प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू करने पर भी गंभीर चर्चा जरूरी है।
मुद्दा किसी जाति या समुदाय के खिलाफ होना नहीं है।
मुद्दा यह है कि सरकारी सहायता उस व्यक्ति तक पहुँचे जिसे उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
आरक्षण का उद्देश्य हमेशा के लिए किसी को लाभ देना नहीं, बल्कि वंचित व्यक्ति को अवसर देकर उसे बराबरी के स्तर तक पहुँचाना होना चाहिए।
क्या भारत में आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष, डेटा-आधारित और समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए?
असली सवाल यही है—आरक्षण राजनीति का विषय रहे या सामाजिक न्याय को अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम बने?
आपकी राय क्या है? 🇮🇳⚖️
उजीर अली जो कि जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के संदेशखाली ब्लॉक प्रेसिडेंट भी हैं और सर्वेरिया हाइ स्कूल का हेडमास्टर भी |
उजीर अली के खास कमरे में शराब की बोतलें और कंडोम के पैकेट मिले हैं क्योंकि यह बच्चियों का शोषण करता है |
हिंदू अभिभावकों मीडिया के सामने खुल कर कह रहे हैं कि यह मौलाना हिंदू लड़कियों से अपनी मालिश करवाता है |
स्कूल के हिंदू छात्र बता रहे हैं कि स्कूल में किसी भी हिंदू बच्चे को सरस्वती पूजा नहीं करने देता है |
इतने विरोध और असलियत बाहर आने के बाद भी पुलिस ने अभी तक उजीर अली पर कोई कार्यवाही नहीं करी है |
पोस्ट देख रहे हिंदुओं ज्यादा कुछ नहीं कर सकते तो इस पोस्ट को @SuvenduWB तक जरूर पहुंचा देना |