इस वीडियो में साफ़ दिख रहा है
BJP सांसद हाथों में डंडे लगे प्लेकार्ड लेकर
संसद के अंदर जाने के रास्ते को ब्लॉक करके खड़े थे
83 वर्षीय खरगे जी, प्रियंका जी और अन्य महिला सांसदों के साथ BJP के सांसद ज़ोर ज़बरदस्ती कर रहे हैं
इनको इस गुंडई करने का हक़ किसने दिया है?
BJP के सांसद विपक्ष के सांसदों, खरगे जी, राहुल जी सबको अंदर जाने से रोक रहे थे
इन लोगों ने 83 वर्ष के खड़गे जी के साथ और प्रियंका जी के साथ भी धक्का मुक्की की
ना हम इन गिदड़ों से कभी डरे थे, ना कभी डरेंगे
मैं संसद के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था।
लेकिन BJP के सांसद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे, धक्का दे रहे थे और धमका रहे थे।
ये संसद है और अंदर जाना हमारा अधिकार है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
बाबा साहब अंबेडकर ने हमें स्वर्ग नहीं, बल्कि स्वर दिया है। इस देश के 90% लोगों को उनके अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए आवाज दी। वह सच में आधुनिक भारत के भगवान है। अमित शाह द्वारा बाबा साहाब अम्बेडकर का अपमान ना काबिले बर्दास्त है। #तड़ीपार_माफ़ी_मांग
मैं कांग्रेस पार्टी की ओर से मांग करता हूं कि अमित शाह जी सार्वजनिक रूप से और सदन में आकर माफी मांगें।
बाबासाहेब अंबेडकर को लेकर उन्होंने जो बात कही है, उसे देखते हुए वे संवैधानिक पद पर रहने का अधिकार खो चुके हैं।
उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए।
: राज्य सभा सांसद @NeerajDangiINC जी
"उनका पूरा काम अंबेडकर ने जो संविधान बनाया है, उसे खत्म करने का है"
◆ संसद में अमित शाह के बयान पर राहुल गांधी ने कहा
#Ambedkar | @RahulGandhi | Ambedkar | Rahul Gandhi
संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के सम्बन्ध में देश के गृहमंत्री अमित शाह जी द्वारा दिया गया बयान बेहद निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।
बाबा साहेब ने राष्ट्र को एक ऐसा संविधान दिया, जो हर नागरिक को समानता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। इस देश के पिछड़ों-दलितों के लिए बाबा साहेब ने जो अद्वितीय कार्य किए हैं, उसी का प्रतिफल है कि एक बहुत बड़ा समाज उन्हें भगवान की तरह मानता है।
एक जिम्मेदार और संवैधानिक पद पर आसीन होकर इस प्रकार की घृणित टिप्पणी बाबा साहेब के योगदान को कमतर आंकने का कुंठित प्रयास है।
हमारी दृढ़ता के साथ मांग है कि गृहमंत्री अमित शाह जी अपने इस बयान के लिए देश से अविलम्ब माफी मांगें। बाबा साहेब का सम्मान ही संविधान का सम्मान है, इस देश की करोड़ों जनता का सम्मान है।
जय भीम, जय संविधान!
BJP और उनके नेता शुरू से ही कह रहे थे कि हम संविधान बदल देंगे।
ये लोग अंबेडकर जी और उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं। उनका एकमात्र काम संविधान और अंबेडकर जी द्वारा किए गए काम को खत्म करना है।
ये बात पूरा देश जानता है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
कल राज्यसभा में गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर को लेकर की गई टिप्पणी निंदनीय है।
कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे एवं श्री राहुल गांधी श्री अमित शाह की इसी सोच का बार-बार जिक्र करते हैं जिसकी मंशा भारत के संविधान को बदलने की है।
श्री अमित शाह की टिप्पणी भाजपा की संविधान और बाबासाहेब अम्बेडकर विरोधी सोच को उजागर करती है इसलिए ही उन्हें बाबासाहेब अम्बेडकर का नाम सुनने में भी आपत्ति हो रही है।
“अमित शाह जी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।”
अमित शाह जी का यह कहना कि “अंबेडकर का नाम बार-बार लेने से अच्छा होता भगवान का नाम लेते” बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के प्रति असम्मानजनक है।
बाबा साहेब ने देश को एक ऐसा संविधान दिया, जो हर नागरिक को समानता और न्याय का अधिकार देता है। उनका नाम और उनके विचार देश की आत्मा का हिस्सा हैं। ऐसे बयान यह दिखाते हैं कि कुछ लोगों को उनके योगदान की अहमियत समझ नहीं आती।
हम दृढ़ता से मांग करते हैं कि अमित शाह जी अपने इस बयान के लिए देश से माफी मांगें। बाबा साहेब का सम्मान देश की जनता का सम्मान है।
बाबा साहेब अंबेडकर के चाहने वालों को स्वर्ग नहीं स्वर ही अवश्य चाहिए। संविधान के शिल्पकार के प्रति ऐसी घृणित सोच 𝐁𝐉𝐏 और 𝐑𝐒𝐒 की पाठशाला से ही पनपती है।
देश के 𝟏𝟎𝟎 करोड़ से अधिक वंचित, उपेक्षित, उत्पीड़ित, शोषित, उपहासित, दलित, पिछड़े, गरीब, अल्पसंख्यक एवं समता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, बन्धुता और संविधान में यकीन रखने वाले न्यायप्रिय लोगों के लिए बाबा साहेब अंबेडकर भगवान से भी कम भी नहीं है। बाबा साहेब ने करोड़ों लोगों को नारकीय जीवन से छुटकारा दिलाकर इसी जीवन में जीते-जी ही मोक्ष प्रदान कर दिया।
संविधान निर्माता के प्रति मा॰ गृहमंत्री की ऐसी संकीर्ण सोच की हम निंदा तथा माफ़ी की माँग करते है। #TejashwiYadav
ये दोनों दलित चिंतक कुछ बोलेंगे कि नहीं अमित शाह के बयान पर.? या फिर इनके लिए बाबा साहब से ज्यादा महत्वपूर्ण सत्ता और अमित शाह हैं।
#तड़ीपार_माफ़ी_मांग