@Shreee_Amit मी ह्या कारणामुळे पुणे 4 वर्षापूर्वी सोडले सोडताना फार वाईट वाटत होते कारण 4 पिढ्या पुण्यात राहिल्या इथे जन्म झालं वाढलो शिकलो आता दुसरीकडे राहावं लागते आहे बाहेरच्या लोंढे वाढत चालले
# @CollectorPune Kathapur Bk tal ambegaon 1997 मध्ये गावच्या सरपंच व सदस्यांनी मिळून सरकारी जागा 1500 रुपये घेऊन गावविकास कामाच्या नावाखाली काही लोकांना विकली आज त्याठिकाणी लोकांनी पक्की घर बांधून घेतली आहेत व काहींनी त्या जागा विकल्या आहेत
What an amazing analysis by @UnSubtleDesi thanks girl for having the guts to call out the Islamists jihadis and calling out the @INCIndia and @AamAadmiParty for their screwed up politics!
That woman from AAP needs to see what the Islamists do to her if she as much as whispers one word against them!
#NuhConspiracy
ये एक ट्रेनिंग हे और आप आज तक समझ नहीं पाए बकरी ई..द से पहले परिवार करीब 10 दिनों तक बकरी/बकरे को रखता है..!!
इस समय के दौरान, वे इसे खिलाते हैं, इसे नहलाते हैं, इसके साथ खेलते हैं और लगभग एक बच्चे की तरह इसकी देखभाल करते हैं
घर के बच्चे इसके प्रति बहुत स्नेही हो जाते हैं फिर एक सुबह बकरी को 'Ha'..
लाल किया जाता है बच्चों की आंखों के ठीक सामने
बच्चे शुरू में क्रोधित, उन्मादी और उदास हो जाते थे लेकिन अंततः उन्हें इसकी आदत हो जाती है
यह प्रक्रिया 1 से 18 वर्ष की आयु के बच्चे पर हर साल दोहराई जाती है
जब वे 18 वर्ष के होते हैं, तब तक वे जान जाते हैं कि E सलाम के लिए जीवन की सबसे प्रिय वस्तु की भी कुर्बानी दी जाती है यहां तक कि जिस बकरे को आप पाल रहे थे और जिसे प्यार से पाल-पोस कर आपने बड़ा किया वो भी मायने नहीं रखता
इसलिए जब वे आपसे दोस्ती करते हैं, आपके लिए मददगार होते हैं, आपको भाई-बहन कहते हैं, और आपके करीब हो जाते हैं.....
#याद_रखें .....
कि उन्होंने बचपन से हर साल इस कला का अभ्यास किया है
आप बकरी से अलग नहीं हैं।
तुम्हारा ..... A' ब्दु L अलग नहीं है, वो एक प्रशिक्षित ka'.. 'साई' है..😡
जागो हिंदू जागो..!!🚩🙏