“40₹ पाकिस्तान से आए तो मेट्रो लिया
20₹ अमेरिका से एक तो रिक्शा लिया…”
क्या ज़बरदस्त जवाब है!
इस जवाब को सुनने के बाद तो उन नामुरादों को अपना चेहरा रेत में गोत लेना चाहिए जो किसी भी असंतोष और प्रदर्शन के पीछे विदेशी फंडिंग देखते हैं
VC @Nher_who
आंटी रोज 2500 के लिए ये सब बोलती है राघव चड्ढा की नई बहन है वो भी इंस्टाग्राम का पीएम था आंटी ट्वीटर की पीएम बनने की कोशिश कर रही है आंटी सब पंजाब वाले डर गए तुझसे
Please spare just 2 minutes to watch this video.
Can a film be stopped? Yes. Can history be erased? I don’t think so.
In this short vlog, I share my thoughts on #Satluj, memory, and why the past cannot simply be wished away.
मूत किसका निकल रहा है भिंडी फ्राय को देख कर पता चल रहा है खालिस्तानी के डर से पंजाब के हिंदुओं की बात भी नहीं कर पा रहे
अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के नाम पर चूडी तोड़ने वाला रो रहा था मोदी ने एक पोस्ट नहीं की 😂
दुबई सऊदी के आगे मोदी लेट गया बताने वाले
ज्ञान दे रहे हैं
वामपंथी छोड़ कर नए नए हिंदू बने लोग बतायेंगे BJP और RSS के कौन खिलाफ है कौन साथ 😝
जब जवानी में नाग-नागिन, साँप-सपेरा जैसे किरदार फ़िल्मों में ज़्यादा निभा लिए हों, तो बुढ़ापे में दिमाग़ ऐसे ही सटक जाता है।
अब ये राम के भी घर में हुई चोरी को चोरी तक नहीं कह पा रहा है।
𝐏𝐨𝐰𝐞𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐚 𝐬𝐭𝐫𝐨𝐧𝐠𝐞𝐫 𝐭𝐨𝐦𝐨𝐫𝐫𝐨𝐰 𝐭𝐡𝐫𝐨𝐮𝐠𝐡 𝐭𝐫𝐮𝐬𝐭𝐞𝐝 𝐩𝐚𝐫𝐭𝐧𝐞𝐫𝐬𝐡𝐢𝐩𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐬𝐡𝐚𝐫𝐞𝐝 𝐚𝐦𝐛𝐢𝐭𝐢𝐨𝐧. 🇮🇳🤝🇦🇺
PM Modi's Australia visit marks another major step in strengthening the India-Australia Comprehensive Strategic Partnership, with a focus on clean energy, critical minerals, nuclear cooperation, and economic growth. Australia's commitment to uranium supplies will strengthen India's clean nuclear energy programme and support long-term energy security. 🔋
AustralianSuper's additional A$500 million investment in India's National Investment and Infrastructure Fund reflects growing global confidence in India's stable economy and reform-driven growth. Together, both nations are advancing renewable energy, green hydrogen, and resilient critical mineral supply chains while supporting India's goal of 100 GW nuclear power capacity by 2047.
𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐥𝐞𝐚𝐝𝐞𝐫𝐬𝐡𝐢𝐩 𝐨𝐟 𝐏𝐫𝐢𝐦𝐞 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐒𝐡𝐫𝐢 @narendramodi, 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐜𝐨𝐧𝐭𝐢𝐧𝐮𝐞𝐬 𝐭𝐨 𝐝𝐞𝐞𝐩𝐞𝐧 𝐭𝐫𝐮𝐬𝐭𝐞𝐝 𝐠𝐥𝐨𝐛𝐚𝐥 𝐩𝐚𝐫𝐭𝐧𝐞𝐫𝐬𝐡𝐢𝐩𝐬 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐝𝐫𝐢𝐯𝐞 𝐬𝐮𝐬𝐭𝐚𝐢𝐧𝐚𝐛𝐥𝐞 𝐠𝐫𝐨𝐰𝐭𝐡, 𝐞𝐧𝐞𝐫𝐠𝐲 𝐬𝐞𝐜𝐮𝐫𝐢𝐭𝐲, 𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐯𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐚 𝐕𝐢𝐤𝐬𝐢𝐭 𝐁𝐡𝐚𝐫𝐚𝐭. 📈
चाय बेची, फिर 35 साल भीख मांगी, फिर सीएम बन गए, फिर विदेश कब घूम रहे थे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि न्यूज़ीलैंड में बताया है कि वे 30 साल पहले न्यूजीलैंड घूमने गए थे। तब सार्वजनिक जीवन में उनकी कोई खास पहचान नहीं थी। उस समय उन्हें किसी ने मफलर, कैप और दस्ताना गिफ्ट किया था।
इसके पहले वे कई बार बता चुके हैं कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने 35 साल तक भीख मांगी है। उससे पहले वे बचपन से किशोरावस्था तक चाय बेचते थे।
सवाल उठता है कि क्या भीख मांगने वाले दौर में वे न्यूज़ीलैंड घूम रहे थे? क्या कोई भीख मांगने वाला व्यक्ति न्यूज़ीलैंड घूमने जा सकता है? उनकी अमेरिका और अन्य देशों से जुड़ी कुछ फोटो भी इंटरनेट पर मौजूद हैं।
असल में, हमारे प्रधानमंत्री का राजनीति से पहले का जीवन संदिग्ध है। उन्होंने ऐसे स्टेशन पर चाय बेची जो बना ही नहीं था। उन्होंने ऐसी डिग्री हासिल की, जो वजूद में ही नहीं रही। उनकी डिग्री ऐसे फ़ॉन्ट में है तब विकसित ही नहीं था। वे ऐसे छात्र हैं जिनका कोई सहपाठी नहीं है।
आप हमारे जैसे मामूली आदमी के गांव जाइए, सौ लोग मिल जाएंगे जो मेरे बारे में मुझसे ज्यादा बता देंगे। ये धरती के अकेले ऐसे मनुष्य हैं जिनके बारे में सब संदिग्ध है।
इनके राजनीति से पहले के जीवन के बारे में वैसी कहानियां क्यों नहीं आतीं जैसे और नेताओं के बारे में हम सुनते हैं?
नरेंद्र मोदी कौन हैं? कहां से आए? इनका इतिहास क्या है? देश को इस पर गंभीरता से बात करनी चाहिए, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।
बीस साल पहले किसी ने मफ़लर दिया था लेकिन इन बीस सालों में वह मफ़लर कभी किसी ने उनके गले में नहीं देखा।
वैसे क्या ग़ज़ब क्वालिटी थी बीस साल से चमक रहा है, उम्र का असर उन पर हो गया लेकिन मफ़लर पर नहीं हुआ।
और बीस साल पहले जिसने मफ़लर दिया बीस साल बाद उसका नाम भी नहीं याद आया। उस चार्टर्ड प्लेन में उस एक आदमी के लिए जगह नहीं बनी।
मुझे भी लंदन में एक डॉक्टर मित्र ने बहुत प्यारा मफ़लर दिया था। पहनता हूँ, बीस साल तो नहीं ही चलेगा लेकिन बीस साल बाद भी लंदन जाऊँगा तो उन्हें फ़ोन ज़रूर करूँगा।
वो गिफ्ट याद रखते हैं, दोस्त नहीं।
हम गिफ्ट भूल सकते हैं, दोस्त को कभी नहीं।
ये बंदा इतना वेला है इसके पास कोई काम नहीं ...मंदिर चढ़ावा चोरी पर एक पीआईएल डाल कुछ काम की बात कर लो हिन्दू-मुस्लिम हिन्दू सिक्ख इसके अलावा बहुत सारी समस्याए है भाई देश में ... एक बात और मोदीजी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते विदेश तक में डंका बज रहा है इस बात का ..कुछ करो
बताओ मरीज के साथ किसको जोडॠ रहे है न्यायपालिका का रवैया कैसा है इस पर बात करो अलग से भी वक्त निकाल कर न्याय देना चाहिए न्यायालय को लेकिन इनको तीस्ता याद आ गई मतलब लाजिक की तो 😅😂🤣🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 बजा रखी है
Cancer patient was about to die. She pleaded. Her plea has been listed 57 times. The court has still not heard it. Teesta Setalvad was about to be jailed. She pleaded. Her plea was listed out of turn. The court heard it at midnight.
Cancer patient is dead. Teesta is alive.
बहुत कड़ी भाषा का प्रयोग किया है तहसीन ने मंत्री गडकरी और अधिकारियों के खिलाफ। जबकि ये लोग तो सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पास की गई एथनॉल पॉलिसी का पालन कर रहे हैं।
सोचिये तहसीन को मोदी पर कितना गुस्सा आता होगा, जिसने इस पॉलिसी को लोगों पर लादा है?
लेकिन मोदी का नाम पता नहीं क्यों नहीं लेते? प्यार है, डर है, लालच है, ये नहीं पता। लेकिन मोदी का जिक्र आप ना इनकी बातों में देखेंगे, ना इनके ट्वीट्स में। गडकरी गरियाने लायक है, ये बात सही है। लेकिन क्या मोदी मोहब्बत के लायक है?
पंजाब में जूतम पैजार, दतिया में आंतरिक लोकतंत्र दिखा रहा दलाल मीडिया आपको नहीं बताएगा कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया? मैं बताता हूं।
1-नरोत्तम मिश्रा का जीतना तय था। जीतते तो पूर्व के यह सुपर सीएम मोहन यादव पर भारी पड़ते। उनका जीना दूभर करते।
2-पार्टी हाईकमान जानता था कि कैलाश विजयवर्गीय पहले से ही मोहन यादव पर हमलवार हैं। भाजपा दूसरा विरोधी नहीं पैदा करना चाहती थीं।
3-नरोत्तम का टिकट काटकर मोहन यादव को कांटीन्यू रखकर यूपी में संदेश दिया गया है कि भाजपा पिछड़ों के साथ है।
4-मोहन यादव और शिवराज को अलग अलग कहा गया है कि आपकी वजह से आपके सम्मान को देखते हुए नरोत्तम को दक्षिण दिशा में रखा गया।
5- अन्य राज्यों में भी यह संदेश दिया गया कि जो नबर दो चाहेगा वही होगा। उससे इतर कुछ नहीं। नंबर दो ही बीजेपी के भीतर का लोकतंत्र है।
शर्म इनको आती है बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है ...इनको अच्छा लगता है विदेश में विमानों में भरकर लोगों को लाना और लिविंग गाड बताना इनको नौटंकी नहीं लगती
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह भाई भारत में डःका बजाने के लिए भाड़े के लोग चार्टड विमान से भरकर भौकाल बनाया जा रहा है लिविंग गाड है मोदीजी 😍😍😍
सही है... भारत में तो इस पर भी बात नहीं हो रही है एस आइ आर बिना किसी तैयारी के हो रहा है बीएलओ भी कन्फ्यूज है उसे भी नहीं पता क्या करना है संडे को बीएलओ को बताना पड़ रहा है कि हमें भी पूरी जानकारी नहीं है ...