रेलवे की हाई-स्पीड ट्रेनों के लोको पायलटों में माइक्रो स���लीप की चौंकाने वाली स्थिति सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। रिपोर्ट के अनुसार, आधी रात के बाद ड्यूटी करने वाले बड़ी संख्या में चालक झपकी और थकान के शिकार हो रहे हैं और हर तीसरे ड्राइवर में माइक्रो स्लीप के लक्षण दर्ज हुए हैं।
एक अनुमान के अनुसार, रेलवे में 14,79,701 स्वीकृत पदों के मुकाबले 2,40,125 पद खाली हैं। लोको रनिंग स्टाफ की भारी कमी का सीधा असर कर्मचारियों के कार्यभार पर पड़ रहा है।
माननीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी, लोको पायलटों से लंबी ड्यूटी और पर्याप्त साप्ताहिक विश्राम के बिना काम लेना न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि करोड़ों रेल यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहा है।
@RailMinIndia तत्काल रिक्त पदों को भरे, लोको रनिंग स्टाफ की कमी दूर करे, ड्यूटी के निर्धारित घंटे और अनिवार्य विश्राम सुनिश्चित करे तथा फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करे।
पैसे की कमी का उलाहना मत दीजिए। अभी-अभी NCLT ने डॉ. सुभाष चंद्रा जी से जुड़े मामले में 22,006 करोड़ रुपये के बकाये के निपटारे के लिए 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दी है। ऐसे में करोड़ों रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े लोको रनिंग स्टाफ के रिक्त पदों को भरने के लिए संसाधनों की कमी का बहाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। कर्मचारियों की कमी का बोझ लोको पायलटों पर डालकर उनकी क्षमत��� से अधिक काम लेना तत्काल बंद किया जाए।
@mygovindia @PMOIndia
@narendramodi
@abhinav_blogger Karab vyavhar ke karan hi uspar act laga hai......dalali mat karo tum log ptrakar nahi naxali ho jo samaj ko bantane ka kam kar rahe ho , is desh ko todane ka kam kar rhe ho
@ChandanSharmaG@mrrakeshsaran फील्ड वर्क नही mr का काम करता था तू ...ज्यादा बकवास मत कर.....उसमे तू क्या करता था चार डॉक्टर के सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो जाता होगा
हे ओबीसी के लोगों! वोट करते हुए क्या तुम्हें यह याद नहीं आता है??
सरकारी नौकरी के जिस विज्ञापन में ओबीसी की 270 सीट होनी चाहिए थी उसमें मात्र 126 सीट है। EWS को पूरी 100 सीट दी गयी है!
यानी ओबीसी समाज की 144 सरकारी नौकरियों को सरकार ने लील लिया है!
7565 का 10% 756 होता है, EWS को
पूरी 756 सीट दी गयी है!
7565 का 27% 2043 होता है, जबकि OBC को 1608 सीट दी गयी है!
OBC की 435 सीट कहा गयी???
आपका क्या कहना है, अपनी राय जरूर दे!
@DrLaxman_Yadav@DrJaihind@masijeevi
27% OBC आरक्षण पर सवाल उठाने वाले पहले ये बताएं ,क्या सदियों के अन्याय का कोई हिसाब है?
जिन्होंने 65% आबादी को हाशिए पर रखा?
जब OBC आरक्षण की बात आती है, तो अचानक “योग्यता” याद आती है।
पर ये कोई नहीं पूछता कि सदियों से योग्यता की परिभाषा किसके हाथों में थी?
आरक्षण मांगना गुनाह नहीं, सिस्टम से बराबरी मांगना हक़ है।
और ये हक़ अभी अधूरा है ,
क्योंकि 27% नहीं, 52% हिस्सेदारी ही न्याय कहलाएगी।
#EWS का ट्यूशन फीस माफ!
दिल्ली के School of Planning & Architecture (SPA) का आधिकारिक नोटिस में फीस का विवरण,
👉🏻Gen/OBC (Above ₹5L)
ट्यूशन फीस ₹55,000
कुल फीस ₹77,000
👉🏻Gen/OBC (Up to ₹5L) / SC-ST
ट्यूशन फीस ₹27,500
कुल फीस ₹49,500
👉🏻EWS
ट्यूशन फीस ₹0
कुल फीस ₹22,000
यानि PG कोर्स में EWS छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस माफ़!
सिर���फ़ ₹22,000 का मामूली चार्ज।
पर जब दलित–पिछड़ों को राहत दी जाती है,
तब वही सवर्ण लॉबी “मेरिट”, “समानता” और “क्वालिटी” का ढोंग शुरू कर देती है!
अब बोलिए ,
ये न्याय है या नीतिगत पक्षपात?
✍️ @YaduSkd