हर बच्चा किताब लेकर नहीं आता।
कोई डर लेकर आता है,
कोई हीन भावना लेकर,
तो कोई यह सोचकर कि
"मैं कुछ नहीं कर सकता..."
एक शिक्षक
उसे सिर्फ पढ़ाता नहीं,
बल्कि उसके मन से
"मैं नहीं कर सकता"
मिटाकर,
"मैं कर सकता हूँ"
लिख देता है। ❤️
#शिक्षक#teacher#teacherstudentbond
जिस इंसान को सच बोलने की
बीमारी होती है, वह इंसान कहीं भी
एडजस्ट नहीं हो सकता, ना समाज में,
ना परिवार में ना ऑफिस में ना रिश्तेदारी
में बात कड़वी है, पर सच्ची है….🙂
कितना खालीपन सा लगता है?
जब कोई पिता जी का नाम पूछे फिर पूछे कि करते क्या हैं ?
अवाक होना पड़ता है
फिर दबे मन से ये कह देना कि वो नहीं अब यहां.
केवल स्मृतियां शेष हैं
तब मन ये कहता है कि उनकी उपस्थिति न सही,
उनकी स्मृतियां ही विशेष हैं….❣️🥲
#FathersDay