Just saw a deranged fellow trying to run down @ajeetbharti. He is farting that he will skin Brahmans and Bhumihars.
Just a day ago he was browbeating the director of @iitbombay.
Reminds me of Joginder Nath Mandal. He was all fury against Hindus but licked Mullas. That is their reality.
Such vermin are flourishing due to @narendramodi act.
Anyway, #IStandWithAjeetBharti
मुझे देशद्रोही साबित करो,
ये केवल पागल साबित करने से क्या होता है?
संविधान में ऐसे बहुत से धाराएं है
बहुत सारे ऐसे आरोप हैं जो मुझपर लगाए जाएं।
मेरा यह कंधा बहुत मज़बूत है पूरे समाज
और पूरे देश का बोझ उठा सकता है।
~ क्रांतिकारी, भरत भूषण तिवारी
सवर्णों को भारत त्याग कर अंटार्कटिका आदि जाने की सोचना चाहिए। मध्यप्रदेश (73%), महाराष्ट्र (72%), बिहार (75%), छत्तीसगढ़ (68%) या राजस्थान (64%) आदि के साथ भाजपा सरकार जहाँ भी है 50% से कहीं अधिक आरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है।
महाराष्ट्र में तो इन्होंने ४ बार कोर्ट हारे, पर इनका दिल ही कुछ ऐसा है कि नया अध्यादेश ला कर, कोई फ़र्ज़ी रिपोर्ट बनवा कर, फिर से वही आरक्षण ले आते हैं, ताकि वोट बैंक बना रहे।
सवर्णों का क्या है वो घास छीलना सीख सकते हैं, वैसे भी विकसित भारत पर जब पार्टी अध्यक्ष कैप्स लॉक मार के ‘वी विल डू इट’ लिख दे तो समझ लेना चाहिए कि अपने एंड से तो हो गया विकसित, बस ब्रह्मा जी समय की गति तीव्र कर दें।
मोदी जी ने कहा है तो सोच समझ कर ही कहा होगा।
@JaipurDialogues ब्राह्मण व स्वर्ण समाज को इनकी बातो में नहीं आना चाहिए| यह आपको बहकने को रोज नए-नए तर्क लेंगे. लेकिन आप यूजीसी एक्ट, एससी एसटी एक्ट का मिसयूज , और बढ़ते आरक्षण के मुद्दे पर बने रहना। और जो पार्टी आपके खिलाफ काम कर रही है उसको वोट बिल्कुल मत देना.
@JaipurDialogues Don’t know why you think delimitation and Women’s reservation will help the cause of Bharat
Just because this is BJP agenda you support or are there logical reasons ?
दिल्ली के राजीव चौक और कनॉट प्लेस में प्रोटेस्ट की कॉल से व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया। व्यापारियों के मुताबिक, पंद्रह लाख ट्रेडर्स और उनके इंप्लॉयज़ प्रभावित हुए, रोज़ करोड़ों का नुकसान हुआ। प्रोटेस्ट का अधिकार है, तो व्यापारियों का Right to Livelihood भी Fundamental Right है।
चाहे UGC का काला कानून हो या SC-ST एक्ट — अगर बच्चों का भविष्य अंधकार में नहीं डालना है तो अलग राह पकड़नी होगी। आज वो समय है।
10 साल पहले भी यही बात कही थी, आज भी वही।
UGC रोलबैक कराए बिना हम मानेंगे नहीं। हरियाणा से आंदोलन की चिंगारी भड़की है।
Many BJP bhakts are giving excuses that falana dhimkana report was made by Congress, falana dhimkana state reservation was increased by Congress.
"BJP to bekasoor hai!
Hamare BJP ko kuch mat bolo please".
So dear bhakts:
No.
1. BJP also increased reservation in many states. 1st time.
2. Even after many High courts as well as Supreme court cancelled reservation (crossing 50% limit) in many states, BJP govts there are continuously bringing ordinances to reverse court decisions.
3. BJP govts in multiple states have commissioned reports to defend more than 50% reservation (all manipulated, anti hindu, anti GC reports with fake manipulated data). E.g. Gaikwad report, Shukre commission report-prepared in 9 days, BRAUSS report etc.
4. BJP has been fighting cases in courts for decades, defending more than 50% reservation, spending crores of taxpayers money on increasing reservation, pampering reserved communities.
5. BJP has brought reservation in many fields, where it didn't exist before or increased scope of reservation (NEET PG, 200 point roster, faculty reservation in 2019) as well as multiple reservation related amendments (backlog vacancies not to be counted in 50%, lowering qualifying criteria etc)
6. Not to forget- addition of section 18A in SC/ST act making it more draconian. And UGC 2026 regulations. And doing shoshit peedit vanchit 24×7. And bringing new caste based policies everyday. And eulogizing hindu hating historical figures, in every possible way. And then IT cell coming and calling GC activists Jihadis.
Kya kya defend karoge tum?
If karoge, then you are rightly called paid majdoors or low IQ.
#AntiGCBJP
> ब्रो का नाम राजेंद्र शुक्ला है।
> ब्रो MP के Full टाइम उपमुख्यमंत्री , पार्ट टाइम स्वास्थ्य मंत्री और ओवर टाइम इन्क्वायरी बिठाऊं स्कीम के ठेकेदार है ,
> ब्रो के हेल्थ मॉडल में MP के सरकारी अस्पतालो की हालत देखकर यमराज ने भी वर्क फ्रॉम होम ले लिया है,
> ब्रो के टाइम जहरीले सिरफ से 30 मासूम की जान चली गई ,
> ब्रो ने मानो सूंघकर ही फैसला सुना दिया कि जहर वहर कुछ नहीं ,
> ब्रो के टाइम चूहों ने NICU में नवजातों को मार दिया और ब्रो का ठण्डा जवाब आया बेस्ड कंट्रोल लेट हो गया।
नोट - पूरी वीडियो देखना ना भूले वरना ब्रो को आप समझ नहीं पाओगे।
Love you guys thank me later ❤️
भाई रूमित ठाकुर लंबे समय से सवर्ण समाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से महीपाल सिंह मकराना जी के साथ पैदल यात्रा भी कर रहे हैं।
आज अचानक भाषण देते समय रूमित ठाकुर गिर गए। हम सब भगवान से प्रार्थना करते हैं कि भाई रूमित ठाकुर जल्द स्वस्थ्य हों l।
करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में हमारी सवर्णो की सेना,UGC, SC, ST के विरोध में ,शिमला की घाटियों की ओर अग्रसर हो रही है💪
बस आपके साथ कि जरूरत है ताकि हम अपने मकसद मे कामयाब हो सके💪🙏
स्पोर्ट कीजिये मित्रो,UGC रोल बैक लिखकर🙏✍️
सबसे पहले मैं💪
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
जब मुख्यमंत्री ही SC/ST एक्ट का दुरुपयोग कर सकता है, तो सोचिए आम जनता किस हद तक इसका दुरुपयोग कर रही होगी!
एक देश में दो कानून कब तक चलेंगे? संविधान सबको समान न्याय का अधिकार देता है, फिर कानून के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए समान और सख्त नियम क्यों नहीं?
#SCSTAct
@SavarnaRights एक मठाधीश का इस तरह🫣,लेहरु लम्पट और कॉंग्रेस ने कभी इनको मान नहीं दिया उस एक सामान्य इंसान के आगे हाथ जोड़ नतमस्तक देखना दर्दनाक है, लोग सन्यासी को नमन करते है, और ये महाराज 😄😄
क्या ये कोई संत है, साधु है, ईश्वर का भक्त है, नहीं है तो फिर??????
मोदी जी देश के टॉप IITs के डायरेक्टर को भी ऐसे जातिवादी एक्टिविस्ट की बातें सुनने पर मजबूर कर देते हैं, जो IIT के गेट तक जाने की प्रतिभा नहीं रखता। चोरी की CCTV फुटेज है, लेकिन साबित करना है कि जातिवादी गाली दी गई और प्रताड़ित किया गया।
मोदी जी के महान विचारों को सुनने के बाद मोहन यादव जी तीन बार हाई कोर्ट से ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने के लिए फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
क्योंकि मध्य प्रदेश इतना आगे बढ़ चुका है कि उसे हैवी इंडस्ट्रीज नहीं, उसे एम्स नहीं, उसे यूनिवर्सिटीज नहीं, उसे 73% आरक्षण चाहिए।
महाराष्ट्र जब महाराज शिवाजी को शूद्र साबित करने के लिए कोर्ट में गायकवाड़ कमीशन की रिपोर्ट दिखा सकता है, जिसमें उन्हें अफ़ज़ल ख़ान ने कथित तौर पर कुनबी का छोकरा कहा था, यानी वो महाराज होने के बाद भी शूद्र थे!
शायद इसीलिए मोदी जी की माताजी के समय में जो जाति सामान्य वर्ग में थी, उनकी जवानी में वो ओबीसी हो गए और बुढ़ापे में स्वयं को अति-पिछड़ा बोलने में रत्ती भर भी नहीं लजाते।
वैसे इससे याद आया कि मोदी जी, आप जो अपनी माताजी के अपमान और दुख की कहानी कहते रहते हैं, जो कि सही होगी, तो क्या यह अपने आप में यह सबूत नहीं कि सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों पर भी एट्रोसिटी होती है?
आपकी बात ग़लत कैसे होगी?
तो EWS को आप फीस में छूट देने के लिए 2027 की 30 जनवरी या 1 फ़रवरी की प्रतीक्षा क्यों कर रहे हैं?