बिहार सरकार द्वारा बिहार में sc एवं st वर्ग के
पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को छोड़कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जयां ��ठाते हुए अन्य सभी वगों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को न्यायादेश के प्रतिकूल जाकर मनमाने तरीके से प्रोत्रति दी गई है।
बिहार सरकार द्वारा बिहार में sc एवं st वर्ग के
पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को छोड़कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जयां उठाते हुए अन्य सभी वगों के पदाधिकारियों एवं कर्��ियों को न्यायादेश के प्रतिकूल जाकर मनमाने तरीके से प्रोत्रति दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के सामने
“जी, आप कौन?”
“मैं दलित मुसलमान। मुझे एससी में आरक्षण चाहिए।”
“मुसलमानों में दलित होते हैं?”
“हाँ, होते हैं। हमें एससी में आरक्षण दीजिए। हम एससी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।”
“आपके धर्म में दलित होता है?”
“नहीं। हमारे यहाँ सब बराबर है। हमारा धर्म सबसे अच्छा है।”
आपकी धार्मिक किताब में छु���-छूत है?”
“कैसी बात करते हो? बिल्कुल नहीं।”
“किन बिरादरी के मुसलमान आपके साथ छुआ-छूत करते हैं?”
“ये सब मुसलमानों में नहीं होता। हम भाई भाई हैं। साथ खाते हैं। साथ नमाज़ पढ़ते हैं। कोई भी इमाम बन सकता है। मैं भी। मेरे पीछे सय्यद और शेख भी नमाज़ पढ़ सकता है।”
“आप लोगों में कभी मस्जिद जाने पर किसी दलित मुसलमान की हत्या हुई?”
“सवाल ही नहीं उठता।”
“मुसलमानों में जातिवाद के खिलाफ दलित मुसलमान��ं ने शेख, सय्यद और पठान से कोई लड़ाई लड़��, जैसी लड़ाई बाबा साहब से लेकर अयंक्कली ने हिंदू सवर्णों से लड़ी?”
“हम आपस में क्यों लड़ें? हम तो भाई भाई हैं।”
“आपके रहनुमा संविधान सभा में आप लोगों के आरक्षण का सवाल क्यों नहीं उठा रहे थे?”
“वे बड़े मुद्दे उठा रहे थे। मुसलिम पर्सनल लॉ और माइनॉरिटी इंस्टिट्यूशन आदि।”
तो मीलॉर्ड, तथाकथित दलित मुसलमानों का एससी आरक्षण का केस बनता ही नहीं है।
राजस्थान के 3 लाख से ज़्यादा गिग वर्कर्स को उनका अधिकार और आत्मसम्मान दिलाने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार ने नया कानून लागू किया है, जो कि भारत का पहला ऐसा कानून है।
ये कानून गिग इकॉनमी के श्रमिकों को आर्थ���क सुरक्षा देगा, करोड़ों युवाओं के लिए भरोसेमंद रोज़गार का आधार बनेगा।
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मैं कई गिग वर्कर्स से मिला, कुछ टैक्सी चलाने वाले, तो कुछ डिलीवरी करने वाले - काम में भविष्य अनिश्चित, और सड़कों पर हमेशा रहने के कारण जोखिम भरा भी। एक बात उन सभी ने कही, मेहनत तो ��ो दिन रात करते हैं मगर उनके पास कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं है, न सरकार उनकी बात सुनती है, और न उनके लिए कोई पक्की योजना लाती है।
कर्नाटक में भी इस पर चर्चा हो रही है, और हाल ही में वहां के बजट में उनके लिए 4 लाख तक की दुघर्टना बीमा की घोषणा की गई।
हम ऐसी नीतियां बना रहे हैं जो उनके साथ, उन्हें काम देने वालों की भी सहायता करे।
हम भारत के गरीबों और मेहनतकश लोगों के साथ हमेशा खड़े हैं, ताकि उन्हें उनकी त���स्या का फल मिले। हम उनसे जो भी वादा करते हैं, उसे पूरा कर के दिखा देते हैं।
जब हर मेहनती देशवासी को आर्थिक मज़बूती और पूरा अधिकार मिलेगा, तब जुड़ेगा भारत!
https://t.co/TuBPWPoDI8, माननीय उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद जी का जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं, आप इसी तरह भविष्य उज्जवल रहे, अब आपकी बादे निभाने का समय आ गया है। हमारी पुरानी मांग पुरानी पेंशन बहाल का, उसे पूरा करें,