🚨MODI Strikes Back!
India has amended FCRA rules OVERNIGHT to tighten foreign funding of NGOs 🤯
— Big middle finger to US Senators pressurising India on FCRA Bill 🤣
Key Changes:
- Foreign-funded NGOs can no longer use categories like "religious education", "preservation of faith traditions", or "indigenous belief systems" for PROSELYTIZATION activities.
( Proselytization = Attempt to convert)
- Explicitly inserted “excluding proselytisation” in multiple religious categories 💥
- Fresh restrictions on foreign nationals as key functionaries.
- ULTIMATE DONORS must now be disclosed.
- Social media accounts will be SCRUTINISED👏🏼
- Mandatory field verification of fund use.
- Dormant NGOs risk losing licences.
For years, many missionary networks operated under religious/social work umbrellas. These new rules directly target that ecosystem🔥
National interest and cultural security first. What will Congress say?
India’s External Affairs Minister Jaishankar yet again shows mirror to Europe on the Russia question.
“European sells weapons which are used to attack India, for many many years. We Indians have never done anything to endanger Europe”.
Lance Naik Meenatchi Sundaram A (34 Rashtriya Rifles )
Took a bullet on his face and shoulder
Killed the hardcore terrorist even after sustaining severe injuries ensuring the mission success
Kirti Chakra felt proud today
Jai Hind 🇮🇳
*संस्कृत भाषा का अद्भुत चमत्कार* ,
क्या आप जानते है विश्व की सबसे ज्यादा सम्रद्ध भाषा कौनसी है.....
अंग्रेजी में ' *THE QUICK* *BROWN FOX JUMPS* *OVER A LAZY DOG* ' एक प्रसिद्ध वाक्य है। जिसमें अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षर समाहित कर लिए गए, मज़ेदार बात यह है की अंग्रेज़ी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर ही उप्लब्ध हैं जबकि इस वाक्य में 33 अक्षरों का प्रयोग किया गया जिसमे चार बार O और A, E, U तथा R अक्षर का प्रयोग क्रमशः 2 बार किया गया है। इसके अलावा इस वाक्य में अक्षरों का क्रम भी सही नहीं है। जहां वाक्य T से शुरु होता है वहीं G से खत्म हो रहा है।
अब ज़रा संस्कृत के इस श्लोक को पढिये।-
*क:खगीघाङ्चिच्छौजाझाञ्ज्ञोSटौठीडढण:।*
*तथोदधीन पफर्बाभीर्मयोSरिल्वाशिषां सह।।*
*अर्थात* : पक्षियों का प्रेम, शुद्ध बुद्धि का, दूसरे का बल अपहरण करने में पारंगत, शत्रु-संहारकों में अग्रणी, मन से निश्चल तथा निडर और महासागर का सर्जन करनार कौन? राजा मय! जिसको शत्रुओं के भी आशीर्वाद मिले हैं।
श्लोक को ध्यान से पढ़ने पर आप पाते हैं की संस्कृत वर्णमाला के *सभी 33 व्यंजन इस श्लोक में दिखाये दे रहे हैं वो भी क्रमानुसार*। यह खूबसूरती केवल और केवल संस्कृत जैसी समृद्ध भाषा में ही देखने को मिल सकती है!
पूरे विश्व में केवल एक संस्कृत ही ऐसी भाषा है जिसमें केवल एक अक्षर से ही पूरा वाक्य लिखा जा सकता है, किरातार्जुनीयम् काव्य संग्रह में *केवल “न” व्यंजन से अद्भुत श्लोक बनाया है* और गजब का कौशल्य प्रयोग करके भारवि नामक महाकवि ने थोडे में बहुत कहा है-
*न नोननुन्नो नुन्नोनो नाना नानानना ननु।*
*नुन्नोऽनुन्नो ननुन्नेनो नानेना नुन्ननुन्ननुत्॥*
*अर्थात* : जो मनुष्य युद्ध में अपने से दुर्बल मनुष्य के हाथों घायल हुआ है वह सच्चा मनुष्य नहीं है। ऐसे ही अपने से दुर्बल को घायल करता है वो भी मनुष्य नहीं है। घायल मनुष्य का स्वामी यदि घायल न हुआ हो तो ऐसे मनुष्य को घायल नहीं कहते और घायल मनुष्य को घायल करें वो भी मनुष्य नहीं है। वंदेसंस्कृतम्!
एक और उदहारण है।-
*दाददो दुद्द्दुद्दादि दादादो दुददीददोः*
*दुद्दादं दददे दुद्दे ददादददोऽददः*
*अर्थात* : दान देने वाले, खलों को उपताप देने वाले, शुद्धि देने वाले, दुष्ट्मर्दक भुजाओं वाले, दानी तथा अदानी दोनों को दान देने वाले, राक्षसों का खण्डन करने वाले ने, शत्रु के विरुद्ध शस्त्र को उठाया।
है ना खूबसूरत? इतना ही नहीं, क्या किसी भाषा में *केवल 2 अक्षर* से पूरा वाक्य लिखा जा सकता है? संस्कृत भाषा के अलावा किसी और भाषा में ये करना असम्भव है। माघ कवि ने शिशुपालवधम् महाकाव्य में केवल “भ” और “र ” दो ही अक्षरों से एक श्लोक बनाया है। देखिये –
*भूरिभिर्भारिभिर्भीराभूभारैरभिरेभिरे*
*भेरीरे भिभिरभ्राभैरभीरुभिरिभैरिभा:।*
*अर्थात-* निर्भय हाथी जो की भूमि पर भार स्वरूप लगता है, अपने वजन के चलते, जिसकी आवाज नगाड़े की तरह है और जो काले बादलों सा है, वह दूसरे दुश्मन हाथी पर आक्रमण कर रहा है।
एक और उदाहरण-
*क्रोरारिकारी कोरेककारक कारिकाकर।*
*कोरकाकारकरक: करीर कर्करोऽकर्रुक॥*
*अर्थात* - क्रूर शत्रुओं को नष्ट करने वाला, भूमि का एक कर्ता, दुष्टों को यातना देने वाला, कमलमुकुलवत, रमणीय हाथ वाला, हाथियों को फेंकने वाला, रण में कर्कश, सूर्य के समान तेजस्वी [था]।
पुनः क्या किसी भाषा मे केवल *तीन अक्षर* से ही पूरा वाक्य लिखा जा सकता है? यह भी संस्कृत भाषा के अलावा किसी और भाषा में असंभव है!
उदहारण-
*देवानां नन्दनो देवो नोदनो वेदनिंदिनां*
*दिवं दुदाव नादेन दाने दानवनंदिनः।।*
*धन्य है संस्कृत ,, गर्व करें अपनी देवभाषा पर* ,,,
।
#औ_का
शादी की पहली रात थी। चारों तरफ गुलाब के फूलों की महक और ढोलक की थाप अभी-अभी शांत हुई थी। एक पाकिस्तानी आतंकवादी, जो महीनों की ट्रेनिंग के बाद आज ही निकाह करके घर लौटा था, अपनी नई-नवेली दुल्हन का घूंघट उठाने ही वाला था कि तभी उसके मोबाइल की घंटी बजी।
स्क्रीन पर उसके उसी मौलवी का नाम था, जिसने उसे "जिहाद" और "मकसद" का पाठ पढ़ाया था।
आतंकी ने फोन उठाया। दूसरी तरफ से भारी और रोबीली आवाज आई, "बेटा, मुबारक हो! आज तुम्हारी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है। वतन और मजहब के लिए अपनी जान कुर्बान करने का वक्त आ गया है। तुम्हें अभी इसी वक्त अपने मकसद को अंजाम देने के लिए निकलना होगा।"
आतंकी ने थोड़ा झिझकते हुए कहा, "लेकिन मौलाना साहब, आज मेरी सुहागरात है। जिंदगी में एक बार यह मौका आता है, बस आज की रात रुक जाइए... कल सुबह मैं पक्का चला जाऊंगा।"
मौलाना गुस्से में कहा, "मूर्ख! दुनिया के इन चंद लम्हों के मजे के पीछे अपनी आख़िरत खराब मत कर। हमारे पास वक्त नहीं है। अगर तू इस पाक मकसद में मारा गया, तो सीधे जन्नत जाएगा। वहाँ इस दुनिया की औरतों से हजार गुना खूबसूरत और कुंवारी 72 हूरें तेरा इंतजार कर रही हैं। उनके साथ तू कयामत तक सुहागरात मनाना। और अगर बच गया, तो वापस आकर अपनी बीवी के पास रहना ही है।"
72 हूरों के लालच और जन्नत के ख्वाब ने आतंकी की बुद्धि पर परदा डाल दिया। उसने फोन रखा, सेहरा उतारा, हथियार उठाए और अपनी रोती हुई दुल्हन को छोड़कर उसी वक्त भारत बॉर्डर की तरफ निकल गया।
रात के अंधेरे में वह रेंगते हुए कटीले तारों के नीचे से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था। उसे लगा कि वह अपनी चालाकी से बच निकलेगा, लेकिन भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों की नजरों से बचना नामुमकिन था। जैसे ही उसने आगे बढ़ने की कोशिश की, भारतीय सेना के एक स्नाइपर की गोली सीधे उसके चूतड़ को चीरती हुई पार हो गई।
वह दर्द से छटपटाया और कुछ ही सेकंड में ढेर हो गया। उसकी लाश को वहीं पास के एक गंदे नाले में फेंक दिया गया।
जैसे ही उसकी मौत हुई, उसकी आत्मा शरीर से बाहर निकल आई। आतंकी की आत्मा नाले के किनारे बैठकर इंतजार करने लगी कि अब आसमान से कोई फरिश्ता आएगा, उसे फूलों के हार पहनाएगा और जन्नत की 72 हूरों के पास ले जाएगा।
एक दिन बीत गया, फिर दूसरा, फिर तीसरा... ना कोई फरिश्ता आया, ना जन्नत का कोई रास्ता दिखा। सिर्फ नाले की बदबू और चील-कौवे थे। आतंकी की आत्मा ने सोचा, "शायद आजकल जन्नत में भीड़ ज्यादा होगी, इसलिए फरिश्तों को आने में थोड़ी देर हो रही है। तब तक क्यों न घर जाकर देख आऊँ कि मेरी बीवी का क्या हाल है।"
वह उड़ता हुआ वापस अपने घर पहुँचा और जैसे ही अपने कमरे की खिड़की से अंदर झांका, उसके होश उड़ गए। बिस्तर पर उसकी बीवी के साथ वही मौलवी साहब रंगरेलियां मना रहे थे, जिसने उसे जन्नत का रास्ता दिखाया था।
आतंकी की आत्मा ने सोचा, "शायद मौलवी साहब ने मेरी मौत की खबर सुनकर मेरी बीवी को सहारा देने के लिए उससे निकाह कर लिया होगा। चलो, आज दोनों मसरूफ हैं, मैं कल आता हूँ।
अगले दिन वह फिर आया। इस बार उसने देखा कि बिस्तर पर मौलवी नहीं, बल्कि उसके खुद के अब्बू उसकी बीवी के साथ लेटे हुए थे। आत्मा हैरान रह गई, पर उसने सोचा, "हो सकता है अब्बू बहू का गम कम कर रहे हों।"
तीसरे दिन जब वह फिर पहुँचा, तो देखा कि इस बार उसका सगा भाई उसकी बीवी के साथ मजे ले रहा था। अब यह सिलसिला रोज का हो गया। वह जब भी आता, उसकी बीवी के बिस्तर पर कोई न कोई नया शख्स मौजूद होता।
अब आतंकी की आत्मा का भ्रम पूरी तरह टूट चुका था। उसे समझ आ गया था कि जन्नत, फरिश्ते और 72 हूरें सिर्फ एक ढोंग थे, मौलवी ने उसे मजहब के नाम पर बेवकूफ बनाकर मरने के लिए बॉर्डर पर भेज दिया, ताकि वह खुद यहाँ उसकी बीवी और जिंदगी के मजे ले सके!
कॉकरोच जनता पार्टी के फ्लॉप होने के मुख्य कारण!
1.अभिजीत दीपके का इंस्टा PFP से अलग दिखना, हाइट कम होना और उसका Gay होना, जिसकी वजह से इंस्टा की निब्बियां उसके प्रोटेस्ट में नहीं आईं।
2.ध्रुव राठी के स्क्रिप्टराइटर विजेता दहिया की हिंदू-विरोधी मानसिकता का उजागर होना।
3.कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास का VIP ट्रीटमेंट लेना, जिसकी वजह से समानता के ढोंग का उजागर होना।
4.प्रोटेस्ट में गे (Gay) कॉकरोचों की संख्या ज्यादा होना, जिसकी वजह से यह पॉलिटिकल प्रोटेस्ट कम और प्राइड मार्च ज़्यादा लग रहा था।
5.प्रोटेस्ट में हिंदू और हिंदू-विरोधी डफली गैंग का जाना और वहां हिंदू विरोधी नारे लगाना।
6.इतनी गर्मी में प्रोटेस्ट रखना, जिसकी वजह से Gen Z ने प्रोटेस्ट में जाने से बेहतर घर पे हिला के सोना उचित समझा।
बाकी जो छूट गया है आप कमेंट में लिख बता सकते हैं 🙏
These five Gentlemen have ruthlessly dismantled centuries of deception, distortion, and venom unleashed against Hindus by the entrenched Leftist and Islamist propaganda machinery.
Repost if you agree!
@ARanganathan72@jsaideepak@sanjeevsanyal@Vishnu_Jain1@vikramsampath
Comparisons are futile but for me one of India's greatest engineering achievements remains the 217 feet tall shadowless Brihadisvara Temple built by Raja Raja Chola I in 1010.
Crafted with giant interlocked stones and crowned by an 81 ton kumbam, it was built within six years.
लड़की: ये उमर खालिद का सपोर्ट कर रहे है उनके साथ हमारा भविष्य है क्या?
वृद्ध कॉकरोच: उमर खालिद ने तेरी इज्जत लूटी थी क्या?
देश के सब घटिया लोग कॉकरोच बनके जमा हुए थे
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक ऐसा मिलन हुआ जिसने हर आंख नम कर दी। 85 वर्षीय नंदी देवी ने 46 साल पहले घर छोड़कर गए अपने बेटे को उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसकी आवाज से पहचान लिया।
15 साल की उम्र में लापता हुआ बुद्धि बल्लभ अब साधु बनकर "बुद्धनाथ" के नाम से गांव लौटा था। केसरिया वस्त्र, जटाधारी रूप और बदली हुई पहचान के बावजूद मां की ममता उसे पहचानने में नहीं चूकी।
जैसे ही साधु ने भिक्षा मांगी, मां ने पुराने नाम से पुकारा और फिर जो हुआ, उसे देखकर पूरा गांव भावुक हो उठा।
A Hindu boy pretended to be a muslim. He told a 14 year old Pakistani boy that he is in a relationship with a Hindu girl.
Pakistani Boy:
- You are doing great work.
- Feed her beef.
- Convert her to Islam.
Everyone is a Jihadi in Pakistan irrespective of age.
यहूदी और हिंदू का अंतर ......??
बांग्लादेश में ढाकेश्वरी मंदिर गया। सेन वंश के राजा बल्लाल सेन द्वारा 12वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर माँ ढाकेश्वरी की मूर्ति मिलने के बाद बनाया गया था।
मंदिर के पुजारी जी ने बताया कि पार्टीशन के बाद असली मूर्ति कोलकाता ले जाई गई और लाखों हिंदू हिंदुस्तान चले गए।
उन्होंने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान बनने के बाद हिंदुओं की स्थिति लगातार खराब होती गई। पड़ोसी मुस्लिम धौंस जमाते, संपत्ति छीनते, महिलाओं से छेड़छाड़ करते और कानून व्यवस्था में हिंदू दोयम दर्जे के नागरिक बनकर रह गए।
1971 में सर्वनाश हो गया....
30 लाख से अधिक हिंदुओं की हत्या, 5 लाख से अधिक महिलाओं का अपहरण और बलात्कार, एक करोड़ से अधिक लोगों का हिंदुस्तान पलायन और 3 करोड़ से अधिक विस्थापन।
ढाका यूनिवर्सिटी में छात्रों की हत्या, छात्राओं का अपहरण, रमना काली मंदिर का विध्वंस और ढाकेश्वरी मंदिर पर सेना का कब्जा। हजारों महिलाओं ने आत्महत्या की, सड़कों पर लाशें पड़ी रहती थीं।
पुजारी जी के अनुसार पड़ोसी मुस्लिम परिवार सेना को हिंदुओं की सूचना देते थे। परिवार मारे जाते, लड़कियाँ उठा ली जातीं और बाद में उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया जाता।
बांग्लादेश स्वतंत्र हुआ, लेकिन हिंदुओं की स्थिति में सुधार नहीं आया। 1992 में ढाकेश्वरी मंदिर को गिरा दिया गया और फिर हजारों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ।
मैंने पूछा, क्या आप असुरक्षित महसूस करते हैं? उन्होंने कहा, “हम सुरक्षा और असुरक्षा से ऊपर उठ चुके हैं। मेरा परिवार पीढ़ियों से इस मंदिर का पुजारी रहा है। जब तक माँ ढाकेश्वरी चाहेंगी, मैं पूजा करता रहूँगा।”
60 लाख यहूदियों की हत्या को पूरी दुनिया जानती है। लेकिन 30 लाख हिंदुओं की हत्या, 5 लाख से अधिक महिलाओं के बलात्कार, करोड़ों के विस्थापन और लूट के बारे में दुनिया लगभग मौन रही।
यह तांडव 9 महीने तक चला और तब रुका जब भारतीय सेना के सामने 1,35,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया।
ना हम दोषियों को सजा दे पाए, ना पीड़ितों को न्याय।
पता नहीं बांग्लादेश विजय में हमें क्या मिला...?
Sex After Death...
A Parsi couple made a deal that whoever died first would come back and inform the other if there was sex after death.
Their biggest fear was that there was no after life at all.
After a long life together, the husband was the first to die.
True to his word, he made the first contact:
"Manijeh, Manijeh, Is that you, Dara?"
"Yes, I've come back like we agreed."
*"That's wonderful. What's it like?"*
"Well, I get up in the morning, I have sex. I have breakfast and then it's off to the golf course. I have sex again, bathe in the warm sun and then have sex a couple of more times.
Then I have lunch (you'd be proud - lots of greens).
Another romp around the golf course, then pretty much have sex the rest of the afternoon.
After supper, it's back to the golf course again. Then it's more sex until late at night. I catch some much needed sleep and then the next day it starts all over again."
"Oh, Dara ! Are you in Heaven?"
"No, I'm a goat, some guy, somewhere in Pakistan bought me".
Mamata Bano is not even MLA now forget CM
TMC broken into pieces & she is not even consulted for LoP post in WB assembly
Firhad Hakim quits as Kolkata Mayor just now
Mahua Moitra cozying with CONgress to secure some political future
Useless Shatrughan Sinha, Kirti Azad & Derek No Brain hiding in their rat holes completely clueless
People of WB searching for Abhishek Banerjee mercilessly
Filthy mouth Kalyan Banerjee is a laughing stock now
Even Sayoni Ghosh & Sagarika Ghosh aren’t visiting Mamata Bano’s house. Of course they are opportunists & are dumping Mamata
Mamata Banerjee sold Hindustan for Power
Karma is biting her like never before
And I am really happy to see all these developments along with my fellow Nationalists
Jai Hind
Vande Mataram
Bharat Mata Ki Jai
In Kolkata, two Muslim women came to a mosque and told a Haji that they were from Malda. They said their husbands had given them triple talaq, but now wanted to take them back. For that, they wanted to undergo halala.
Hearing this, the Haji became very excited and immediately agreed without much thought.
The next morning, the Haji went to the market to buy things for the ritual. He bought some power pills and protection. But when he came back, he found that both women had disappeared. The lock of his cupboard was broken, and all the valuables inside were gone.
This time, instead of performing halala, the Haji himself got halala-ed. 😂
कुछ दिन पहले भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
"अगर इस देश में धार्मिक हिंसा भड़काने के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह सुप्रीम कोर्ट और उसके जज हैं!"
उनके इस बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की। हालांकि, जाने-माने वैज्ञानिक, लेखक और वक्ता आनंद रंगनाथन जी @ARanganathan72 ने दुबे का पूरा समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। धाराप्रवाह अंग्रेजी में रंगनाथन जी ने सुप्रीम कोर्ट से 9 शक्तिशाली सवाल पूछे। ये सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं। नीचे हिंदी में एक संक्षिप्त सारांश दिया गया है, जिसे अब सभी के समझने के लिए अंग्रेजी में अनुवादित किया गया है:
आनंद रंगनाथन जी के सुप्रीम कोर्ट से 9 सवाल:
1. 'कश्मीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड:' सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के खिलाफ विपक्षी दलों की याचिकाओं पर तुरंत विचार किया। लेकिन जब 1990 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ़ अत्याचारों के बारे में याचिकाएँ दायर की गईं - जैसे जबरन विस्थापन, घरों पर कब्ज़ा, मंदिरों को तोड़ना, हत्याएँ, बलात्कार और सामूहिक पलायन - तो उन्हें कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि, "यह बहुत पहले हुआ था।" *क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है? क्या इससे हिंदुओं में गुस्सा नहीं पैदा होता? क्या यह धार्मिक संघर्ष का कारण नहीं बनता?
2. 'वक्फ बोर्ड के दुरुपयोग पर चुप्पी:` सुप्रीम कोर्ट अब वक्फ बोर्ड के सुधारों को लेकर चिंतित है। लेकिन पिछले 30 वर्षों में, वक्फ बोर्ड ने अवैध रूप से संपत्ति जब्त की, करों से परहेज किया और एक समानांतर न्यायिक प्रणाली संचालित की - फिर भी कोर्ट चुप रहा। यदि सुधारों को इस्लाम के लिए खतरा माना जाता है, तो हिंदू भूमि पर मस्जिद और दरगाह बनाना कैसे स्वीकार्य था? वक्फ बोर्ड ने 2 मिलियन से अधिक हिंदुओं की संपत्ति जब्त की। सुप्रीम कोर्ट चुप रहा। अगर यह धार्मिक पक्षपात नहीं है, तो क्या है?
3. `मंदिरों का धन कहीं और खर्च किया जाता है, हिंदुओं पर प्रतिबंध:` हिंदू मंदिरों पर सरकार का नियंत्रण है। उनकी आय का उपयोग मदरसों, हज यात्राओं, वक्फ बोर्ड, इफ्तार दावतों और ऋणों के लिए किया जाता है। लेकिन हिंदू धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध हैं। हिंदू अधिकारों से संबंधित याचिकाएँ अक्सर खारिज कर दी जाती हैं। अल्पसंख्यकों को हमेशा विशेष प्राथमिकता दी जाती है। *क्या यह उचित है? या यह हिंदुओं के गुस्से को भड़काने का एक तरीका है?
4. `हिंदुओं के खिलाफ शिक्षा में भेदभाव:` शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत, हिंदू स्कूलों को अल्पसंख्यकों के लिए 25% सीटें आरक्षित करनी चाहिए। लेकिन मुस्लिम और ईसाई संस्थानों को इस नियम से छूट दी गई है। हजारों हिंदू स्कूलों को बंद करना पड़ा, और हिंदू बच्चे अब गैर-हिंदू संस्थानों में पढ़ते हैं। *क्या यह धर्म परिवर्तन को बढ़ावा नहीं दे रहा है? सुप्रीम कोर्ट इस एकतरफा नियम को क्यों नहीं देखता?
5. `स्वतंत्र भाषण का पाखंड:` जब हिंदू बोलते हैं, तो इसे “घृणास्पद भाषण” कहा जाता है। जब दूसरे बोलते हैं, तो इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" कहा जाता है। नुपुर शर्मा ने केवल हदीस से उद्धरण दिया, और न्यायालय ने इसे घृणास्पद भाषण कहा। लेकिन जब स्टालिन और अन्य नेताओं ने सनातन धर्म को "बीमारी" कहा, तो न्यायालय चुप रहा। *क्या यह न्याय है?
6. `हिंदू परंपराओं पर पक्षपातपूर्ण प्रतिबंध:` सर्वोच्च न्यायालय ने दशहरा पशु बलि जैसी हिंदू प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन ईद के दौरान सामूहिक हलाल पशु वध के बारे में कोई सवाल नहीं उठाया गया। जन्माष्टमी के दौरान, दही हांडी समारोह में ऊंचाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ता है। लेकिन मुहर्रम से संबंधित हिंसा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। दिवाली के पटाखों को पर्यावरण के लिए हानिकारक कहा जाता है, लेकिन क्रिसमस की आतिशबाजी की कोई आलोचना नहीं होती। *क्या यह भेदभाव नहीं है?
7. `पूजा स्थल अधिनियम हिंदू पुनर्स्थापना को रोकता है:` 1991 के पूजा स्थल अधिनियम में यह अनिवार्य किया गया है कि 15 अगस्त, 1947 तक के स्थानों के धार्मिक चरित्र को नहीं बदला जाना चाहिए। यह कानून हिंदुओं को उन प्राचीन मंदिरों को पुनः प्राप्त करने से रोकता है जिन्हें नष्ट कर दिया गया था या परिवर्तित कर दिया गया था। राम मंदिर के लिए कई दशकों तक लड़ाई लड़नी पड़ी। कई अन्य मंदिरों पर अतिक्रमण जारी है। *क्या यह ऐतिहासिक अन्याय नहीं है?
8. `केवल हिंदू परंपराओं को निशाना बनाना:` सबरीमाला मामले में, न्यायालय ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाई। कुछ हिंदू मंदिरों में केवल पुरुषों या केवल महिलाओं के रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है।
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