@AnilYadavmedia1 चिचा...चिचा...चिचा...तभी तो आपको नहीं बनाया गया ना..
जिसे सूर्य कुमार यादव दुनिया का सबसे महान बल्लेबाज़ दिखता..वो चयनकर्ता भी तो महान ही होता ना..
और भारतीय क्रिकेट टीम को इतना भी महान नहीं बनना था चिचा..
@AnilYadavmedia1 माइक ले कर और ब्लू टिक खरीद कर ज़्यादातर समय बकलोली करने वाले लीजेंड चिचा को भी तो बहुत लोग समझाते हैं..
51 पर समझ का अभाव है..पर पूरी उम्मीद 15 वाले से रखे हुए हैं..
क्यों चिचा..
@JaikyYadav16 एक दिन धोनी को कोस कर
एक दिन कोहली को ग्राउंड से सीधा लन्दन भेज कर
एक दिन वैभव सूर्यवंशी पर उंगली उठा कर...
रोज़ी रोटी तो भाई की ऐसे ही चल रही..
@AnilYadavmedia1@rautsanjay61 वाह चिचा वाह..तो काहे अजीत भारती के पीछे पड़े रहते,जब ये एक अभिव्यक्ति है..आप करें तो सही कोई और करे तो ग़लत..
इसे ही आपकी भाषा में...दोगलापन कहते हैं..विशुद्ध दोगलापन..
@USY_79 इस लड़के ने ये स्टैंडर्ड सेट कर दिया कि लोग A टीम का मैच भी देख रहे..
इंटरनेशनल मैच पे तो ध्यान ही नहीं दे रहा कोई..
ऐसा या तो सचिन तेंदुलकर के लिए हुआ अब इसके लिए हो रहा..फिर कहेंगे कंपेयर ना करो..अरे महानता का कंपैरिजन थोड़े हो रहा..
बाकी ट्रॉल्स की तो रोज़ी रोटी इसी से चलनी
सामने अगर पाकिस्तानी खिलाड़ी होता और तब वैभव ने ऐसा किया होता तो अपनी या जो भी कल से ज्ञान बाँचे जा रहे वैभव को उनकी सोच क्या रहती..बस यही से समझ लीजिए.. कि चल क्या रहा..हाथ पैर धो कर इसके पीछे पड़े लोग जैसे सूर्य कुमार यादव को इसने ही बाहर किया है..गलती की है उसने टीम मैनेजमेंट समझ लेगी..बाकी ज्ञान देने वाले तो सचिन तेंदुलकर को भी ज्ञान देते थे कि अरे ऐसा शॉट नहीं खेलना था,फलाना ढिमका..
@old_cricketer इस उम्र में जो रिएक्शन आया वैभव की तरफ से वो नेचुरल है..जडेजा और इंजमाम तो आज से तीस साल पहले ऐसा कुछ कर चुके,पोलार्ड और स्टार्क भी करीब ही थे..कैप्टन कूल भी आउट होने के बाद अन्दर आ कर अंपायर से बहस कर चुके..इतनी हाय तौबा मचाने की ज़रूरत बिल्कुल नहीं,जितनी की जा रही
@ThePushprajX सही बात है..1983 विश्वकप और 2011 विश्वकप की जीत में सबसे ज्यादा विकेट्स आपके नाम ही तो थे..
सर विवियन रिचर्ड्स ने भी कई बार इंटरव्यू में बोल रखा कि आपकी गेंदों से भय खाते थे..
तो आपकी तो बात ही निराली है..
आज की स्थिति को 30साल पहले से कैसे कंपेयर कर सकते..तीस साल पहले जब बच्चा क्लास में मार खाता तो घर पर कुछ नहीं बोलता था कि और कूटा जाएगा..आज भी वही स्थिति है क्या?
हार का ग़म,ऊपर से सामने वाला कुछ बोल देगा तो बच्चा है रिएक्ट करेगा ही,नेचुरल है ये..पोलार्ड और स्टार्क इंसीडेंट याद है