बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने सप्ताह में दो दिन अवकाश की मांग को लेकर अगले तीन दिन हड़ताल की घोषणा की है।
मैंने कल इसी मुद्दे पर यह वीडियो बनाया था। कमेंट में बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों ने अपनी परेशानी और काम के दबाव के बारे में लिखा।
वीडियो यहां भी लगा रहा हूं, ताकि उनकी बात सरकार और आम लोगों तक भी पहुंचे-और हम उस दबाव को भी समझें, जिसके बीच बैंक कर्मचारी हर दिन काम करते हैं।
@Jitendratibxy3@ManishSoni_1971 जो काम आपको ऑनलाइन दिखता है वो सिर्फ बैंकिंग काम का एक छोटा हिस्सा है। तुम नहीं समझ नहीं सकते क्योंकि ये तुम्हारे समझ के बाहर है। तुम्हारे एक क्लिक में जो पैसा UPI के द्वारा तुम्हारे मोबाइल में मिला दिखता है उसके पीछे 24x7 मेनपावर लगा हुआ है।
बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कारण पूछने पर यही लगा कि जिस बैंक की नौकरी को अच्छी नौकरी में गिना जाता था, उसकी हालत बदतर हो गई है। टारगेट के नाम पर कर्मचारी देर शाम तक रोके जाते हैं, छुट्टी नहीं दी जाती है,
तनाव रोज़ का हिस्सा है। काम करने की जगह भी अच्छी नहीं है। ऐसा लगता है कि बैंकर को सज़ा दी जा रही है कि उन्होंने बैंक की नौकरी क्यों की। लोगों ने बताया कि अत्यधिक तनाव के कारण बीमारियाँ होने लगी हैं।
एक बैंकर ने यह भी बताया-
सुबह 8:00 बजे घर से निकलने वाला बैंकर रात को 8:00 या 9:00 बजे के बाद ही घर लौट पाता है, क्योंकि एनपीए (NPA - गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) को रोकने का भारी दबाव होता है। हर खाते की मंथली ईएमआई (EMI) होती है, और यदि वह 90 दिनों तक जमा न हो, तो खाता एनपीए हो जाता है। ऐसे में रीजनल ऑफिस से ब्रांच हेड पर दबाव आता है कि यह खाता आज किसी भी हाल में एनपीए नहीं होना चाहिए। पहले केवल महीने की आखिरी तारीख को एनपीए रोकने का दबाव होता था, लेकिन अब हर सिंगल डे (प्रतिदिन) यह प्रेशर रहता है।
रात के 9:00 बज रहे होते हैं और रीजनल ऑफिस से फोन आता है कि "किसी भी तरह इस खाते को बचाइए।" थक-हारकर जब ब्रांच हेड को लगता है कि उसे अब घर जाना चाहिए, तो वह अपनी जेब से 2,000, 4,000 या 10,000 रुपये तक की ईएमआई खुद भर देता है। बाद में ग्राहक वह पैसा लौटाता नहीं है, जिससे बैंक मैनेजर के अपने पैसे डूब जाते हैं।
बैंक में दिनभर कई तरह के मानसिक तनाव झेलने पड़ते हैं। आपको रिकवरी के लिए फील्ड में निकलना होता है। वहाँ कोई ग्राहक आपको ब्लैकमेल करता है कि "मेरे घर मत आओ, नहीं तो मैं पैसा जमा नहीं करूँगा, सिर्फ़ फोन पर बात करो।" फोन पर बात करने के दौरान ग्राहक कभी-कभी अभद्र और गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग करते हैं। उस तनाव में यदि मैनेजर के मुँह से गलती से भी कोई गलत बात निकल गई, तो ग्राहक उसकी कॉल रिकॉर्डिंग करके ब्लैकमेल करने लगता है।
कृपया बैंकर की बात सुनें । कोई रास्ता निकालें।
@gandabherunda Time is defined from day when Bank started working. Previously wlit was 11-3 in 80's then itvwas made 10-3 and now it is 10-4. Our day starts after 4.00 when customer time is over and get extended upto 8 or 9 in night and next day get ready for work.
@gandabherunda We also get 30 days leave but there is a difference. Since your leave is accumulated upto 2 or 3 years you avail it but there is no restriction for us due to which bank is not reluctant to give leave to us. People makes hue and cry for time 10-4 then let me make clear thatthis
@gandabherunda I request you to make an RTI query to Bank to know how much leave is availed by Bank employee on average in a year. Now all corporate where 5vday week is available they are having 104 + 10 =114 office. Bankers get 52+24+15=91. Who is having more off?
@ManishSoni_1971 भी जरूरी है। और इसमें कोई कोताही हो गई तो staff accountability तो सर पर है। आप सब जो बैंक के 10-4 का समय बताताते हो पर हकीकत ये है कि जब आपका समय खत्म होता है तब जाकर हमारा दिन शुरू होता है और वो दिन खत्म होता है रात 8 या 9 बजे। जो दिखता है वो सच नहीं है।
@ManishSoni_1971 हिस्सा है। जैसे ही सरकार कोई योजना बनाते है बैंक पर एक फतवा आ जाता है इन योजना के लाभार्थी को उस योजना के तहत लाना और उसके लिए हमारे पास है शनि और रवि जिस दिन इसके लिए काम करना। काम यहां खत्म नहीं होता। जिन लाभार्थी को सरकारी योजना के तहत लोन दिया है उसका repayment सुनिश्चित करना
हरियाणा में बीजेपी का वोट परसेंट था 36%।
ज्ञानेश कुमार चीफ कमिश्नर बन जाते हैं, तो 40% वोट शेयर हो जाता है। महाराष्ट्र में 25% था, उनके आने के बाद 27% हो जाता है।
दिल्ली में 38% था और उनके आने के बाद 45% हो जाता है।
- अभिजीत दीपके नेता, CJP
अब इस ढक्कन को कौन समझाए कि पढ़ाई करना कितना जरूरी है बोलने से पहले
हरियाणा में चुनाव अक्टूबर 2024 में, महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में और दिल्ली में 5 फरवरी 2025 को हुआ।
जबकि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त 19 फरवरी 2025 को बने। चुनाव पहले हो गए, ज्ञानेश कुमार बाद में CEC बने।
फिर उन्होंने वोट शेयर कैसे बढ़ा दिया ?
भैंस जब पूंछ उठाती है तो गोबर ही करती है तेरे जैसे
Long queues. Long hours. Millions served. Families waited.
During Demonetisation 2016, bank employees stood on the frontlines and kept the nation moving—working beyond limits, putting duty before family.
A decade later, the demand is simple: 5-Day Banking.
#5DayBanking#AIBOC
@suhasharish87@Dibakar_Chetry0 In IT sector do you sign any paper? We daily sign. And every sign has responsibility. Your code can be rectified but once we sign we cannot go back. Any wrong payment or loan sanction is our personal responsibility. In IT do you have?
@Phunsukwangduji 10-4 is customer hour. We work beyond that. Upto 8 is normal. Apart from brach there are department start working beyond 6AM and some finish after 11pm too. Crores of cases are pending in court why don't you tell them to work 7 days.
आज पता चला की ये संगीतज्ञ कौन है, कैसा दिखता है... ये दोनों पंखों के आपस में रगड़ने से पैदा होने वाली ध्वनि है जो हमें बरसात के मौसम में रात में सुनाई देती है।