This video deserves to go viral. 🙏
BJP leader Konda Vishweshwar Reddy explained Delhi protests in simple words.
Everyone should watch and share this video. 🙏
नवरात्रि की पवित्र षष्ठी पर मां कात्यायनी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन! मेरी कामना है कि उनकी अनुकंपा से हर किसी के जीवन में असीम शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
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कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी द्वारा संवैधानिक संस्थाओं एवं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर दिए जा रहे भ्रामक बयानों की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
लोकतंत्र में सवाल पूछने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए तथ्यों को तोड़ना-मरोड़ना और देश की संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कतई स्वीकार्य नहीं है।
राहुल गांधी और कांग्रेस को समझना चाहिए कि भारत का लोकतंत्र किसी एक परिवार या राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। यह देश के संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और करोड़ों नागरिकों के विश्वास पर आधारित है।
जब भी जनता जनादेश देती है, तब उसका सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। निराधार आरोप लगाकर संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
हमारा स्पष्ट संदेश है कि संविधान सर्वोपरि है, लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान अनिवार्य है और देशहित से ऊपर कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं हो सकता।
कांग्रेस को नकारात्मक राजनीति छोड़कर तथ्यों, जवाबदेही और रचनात्मक विपक्ष की भूमिका पर ध्यान देना चाहिए।
भारत की जनता जागरूक है और लोकतंत्र की ताकत पर उसका विश्वास अटूट है।
जय हिंद! जय भारत!
Bangladesh GenZ fought against Religious fundamentalism?
When did that happen? Last I checked a lot of Bangladeshi Hindus were targeted and killed during the protests
Bangladesh GenZ youth fought for voting rights& democracy?
I missed that too, can someone fill me in? What news portals were you following that i missed?
Bangladesh protests as an inspiration to GenZ in India?
Indeed delusional.
"फौजी की बेटी" ने जब वामपंथी राह चुनी तब फौजी पिता ने कहा देशद्रोहियों के साथ क्यों जा रही हो ? पिता ने "देशद्रोहियों" का दामन थामने पर बेटी से बात करनी छोड़ दी।
बेटी आज भी दिल्ली, जयपुर और वाराणसी में आतंकी हमला करके 30 निर्दोष भारतीयों की जान लेने वाले और इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की पर गोली दागने वालों को निर्दोष मानती है। बेटी आज बांग्लादेश से प्रेरणा लेती है, जहां रक्तरंजित तख्ता पलट में 1500 लोग मारे गए, जहां हिंदुओं पर हमलों की 2500 घटनाएं रिकॉर्ड हुईं, दीपू दास को हिंदू होने पर खम्भे पर लटका कर ज़िन्दा जला दिया गया।
बेटी की इस खतरनाक "विचारधारा" को छुपाने के लिए "फौजी पिता" की आड़ लेने का खेल शुरू हो गया है!
American Singer/Actress @MaryMillben speaks on the protests in India, who’s funding the protests, and most importantly an inspiring message to India’s young patriots.
“If you want to jump into the arena to make change, your voice should always bring solutions. Your voice should want to bring about change that unifies the country and works with everyone to find the best solution for the people that you serve.“. Take a listen! #india #modi #usa #peace #leadership @narendramodi
It’s done bro, everything is exposed !!
Afterall, it was all about ‘Regime Change’..
आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई!
सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है.. फिर उसके लिए विद्यार्थियों, किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे, जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे। आंदोलन की आड में अराजकता फैलाना ही 'इनका' उद्देश है।
#Maharashtra
11 रुपए की सलाइन ड्रिप मरीज़ को 270Rs में बेची जा रही है
28Rs की एंटीबायोटिक मरीज़ तक 78Rs की पहुँच रही
1.5Rs का सिट्रीजिन मरीज़ को 21Rs+ का क्यों मिले?
इलाज की मजबूरी के बीच आम आदमी को यूँ लूटना “क्राइम” नहीं है?
Regime Change जैसे शब्दों के प्रयोग से स्पष्ट हो जाता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के लिए नहीं, SIR के लिए नहीं, ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है।
बल्कि देश में Anarchy पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी यह साजिश है।
लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं।
बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं।
चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जन-विश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है, जिसे षड्यंत्रों के अंधड़ हिला नहीं सकते।
हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं।
जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है। अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। उनकी इस सियासी साजिश को देश कभी सफल नहीं होने देगा।
Do you know why Marxists in India never spoke against the genocide that happened in Bangladesh after the planned regime change?
Because their comrades were the culprits.
All these so called global organisations like Amnesty international have always been an eye wash... their main purpose is to spread unrest and disharmony in India.
Thanks to the Modi govt that these dangerous snakes are getting exposed.
बार-बार लोग कह रहे थे कि, यह सब अराजकता भारत को बांग्लादेश-नेपाल बनाने की है, इसका क्या प्रमाण है? नेहा बोरा ने प्रमाण दे दिया। फिर भी कुछ लोग बनुआ पागल की तरह पूछते रहेंगे।