रील ही सही
पर रुला दिया इस विडियो ने
काश के लोग ऐसी समझदारी रियल लाइफ मे
भी निभाये
तो कोई भी विधवा या उसके बच्चे ना तो भुखे सोएं और ना ही गलत रास्ते पर जाएं...!!!
एक 7 साल की बच्ची Soro Anu जिसका बचपन में जन्म के कुछ देर बाद ही एक पैर कटना पड़ा था जब वो पहली बार गुलाबी नकली पैर पहनकर स्कूल पहुंची।
दोस्तों ने देखा तो दौड़कर गले लगा लिया…
खुशी का खूबसूरत पल ❤️❤️
अब का होई भैया?
उत्तराखंड सरकार से नाराज़ हुए कांवड़िए...!
दूसरी तरफ खुद मुंह से बताया कि जनता का पैसा कैसे UP सरकार जनता का पैसा इनपर बर्बाद कर रही है, 100 मीटर पर लंगर, पंखा नहाने की व्यवस्था कर रखी है..!!
बस स्कूल चलाने के लिए पैसे नहीं है तो उन्हें बंद कर रहे हैं।😳😳
कहीं सरकारी स्कूल बंद होने की खबर सुनी तो कुछ समय पहले का ये वीडियो याद आया.
हरियाणा में ये हो पाया या नहीं, पता नहीं.
पर आने वाला भविष्य बच्चों का यही है.
सुनिए
ईरानी मिसाइल हमले का असर अब सच्चाई की शक्ल में सामने आ रहा है —
जिसे पहले 'बहुत मामूली नुक़सान' बताकर दुनिया की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश की गई,
वही आज इजरायली मीडिया के जरिए खुद बेनक़ाब हो रहा है।
📍 Weizmann Institute, जो इज़राइल का एक प्रमुख वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थान है,
उसके परिसर की 112 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं —
जिनमें से 65 इमारतें वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं और सेवा केंद्र थीं।
📍 वहीं तेल अवीव में 400 से ज़्यादा इमारतें प्रभावित हुई हैं —
जो किसी भी रणनीतिक हमले की गहराई और असर को दर्शाता है।
▶️ तो सवाल ये है —
जब शुरुआत में इज़राइल ने "minimal damage" या "असर नहीं हुआ" जैसे बयान दिए,
तो वो रणनीतिक चुप्पी थी या जनता को संभालने की कोशिश?
▶️ क्या अब युद्ध सिर्फ़ मिसाइलों से हो रहा है,
या मीडिया के जरिए सच को मोड़ने की लड़ाई भी उतनी ही गंभीर हो गई है?
ईरान ने भले ही सीमित जवाब दिया हो,
लेकिन उसके टारगेटेड हमलों ने एक बात तो साफ़ कर दी —
अब युद्ध सिर्फ़ जमीन पर नहीं,
भरोसे और जानकारी के बीच भी लड़ा जा रहा है।
इमारतें गिरती हैं तो सिर्फ़ दीवारें नहीं टूटतीं,
बल्कि उस ‘अजेय’ होने का भ्रम भी चकनाचूर होता है
जिसे मीडिया और सरकारें पालती आई हैं।
यह कोई समर्थन या विरोध नहीं —
यह उस सच की तस्वीर है, जिसे पहले छुपाया गया,
अब धीरे-धीरे स्वीकार किया जा रहा है। 🕊️
@garrywalia_@Rose_00358 ये खंडहर पड़ी इमारते और गिरा हुआ इजराइल का झंडा ये बताने के लिए काफ़ी है कि नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है..
ईरान से दोबारा पंगा नहीं लेगा इजराइल