आज RCTA प्रदेशाध्यक्ष अमृता जी के नेतृत्व में कंप्यूटर अनुदेशक कैडर में सुधार हेतु शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी से विस्तृत चर्चा की।
आने वाला समय अत्यंत महत्वपूर्ण है।🙏✊
#विश्वास
कोटा के बाद अब बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की किडनी खराब होने की खबर ने एक बार फिर राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोल दी है। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp व स्वास्थ्य मंत्री श्री @GajendraKhimsar से पूछना चाहता हूं कि आखिर कब तक हर बड़ी घटना के बाद सिर्फ जांच के आदेश देकर जिम्मेदारी से बचते रहेंगे ? जब मरीज ICU में पहुंच जाएं, तब मशीनें लगाने की घोषणा होती है। सवाल यह है कि ऐसी नौबत आती ही क्यों है? क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जान की कीमत सिर्फ एक प्रेस नोट और जांच समिति तक सीमित रह गई है?
सरकार विज्ञापनों में स्वास्थ्य मॉडल की तस्वीर दिखाती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में मरीज और उनके परिजन डर के साए में इलाज कराने को मजबूर हैं।
हर बार "कारणों की जांच होगी" कहा जाता है, लेकिन राजस्थान की जनता भारतीय जनता पार्टी की सरकार से जानना चाहती है कि लापरवाही की कीमत कौन चुकाएगा ?
आखिर कब तक माताओं और बहनों की जिंदगी सिस्टम की नाकामी की भेंट चढ़ती रहेगी ?
अगर अस्पतालों में इलाज के बाद मरीजों की हालत और बिगड़ने लगे, तो यह सिर्फ एक मेडिकल घटना नहीं, बल्कि शासन और व्यवस्था की विफलता है।
मुख्यमंत्री जी। जनता पूछ रही है,स्वास्थ्य व्यवस्था कब सुधरेगी और जिम्मेदारी कौन लेगा ?
#बदहाल_राजस्थान
@RajCMO
मैं अभागा सवर्ण हूँ…
वोट भी देता हूं, टैक्स भी देता हूँ,
फिर भी 90लाकर भी 40से हार जाता हूँ,
गरीब होकर भी सामान्य कहलाता हूँ,
सामान्य हूँ इसलिए जेल भी जाता हूँ,
40% वाले IPS या IAS बन जाते हैं
और मैं उनके यहाँ का सरकारी चपरासी बन जाता हूँ।
आशीष व्यास ✍️
कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती में सामान्य अभ्यर्थियों को मिली नगण्य पदों की पीड़ा अभ्यर्थियों ने जाट महासभा कार्यालय में राजाराम जी मील के सामने रखी। उन्होंने सीधे शिक्षा मंत्री जी से सीधे वार्ता करके अभ्यर्थियों की पीड़ा से अवगत करवाया। अब आगे मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी अभ्यर्थियों की पीड़ा पहुंचाई जाएगी।
#BCI #SCI #Roster #Backlog
@meelrajaram@RajCMO@BaBarS0007@pawansahu51
राज. शिक्षक संघ (सियाराम) द्वारा ग्रीष्मावकाश व अन्य अवकाशों में की गई मनमानी कटौती विरोध में माननीय शिक्षा मंत्री @madandilawar जी को सद्बुद्धि देने की लिए शिक्षा संकुल जयपुर में आज यज्ञ व श्री हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन
@RajCMO@Shaikshiksraj@news24tvchannel@News18Rajasthan
RGHS योजना कर्मचारियों के लिए रामबाण है अधिकतर परिवार बीमारी से बर्बाद होते हैं और यह योजना इस संकट में सबसे बड़ी संकट मोचन बनती है,,
सरकार को जल्द से जल्द इसका उपाय ढूंढ कर कर्मचारियों के साथ न्याय करना चाहिए।
प्राइवेट हॉस्पिटल वाले भी मनमानी करते हैं और हजार रुपए की गोली दवाई के ₹5000 लिख लेते हैं,,, एक कर्मचारी इस मजबूरी में नहीं बोलता क्योंकि यदि वह विरोध करेगा तो हॉस्पिटल वाले मना कर देंगे कि हम इस योजना के तहत नहीं देखते या आज के दिन की इतनी ही पर्ची है वो कट गई,,💔🙏
सरकार को एक नियम बना देना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी को कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मना नहीं करेगा, और कोई भी किसी भी प्रकार के इंजेक्शन टैबलेट वगैरा के लिए मना नहीं करेगा यदि ऐसा करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, तब ही यह भ्रष्टाचार मिटेगा क्योंकि कर्मचारी अपने आप को सेफ जोन में जब पाएगा तो वह भ्रष्टाचार होने ही नहीं देगा,,,, लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि एक कर्मचारी हॉस्पिटल जाता है तो उसको अपराधी की नजर से देखा जाता है जब वह यह बोलता है कि मेरे को RGHS के तहत दिखाना है, बल्कि सच्चाई यह है कि एक आम पेशेंट के ट्रीटमेंट के बजाय कर्मचारी के कार्ड से 10 गुना ज्यादा पैसे उठा लिए जाते हैं।
सरकार इस भ्रष्टाचार को मिटाएं और कर्मचारियों को हर वक्त इलाज के लिए आस्वस्त करें,,,,यही उम्मीद है।
@officialRGHS@RajCMO@JATbera1@GajendraKhimsar@RESMA_7
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
राजस्थान में 20 दिन से निजी अस्पतालों में RGHS के तहत इलाज बंद पड़ा है, लेकिन भाजपा सरकार कोई फर्क नहीं पड़ता।
विडंबना देखिए.. 50 लाख कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके परिवार इलाज, दवाइयों और जांचों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पिछले महीने से कैशलेस इलाज बंद पड़ा है, लेकिन भाजपा सरकार बेरवाह बनी हुई है।
भाजपाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी RGHS योजना अब लापरवाही, अव्यवस्था और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। सरकार पर 2200 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। सबसे शर्मनाक बात ये है कि भाजपा के ढाई साल के कार्यकाल में ये योजना 3 बार बंद हो चुकी है।
आखिर ये कैसा "सुशासन" है, जहां बीमार कर्मचारी और बुजुर्ग पेंशनर्स अस्पतालों के बाहर लाइन में खड़े हों और सरकार सिर्फ विज्ञापन व इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त रहे?
आज RCTA प्रतिनिधिमंडल ने माननीय जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा जी से मुलाकात कर कंप्यूटर अनुदेशक कैडर के मुद्दों पर चर्चा की।
आगामी समिति गठन की बैठकों में RCTA को शामिल करने का आग्रह किया गया।
महोदया ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
@RCTA_official#ComputerTeacher#Rajasthan
विकसित देशों में शिक्षकों को लंबी छुट्टियां दी जाती हैं शिक्षण एक अत्यधिक मानसिक श्रम वाला कार्य है.!
35 दिन की छुट्टी को भी ज्यादा बताने वाले लोग दरअसल शिक्षा की गुणवत्ता के दुश्मन है
एक थका हुआ और मानसिक रूप से प्रताड़ित शिक्षक बेहतर भविष्य कैसे गढ़ेगा.?
@RajCMO@madandilawar
#ग्रीष्मावकाश_कटौती_नहीं_चलेगी
शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार ने हठधर्मिता अपना ली है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को 20 जून तक ही ग्रीष्मावकाश दिया जायेगा। शिक्षक संघों व शिक्षकों ने सरकार द्वारा 1 अप्रैल से नवीन सत्र प्रारंभ करने के फैसले का स्वागत किया और इसे सफल बनाने में समर्पित होकर कार्य किया लेकिन यह कैसी असंवेदनशीलता है कि विषम परिस्थितियों वाले राजस्थान में जहां मई व जून के महीने में एक व्यस्क व्यक्ति के भीष्ण गर्मी से पसीने छूट जाते हैं वहां 6 वर्ष से लेकर 17 वर्ष तक के बच्चों को स्कूल बुलायेंगे।
एक तरफ हीटवेव, आंधियां, लू, भीष्ण गर्मी, सूर्य की तीखी किरणों का प्रकोप रहता है और दूसरी तरफ आवागमन के संसाधन क्या है सरकारी विद्यालयों के बच्चों के पास कुछ नहीं। क्या उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शिक्षकों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कार्य करवाया गया लगातार चार महीने रविवार का भी अवकाश नहीं लिया। चुनाव के लिए कार्य किया, अब ग्रीष्मावकाश में भी अधिकतर शिक्षक जनगणना का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक रविवार को प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करवाते हैं तो फिर सरकार आखिर चाहती क्या है शिक्षकों से? जिस तरीके से सरकार लगातार शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ा रही है यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। बच्चों का स्वास्थ्य व शिक्षकों का अधिकार हमारे लिए केंद्र बिंदु है और सभी शिक्षक मिलकर इस फैसले का हम विरोध करते हैं।
जहां केंद्रीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश 49 दिन, नवोदय विद्यालय में 60 दिन यहां तक की महाविद्यालयों में 61 दिन तो फिर विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राजस्थान में 35 दिन क्यों?? सरकार तत्काल ग्रीष्मावकाश पूर्ववत 17 मई से 30 जून तक करें और इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश कम से कम 50 दिन करने पर विचार करें।
शिक्षकों के अवकाश कटौती कर सरकार कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है। ग्रीष्मावकाश कटौती पर शिक्षक संगठन व शिक्षक एकजुट हैं और लामबंद होकर बड़े आंदोलन की तरफ अग्रसर हो रहें हैं, सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करें तथा ग्रीष्मावकाश 50 दिन करने का विचार करें।
मई व जून माह में मौसम विभाग की लगातार एडवायजरी जारी होती है कि सब अपने घरों में रहें मौसम बिगड़ने की संभावना है, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, तेज आंधियों का खतरा रहता है और इन सबके अलावा भीषण गर्मी तो लगातार रहती है और सरकारी विद्यालयों में आने वाला बच्चा अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से होता है, वो ना तो पीने के लिए पानी की बोतल लाते हैं और दो तीन किलोमीटर का सफर भी पैदल तय करते हैं , इसलिए सरकार को राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षकों के अवकाश में कटौती नहीं करते हुए अवकाश पुनः 17 मई से 30 जून तक किये जाये , अन्यथा विरोध किया जायेगा।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी आप संज्ञान लेकर फैसले पर विचार कीजिए।
@RajCMO@RajGovOfficial@AvinashGehlot_@DrSatishPoonia@mhrd_innovation@rajeduofficial@svoruganti1466@TikaRamJullyINC@ashokgehlot51@GovindDotasra@saten_08@DharmendraS_inc@AshokChandnaINC@jayantrld@PMOIndia@rpbreakingnews@DainikBhaskar@arvindchotia@AshishModiIAS@drarushimalik@IASNJ@Nathmal70602774@kana_ias@artizzzz@dpradhanbjp@lalitmeenabjp@AmitBudania9121@ProfCong@zeerajasthan_@1stIndiaNews@pantlp
कंप्यूटर अनुदेशक कैडर तथा वेतन विसंगति दूर करने हेतु RCTA टीम के सदस्य आज वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी जी से मिले तथा इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, इसी क्रम में महत्वपूर्ण प्रगति हेतु आश्वासन प्राप्त हुआ है।
@KumariDiya@rajeduofficial
१/२
कैसी विडंबना है आज के युग मे हम एक देश एक चुनाव की बात करते है उसी देश मे 2 शिक्षकों के वेतनमान और सम्मान मे अंतर? अन्य विषय प्राध्यापक को 4800 ग्रेडपे,
और कंप्यूटर विज्ञान के प्राध्यापक को 3600 ग्रेडपे ?
कैसी विडंबना है आज के युग मे हम एक देश एक चुनाव की बात करते है उसी देश मे 2 शिक्षकों के वेतनमान और सम्मान मे अंतर? अन्य विषय प्राध्यापक को 4800 ग्रेडपे,
और कंप्यूटर विज्ञान के प्राध्यापक को 3600 ग्रेडपे ?