छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल,छात्राओं का आरोप,प्रिंसपल कहते हैं, "तुम मर जाओ।"
छात्राओं का यह भी आरोप है कि प्रिंसिपल और उनका ड्राइवर आधी रात को बिना अनुमति उनके कमरे में आ जाते हैं। वहीं, सवाल पूछे जाने पर प्रिंसिपल ने कहा, "हम कुछ नहीं बोल सकते हैं।
इस मौन का मतलब?
राम मंदिर निर्माण का सारा श्रेय, सर्वोच्च न्यायालय के विवादास्पद निर्णय के अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ/विहिप/भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेते हैं। विपक्ष सहित दूसरे भी इसे सही मानते हैं।
मंदिर प्रांगण से गुजर कर मंदिर में प्रवेश करते समय राम दरबार की उत्कीर्ण मूर्ति के साथ ही मंदिर का संक्षिप्त इतिहास भी पत्थर पर उत्कीर्ण है। उसके अंत में केवल दो नाम हैं - नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत के।
इसलिए मंदिर के लिए सर्वोच्च जवाबदेही इनकी बनती है।
पूरे राम मंदिर आंदोलन और उसके बाद मंदिर निर्माण में सबसे प्रमुख भूमिका निभाने वाले इन दोनों सज्जनों के मुखारविंद से आस्था-चढ़ावा चोरी के जिस कांड पर पूरा देश व्यथित और आंदोलित है उसके बारे में एक शब्द भी नहीं फूटा है। वैसे दोनों देश के सबसे ज़्यादा सार्वजनिक भाषण देने वाले भी हैं। वह वाचाल मुखरता इस विषय पर कहाँ चली गई है?
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार साहस और स्पष्टता के साथ पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं, हर सवाल का अपनी ओर से जवाब दे रहे हैं।
संघ के सरसंघचालक क्यों नहीं? प्रधानमंत्री क्यों नहीं?
श्रेय लेने में सबसे आगे। जवाबदेही में चुप?
क्यों?
"A 17-year-old kid who is not even eligible to get voting ink on his finger, has pointed a finger at the whole education system."
Classy satire from Shekhar Suman! Especially this section, where he lauds the GenZ boys who exposed CBSE.
सोशल मीडिया की ताकत से उपजे प्रदर्शनों और आंदोलनों को कॉरपोरेट मीडिया में खूब जगह मिलती है और क्रांति की बयार बताया जाता है। यही कॉरपोरेट मीडिया दूर दराज़ गांवों के आदिवासियों, किसानों और मज़दूरों के राजधानी पहुंचने पर उसे अव्यवस्था और सड़क जाम के रूप में चित्रित करता है। उनके प्रति आक्रामक तक होता है। परंपरागत राजनीतिक दलों के विरोध-प्रदर्शनों को नज़रअंदाज़ किया जाता है या फिर अराजक बताया जाता है। यह एक सच्चाई है।
No praise is good enough for this hero duo Riyazuddin and son who emptied their shop of mattresses to spread them on ground - to cushion the fall of people jumping off from the burning hotel in Malvia Nagar. What an act of humanity and quick thinking. In that chaos to think straight and save lives - this hero deserves full compensation by MCD and commendation by the govt and also a public felicitation at a prominent place in Delhi @LtGovDelhi@gupta_rekha
This is Armaan, Owner of mattress shop in Malviya Nagar. He laid out all his mattresses so that people trapped in the burning hotel could jump onto them and save their lives. in this way, several lives were saved too.
Armaan is a real life Hero❤️
Vedant Srivastava - 17 yrs old
Took to social media and exposed discrepancies in CBSE's OSM marking system.
Nisarga Adhikary- 19 yrs old
Hacked CBSE website and informed them (and us) that it is vulnerable and can be hacked.
Sarthak Sidhant- 17 yrs old
Exposed how CBSE bent rules to award the OSM tender to COEMPT.
These 3 kids need to be lauded. They have given us a glimmer of hope. They have shown us, not all is lost.
We still have a future to salvage.
कल्पना कीजिए... आप अपने घर में सो रहे हैं। अचानक आधी रात को दर्जनों हथियारबंद कमांडो आपका दरवाजा तोड़कर अंदर घुसते हैं।
आपकी चीखती हुई पत्नी और रोते हुए बच्चों के सामने आपको घसीटकर गाड़ी में डाल दिया जाता है। अगले दिन सुबह जब देश जागता है, तो अखबारों और टीवी चैनलों पर आपकी तस्वीर होती है।
14 साल तक रहमान अपने सिर पर आतंकवाद का ठप्पा लिए जेल में रहते हैं और उनका परिवार जेल के बाहर।
अब 14 साल के बाद कोर्ट ने रहमान को बाइज़्ज़त बरी किया यह कहते हुए की रहमान के खिलाफ कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हो पाया।