आज बुद्ध पूर्णिमा के अति पावन अवसर पर समस्त देशवासियों, विशेषकर बहुजन समाज के हमारे भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
तथागत गौतम बुद्ध का जीवन हम सभी को करुणा, समता, शांति और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भी भगवान बुद्ध के धम्म को अपनाकर शोषित-पीड़ित समाज को सम्मान से जीने की राह दिखाई थी।
आज के दौर में जब समाज में नफरत, अन्याय और गैर-बराबरी फैलाने वाली शक्तियाँ सक्रिय हैं, तब भगवान बुद्ध की शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। आज जरूरत है कि हम संवाद, न्याय और भाईचारे को मजबूत करें।
आइए, हम सब मिलकर भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलते हुए एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें, जहाँ समाज के हर व्यक्ति को सम्मान, बराबरी और समान अवसर मिले।
जय भीम, नमो बुद्धाय।
T20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर टीम इंडिया ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, संयम और आत्मविश्वास का संगम ही जीवन में सफलता का मूलमंत्र है। यह जीत हमें यह भी बताती है कि सही दिशा में कठिन परिश्रम से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
अभीप्सां स्वात्मनो रक्षाऽविरतं सुस्थिरं तया।
यत्नमातिष्ठ धैर्येण ततः सिद्धिर्भवेद् ध्रुवम् ।।
बहुजन समाज के मसीहा व भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस
(देहान्त) पर भावभीनी श्रद्धांजलि व श्रद्धा–सुमन अर्पित।
साथ ही बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के अनुयाइयों से व खासकर नौजवानों से भी अपील है कि वे उनके अधूरे रहे कारवां को मंज़िल तक पहुँचाने के लिए बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीया सुश्री मायावती जी को अपना हर स्तर पर पूरा–पूरा सहयोग दें। जय भीम।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उ. प्र. की पूर्व मुख्यमंत्री परम आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी का आज दिनांक 26/1/2026 का महत्व पूर्ण ट्वीट !
@bspindia
समस्त देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों एवं उनके परिवार वालों को भी आज 77वें गणतंत्र दिवस की दिली मुबारकबाद/हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।
वैसे आज के दिन अपने बेहतरीन संविधान पर गर्व करने के साथ-साथ इसका विशेष महत्व तभी है जब सरकारों के बड़े-बड़े दावों और लुभावने वादों आदि के भूलभलैयों से अलग हटकर, यह ईमानदार ऑकलन किया जाये कि क्या केन्द्र व राज्य सरकारों की केवल छलावापूर्ण बातें हैं या फिर संविधान की सर्वसमाज हितैषी सच्ची मंशा के हिसाब से देश ने राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक लोकतंत्र के क्षेत्र में अपेक्षित विकास करके लोगों का जीवन स्तर में कुछ बहु-अपेक्षित सुधार किया है? ऐसा करके ही देश की ज्वलन्त समस्याओं से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
इसके साथ ही, गणतंत्र दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ सेवा के लिये जिन लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री तथा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है उन सबको तथा उनके परिवार वालों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।
इतना ही नहीं बल्कि देश में ’बहुजन समाज’ के करोड़ों ग़रीबों, शोषितों-पीड़ितों एवं उपेक्षितों को अपने पैरों पर खड़ा करके उन्हें आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का जीवन दिलाने के संघर्ष हेतु अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को, देश भर में उनके करोड़ों अनुयाइयों की चाहत के अनुसार अब बिना और देरी किये, भारतरत्न से सम्मानित किया जाए तो यह उचित होगा, जिसकी माँग बी.एस.पी. लगातार करती आ रही है।
आईएएस टीना डाबी ने यूपीएससी सीएसई 2015 की परीक्षा में पूरे भारत में सभी वर्गों में प्रथम रैंक लाकर इतिहास रच दिया है,तब से जातिवादियों के पेट में मरोड़ उठ रही हैं।
पिछले ग्यारह साल से जातिवादी,सामन्तवादी एवं प्रभुत्ववादी मानसिकता के लोग आईएएस टीना डाबी को लगातार टारगेट कर रहे हैं।
आज 77वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर बाड़मेर जिला कलेक्टर आईएएस टीना डाबी ध्वजारोहण कर रही थीं।
एक तरफ प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी व अन्य लोग खड़े हुए थे,तो दूसरी ओर मीडिया खड़ी थी।
ध्वजारोहण के बाद आईएएस टीना डाबी प्रशासनिक अधिकारियों,कर्मचारियों अन्य लोगों की ओर खड़े होकर राष्ट्र गान की स्थिति में खड़ी हो गईं,लेकिन मीडिया को फ़ोटो क्लिक करने थे,तो मीडिया के अनुरोध पर तुरन्त ही दूसरी ओर राष्ट्र गान की स्थिति में खड़ी हो गईं।
अब जातिवादी,सामन्तवादी एवं वर्चस्ववादी लोग आईएएस टीना डाबी को ट्रॉल कर रहे हैं। उनके ऊपर अभद्र,अशोभनीय एवं अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं। साथ ही साथ आरक्षण को लेकर अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं।
आईएएस टीना डाबी इस देश की कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं। राष्ट्रपति ने उनके कुशल प्रशासन,नेतृत्व एवं मेहनत के कारण ही उन्हें क़ई बार सम्मानित किया है।
आईएएस टीना डाबी को पिछले ग्यारह सालों से लगातार टारगेट सिर्फ इसलिए किया जा रहा है,क्योंकि वो एससी वर्ग से हैं और उसमें से भी महिला हैं।
जातिवादी,सामन्तवादी एवं वर्चस्ववादी ताकतें आज तक आईएएस टीना डाबी को आईएएस अधिकारी के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे।
आखिर एससी वर्ग की एक 22 वर्षीय लड़की ने यूपीएससी कैसे टॉप कर दिया? एससी वर्ग की एक लड़की इतनी बुद्धिमान कैसे बन गई? इतना सब ये जातिवादी व सामन्तवादी लोग पचा नहीं पा रहे हैं।
नाम = दुर्गेश कुमार
पद = लोको पायलट (सरकारी नौकरी)। दबंग तरीके से इनफील्ड से घूमना शौक था।
जुल्म = पीडीए के पी व डी (पिछड़े व दलित) को जमीनी स्तर पर पास लाने का कार्य कर रहा था। दलित होकर गणेश यादव की लड़कीं से काफी समय पहले से प्रेम प्रसंग में था। कई बार गाँवो में पंचायत हो गयी। लेकिन लड़कीं व लड़का एक दूसरे से शादी करने से कम मान नही रहे थे।
घटना = ज्ञानेंद्र मिश्रा ने दुर्गेश कुमार को तब फोन करके बुलाया जब PET का एग्जाम सहारनपुर से देकर अपने घर आजमगढ़ मिलने आया था। ज्ञानेंद्र ने समझौता करने का कहकर बुलाया, दुर्गेश अपनी इनफील्ड से आया जिसके बाद सभी ने उसकी पिटाई करी। ज्ञानेंद्र मिश्रा ने एक जहरीला पदार्थ उंसके मुँह में डाल दिया और उसे नहर किनारे मरने के लिए छोड़ गए जिससे लगे कि जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली और उसका फोन भी छीन लिया। लेकिन दुर्गेश के पास दूसरा फोन भी था, उसने कॉल करके घर वालों को पूरी घटना बताई, घर वाले उसे उठाकर अस्पताल ले गए लेकिन उसकी मौत हो गयी।
तो जनाब यह समझ मे नही आया;
"लड़कीं यादव, लड़का दलिटी जाति से लेकिन ज्ञानेंद्र मिश्रा ने काहे उम्रकैद अपने नाम करवा ली जो इस केस में लड़कीं के पिता व 4 भाई सहित ज्ञानेंद्र मिश्रा को 100% होनी तय है क्योंकि प्राइमरी व सेकेंडरी सभी एविडेन्स मौजूद है"
मान्यवर कांशीराम साहब ने "बहुजन विचारधारा" दी जिसके उद्देश्य सामाजिक दूरियों को कम करना भी है। लेकिन अखिलेश यादव राजनीति के लिए इसका नाम बदलकर पीडीए कर सकते है लेकिन जमीनी स्तर पर सामाजिक दूरियों को दूर करने के लिए कोई आधारशिला उनके पास नही है।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati@AnandAkash_BSP
8 साल तक जीएसटी बढ़ाने के फ़ायदे गिनाए गए, अब उसी जीएसटी को कम करने के फ़ायदे समझाए जा रहे हैं! क्या बात है, नीति नहीं, जादू है ये!🤷♂️😄
@Mayawati@AnandAkash_BSP
यू.पी. के ज़िला फतेहपुर में मक़बरा व मन्दिर होने को लेकर चल रहे विवाद/बवाल पर सरकार को किसी भी समुदाय को ऐसा कोई भी क़दम नहीं उठाने देना चाहिये जिससे वहाँ साम्प्रदायिक तनाव पैदा हो जाये तथा आपसी भाईचारा व सद्भाव भी बिगड़े। सरकार इस मामले को ज़रूर गम्भीरता से ले तथा ज़रूरत पड़ने पर सख़्त क़दम भी उठाये।
देश को संस्कृत नहीं संविधान जानने वालों की जरूरत है.
बाबासाहेब को संस्कृत समेत 9 भाषाओं का ज्ञान था लेकिन आप जैसों को वो काँटे की तरह चुभते हैं…
…क्योंकि जिन महिलाओं और दलितों को आप जैसे लोग कमतर आंकते हैं, उन्होंने उन्हें समानता का अधिकार दिलाया था.
दर्द तो होगा ही!
SSC परीक्षाओं में अनियमितता, निजी एजेंसियों की लापरवाही और छात्र और छात्राओं के भविष्य की गंभीर चिंता को लेकर आज प्रदर्शन कर रहे छात्रों और टीचरों पर दिल्ली पुलिस का रोल बेहद नकारात्मक रहा जिसकी हम घोर निंदा करते हैं.केन्द्र की सरकार छात्रों की माँग के अनुसार न्यायिक जाँच का आदेश दे.
@narendramodi@DOPPW_India@DrJitendraSingh
#SSCMisManagement
#SSC_System_Sudhar
#sscReforms2025
’मित्र’ देश बताने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय आयात पर कल दिनांक 1 अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क तथा रूस से तेल आयात करने पर पेनाल्टी लगाने की भी नई उभरी चुनौती को केन्द्र सरकार इसे अवसर एवं आत्मनिर्भरता में बदलकर देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित नहीं होने देगी, तथा इसको लेकर देश को दिये गये इस आश्वासन पर कि ’किसान, छोटे व मंझोले उद्योग और राष्ट्रहित से कोई समझौता नहीं करेगी’, इस पर सरकार खरी उतरकर दिखाएगी भी, ऐसी देश को आशा।
भारत दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला अधिकतर ग़रीबों और मेहनतकश लोगों का देश है, जिसे हर हाथ को काम देने वाली श्रम शक्ति के बल पर देश को आगे बढ़ाने की नीति बनाकर उस पर सही से अमल किया जाये तो देश निश्चय ही आत्मनिर्भरता के साथ-साथ ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ वाला सुखी व सम्पन्न देश बन सकता है, जिसमें ही संविधान के मानवतावादी एवं कल्याणकारी उद्देश्य के हिसाब से जन व देशहित पूरी तरह से निहित है व यह सुरक्षित भी रह सकता है।