ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। इस बीच सड़क एक सफेद गाड़ी दिखाई दी। जिसमें लाठियां रखी हुई थीं। जब पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई तो उसने गाड़ी को चेक किए बिना जाने दिया।
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#CJPProtest#GyaneshKumar #Jantarmantar #HindiNews #AbhijeetDipke #AISA #NehaBohra
@WathNikhil@umashankarsingh@nilanjay_tiwari एक बार याद होगा आपको जब वकीलों ने पीटा था तो ये ख़ुद धरने पर बैठे थे । बस किसी दिन एक बार फिर वकील से टकरा जाएँगे तो फिर रोते आप लोग के पास आयेंगे ।
जब भी गांधी का नाम आएगा, गोडसे का नाम भी लिया जाएगा। यह सीख देने के लिए कि कितने भी गोडसे पैदा हो जाए,गांधी को गोली मार दे,गांधीवाद ज़िंदा रहेगा। गांधी सत्य हैं। गांधी अमिट हैं। गोडसे शैतान का प्रतीक है। कल भी गोडसे गांधी से हारा था। आज भी गोडसे हार रहा है। कल भी हारेगा
गांधी के शरीर को भले गोडसे ने तब मार दिया लेकिन गांधीवाद को गोडसेवाद न तब मार पाया न कभी मार पाएगा।गांधी सदैव देश की कणों में रहेंगे।गांधी विचार है।व्यक्ति नहीं जीवन दर्शन हैं।सद्भाव है। जीवन राह हैं। हमारे आदर्श मूल्य हैं।ग्लोबल पहचान हैं। उनका शरीर शहीद हुआ,विचार ज़िंदा है!
गांधी बाबा,आपको हैप्पी हैप्पी बर्थडे!!
"There are many causes that I am prepared to die for but no causes that I am prepared to kill for."
Remembering Mahatma Gandhi on the 157th anniversary of his birthday. Gandhi was nominated for the #NobelPeacePrize on 12 occasions.
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@IMinakshiJoshi देश की राजधानी दिल्ली के नगर निगम में लुटेरों का राज है।एमएसडी में बीजेपी,दिल्ली राज्य सरकार में बीजेपी और केंद्र में भी बीजेपी।किसी की हिम्मत नहीं कि बीजेपी से पूछ ले कि ट्रिपल इंजन की सरकार में दोष किसका है?
हमारी मांग:
⦿ दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंदर छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जाएं
⦿ अवैध रूप से संचालित हॉस्टल और PG को बंद किया जाए
⦿ हॉस्टल और PGs के लिए rent control act बनाया जाए
⦿ CM रेखा गुप्ता हादसे की जिम्मेदारी लें और दोषियों पर एक्शन हो
⦿ सभी PGs की जांच कराई जाए, उचित नियम-कानून बनाए जाएं
⦿ जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, सरकार उन्हें उचित मुआवजा दे और घायल छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए
: NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी
📍 दिल्ली
दिल्ली में सत्य निकेतन में पाँच मंज़िला इमारत ढह गई।6 छात्रों ने दम तोड़ दिया।
जो मर गए उनकी चिंता छोड़ो, जो बच गए है और तमाम ऐसे भ्रष्टाचार के दम पर तनकर खड़ी बिल्डिंग में रह रहे छात्र अपने बिल्डिंग में दबकर,या पानी में डूबकर मरने का इंतिज़ार करे।भ्रष्ट तंत्र के सामने कब तक बचोगे?सबका नंबर आएगा।कोई आज मरा है, कोई कल मरेगा।
देश की राजधानी दिल्ली के नगर निगम में लुटेरों का राज है।एमएसडी में बीजेपी,दिल्ली राज्य सरकार में बीजेपी और केंद्र में भी बीजेपी।किसी की हिम्मत नहीं कि बीजेपी से पूछ ले कि ट्रिपल इंजन की सरकार में दोष किसका है?
दिल्ली होटल में लगी आग के बाद सरकार ने क्या किया? दिल्ली में ही मुखर्जीनगर और करोलबाग में पिछली बारिशों में बच्चों के मरने पर किस पर गाज गिरी? अनुमति नहीं है फिर भी एक के ऊपर एक फ्लोर कैसे बन रहे हैं? कितनी बिल्डिंग का ऑडिट हुआ है? स्टेडियम से खिलाड़ियों को बाहर कर कुत्ता घुमाने वाला अधिकारी एमएसडी कमिश्नर कैसे बन गया? सालों से अधिकारी एक ही जगह जमे है,और जमकर भ्रष्टाचार कर रहे है,क्यो ईमानदार अधिकारी नियुक्त नही हो रहे है?
कैबिनेट सचिवालय में सेवाए दे रहे के के पाठक जैसे बेहद ईमानदार अधिकारी को क्यो नहीं दिल्ली नगर निगम में कमिश्नर बनाया जाता है? पाठक साहब आएंगे तो ना खाएँगे ना खाने देंगे।सरकार कों अधिकारी ऐसे चाहिए जो ख़ुद भी खाए और सबको खाने दे। सबका साथ सबका भ्रष्टाचार को शिद्दत से लागू करे।
सिस्टम के भ्रष्टाचार से मारे गए बच्चों के लिए आंसू मत बहाओ।अपने बच्चों के मरने का इंतिज़ार करो।मरना तो तय है।उपर से नीचे तक फैले भ्रष्टाचार से मरना ही है।इस भ्रष्ट तंत्र से बच नहीं सकते।सिस्टम से लड़ने वाले मर गए,तुम तो बच्चे हो।
अब सरकार की जान लोगे क्या? मुआवजा मिल जाएगा।कमेटी बना देंगे।2-4 को निलंबित कर देंगे।घटना स्थल पर आंसू बहा देंगे।मुख्यमंत्री घटना स्थल पर टहल आएगी। नेता ट्वीट कर देंगे। मीडिया खबर चलाने की औपचारिकता कर लेगा।दो दिन बाद सब भूल जाएंगे।अगले हादसे का इंतिज़ार करेंगे।
सब 2047 में विकसित भारत बनाने में जुट जाएंगे।2047 में विकसित भारत देखना है तो अभी मरो।
सरकार से अब भी उम्मीद करते हो? अगर उम्मीद है तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो।
@Madhurendra13 दिल्ली के गांधी विहार में भी बिना अनुमति 4-5 मंजिला बिल्डिंग बनी हुई है ,10x10 का रेंट 7-8k,एंड गली ऐसी की एम्बुलेंस एंड फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ नहीं जा सकती
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
दिल्ली के जंतर मंतर पर स्टूडेंट्स थे! रांची के स्टेडियम में बैठे भी स्टूडेंट्स ही हैं!
दोनों जगह स्टूडेंट्स शिक्षा एग्जाम सुधार जैसे बुनियादी मांगों पर बैठे हैं!
देश के हर राज्य में हर सरकार के सामने शिक्षा और दूसरे बुनियादी मुद्दों पर ऐसे ही सामने आकर सवाल/आंदोलन करते रहना चाहिए!
इससे समाज भी सुधरेगा और इसमें हिन्दू मुस्लिम जैसे गैर जरुरी मुद्दों पर अटके लोग भी किनारे होंगे!
यह आंदोलन,उठती आवाज सुखद बदलाव है! कुछ पुराने लोगों की संकीर्ण सोच को नजरअंदाज करें ये युवा पीढ़ी ! वे शानदार कर रहे हैं!
यही लोकतंत्र है! ऐसे ही सिस्टम और सरकार "औकात" में रहती है! ऐसे आंदलोन को पूरा समर्थन मिलना चाहिए!
अब बस उनलोगों को पहचान लीजिये, जिन्हें जंतर मंतर के आंदोलन में देशद्रोह, सोरोस फंड दिख रहा था और रांची में स्टूडेंट्स दिख रहे थे!
जो कोई इनके बीच अंतर करता दिखे,बस उन्हें समझ लीजिये समाज के असली बाधक और खलनायक वही हैं!
कई चैनल के एंकर रांची गए! जाना ही चाहिए था! लेकिन वे अपने स्टूडियो से कुछ किलोमीटर दूर जंतर मंतर नहीं जा सके थे! कुछ अपवाद नाम को छोड़ कर! ऐसे लोगों को पहचान लीजिये! इनसे समाज को स्टूडेंट को दूर रहना है
सुना है जेल रिटर्न तिहाड़ी चौधरी मेरे और रवीश जैसे पत्रकारों के लिए कुछ बोल रहा है .
जो आदमी सीधे- सीधे सौ करोड़ की ब्लैकमेलिंग करने के मामले में जेल जा चुका है .
जो आदमी स्टिंग कैमरे में अपनी करतूतों के साथ क़ैद है .
जो आदमी सरकार के तलवे चाटने की प्रतियोगिता में पहले पायदान पर बने रहने के लिए हर रोज़ जतन कर रहा है .
जो आदमी सत्ता की सरपरस्ती में अपनी ज़ुबान और ज़ेहन को गिरवी रखकर काम कर रहा है .
जो आदमी पत्रकारिता के चोले में रहकर हर दौर में सरकारों से सेटिंग करके
अपना धंधा कर रहा हो .
जो आदमी मोदी की चाटूकारिता करके करोड़ों के सरकारी अुनदान पर बीजेपी का भोंपू बना हो .
जो आदमी विपक्ष और विरोध की आवाजों के ख़िलाफ़ सुपारी लेकर दिन रात काम कर रहा हो .
जो आदमी पत्रकारिता के सबसे कलंकित चेहरों में से एक हो .
वो आदमी बोल रहा है .
छोड़ो यार .