रिपोर्टर: क्या आप भारत को रियायतें देंगे?
ईरानी प्रतिनिधी: भारत के अधिकांश लोगों ने हमारे प्रति सहानुभूति दिखाई,अमेरिकी युद्ध की निंदा की और बच्चों पर हुए हमलों के खिलाफ आवाज़ उठाई
जो भारतीय हमारे साथ खड़े हुए,उन्हें गैस की जरूरत थी इसलिए सरकार ने अनुमति दी
मोदी के कारण नहीं
किसी कूटनीति के कारण नहीं
भारत की मानवता वादी जनता के कारण ❤️
🇺🇸: भारत में हमारे सहयोगी
🇮🇷: भारत के लोग
ध्यान दिया आपने? ईरान के राजदूत ने भारत सरकार का नहीं, बल्कि भारत के लोगों का ज़िक्र किया।
कभी-कभी ऐसे पल आते हैं जब सरकार की गलती से देश को बचाने का काम खुद देश की जनता करती है।
शायद ये भी वैसा ही एक पल है।
न पीछे हटने का रास्ता, न बातचीत की गुंजाइश। जब आत्मविश्वास अति-आत्मविश्वास में बदल जाता है, तो अंत ऐसा ही होता है। ट्रंप का चेहरा आज उनकी सबसे बड़ी रणनीतिक हार की गवाही दे रहा है।
#USIranWar
ईरानी महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अभी एशियाई कप के उद्घाटन मैच में इस्लामी शासन का राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया।
यह पूरी दुनिया के सामने किया गया एक बेहद शक्तिशाली बयान है।
जापान पर परमाणु बम गिराया और ढाई लाख इंसानों को लील गए। कोरिया के दो टुकड़े कर दिए। वियतनाम को बर्बाद कर डाला। इराक को बर्बाद किया। अफगानिस्तान को तबाह किया। फिलिस्तीन को कब्रिस्तान बना डाला। सीरिया को जलाया। चिली, ब्राजील, उरुग्वे, पैरागुआ और अर्जेंटीना को बर्बाद किया। तालिबान को खड़ा किया। ISIS को खड़ा किया। दुनिया भर में आतंकवाद और युद्ध को बिजनेस बना लिया। वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति को उठा ले गए। अब ईरान की तबाही का अध्याय जारी है।
मकसद है दुनिया भर के तेल और व्यापार पर कब्जा करना और अपने हथियार बेचना। नरसंहार और तबाही इनका सबसे बड़ा एवं एकमात्र व्यापार है। इंसानी खून पीना ही इनका एकमात्र शौक है। जो देश इसके चक्कर में पड़ा, तबाह हो गया।
अमेरिका का लोकतंत्र, तानाशाही के खिलाफ लड़ाई और शांति की बातें एक खून सना पर्दा है, जिसके पीछे करोड़ों की संख्या में इंसानी लाशें चीख रही हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ने अपने जनरलो को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए "अल-जहानम"(कयामत की मिसाइल) तैयार करने का आदेश दिया है।
यह खबर सुनकर ट्रंप ने मिडिल ईस्ट मे अपने सैनिको को तुरंत इलाका छोड़ने का आदेश दिया इस बीच नेतन्याहू जर्मनी भाग गया।
ईरान युद्ध के कारण UAE में लाखों टूरिस्ट फंसे हुए हैं. बहुतों के पैसे खत्म हो चुके हैं.
Dubai, Abu Dhabi और Sharjah टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं.
होटल वाले उन लोगों को कमरा खाली करने को कह रहे थे जो टूरिस्ट आगे का भुगतान नही कर पा रहे थे.
UAE सरकार ने आदेश जारी किया है कोई भी होटल किसी भी टूरिस्ट को बाहर नही निकालेगा,
जिन टूरिस्टों के पास पैसा नही है उनके कमरे के किराए का भुगतान UAE सरकार करेगा. UAE सरकार ने संकट के समय पराए देश के टूरिस्टों की सहायता कर अपना राजधर्म निभाया है.
पत्रकार : इराक पर हमले के बारे में आपकी क्या राय है?
डॉ. मनमोहन सिंह (2005) : यह अमेरिका की गलती थी 🔥
उन्होंने ये बात अमेरिका में खड़े होकर कही थी, और उस समय उन्हें प्रधानमंत्री बने सिर्फ एक साल हुआ था।
न डर, न झुकाव — बस साफ और मजबूत कूटनीति।
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कातिलाना हमले कर रहा है
ईरान की मिसाइल पीछे पीछे अमेरिका का लड़ाकू विमान आगे आगे अंततः ईरान ने अमेरिका के लड़ाकू विमान को मार गिराया
पायलट ने पैराशूट की सहायता से अपनी जान बचाई