राजीव रंजन जी की पत्रकारिता और हिम्मत की दाद.... देनी पड़ेगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई नहीं रहता है लेकिन उस घर की सुरक्षा के लिए पिछले 20 साल से PAC का पूरा कैंप तैनात है
जनता के पैसों की ऐसी बर्बादी इस सरकार में ही संभव है I
'आम जनमत पार्टी' नाम की फर्जी पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 620 करोड़ रुपए का चंदा मिला.
इस पार्टी ने चुनाव में सिर्फ 1 कैंडिडेट उतारा. पार्टी की अध्यक्ष BJP की नेता थीं. पार्टी का ऑफिस गुजरात में है.
इसी तरह 2024 में 6 फर्जी पार्टियों को कुल 1700 करोड़ का चंदा मिला जो कि 5 राष्ट्रीय पार्टियों को मिले चंदे से ज्यादा है. ये 6 फर्जी पार्टियों भी गुजरात की हैं.
आप कुछ समझ पा रहे हैं?
पूरे देश से जो पैसा लूटा जा रहा है, वो इस तरह गुजरात में ठिकाने लगाया जा रहा है.
ये वीडियो जरूर देखें…
आजकल कई परिवारों में भाई-भाई और अपनों के बीच कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
छोटी-छोटी बातों और स्वार्थ के कारण रिश्तों में दूरियाँ बढ़ती जा रही हैं
रिश्ते बचाइए, परिवार बचाइए।
हिंदी में समझें - मोदी सरकार कैसे GDP के आंकड़ों का घोटाला कर रही है.
ये बात खुद मोदी सरकार में फाइनेंस सेक्रेटरी रहे सुभाष चंद्र गर्ग बता रहे हैं.
सुभाष जी के पास असली वाली डिग्री है, और अच्छा खासा पढ़े हैं. अनपढ़ नहीं हैं.
आंकड़ों की जबरदस्त बाज़ीगरी?
मौजूदा सरकार में वित्त सचिव रहे सुभाष चंद्र गर्ग ने GDP के आँकड़ों पर सवाल उठाया है. पिछले साल की जीडीपी को पूरे 6 ट्रिलियन रुपये तक नीचे संशोधित करने की वजह से इस साल पहली तिमाही की जीडीपी लगभग 10.3 प्रतिशत बढ़ी हुई दिख रही है. अगर पिछले साल की जीडीपी को संशोधित नहीं किया गया होता, तो मौजूदा कीमतों पर वृद्धि केवल 2.6 प्रतिशत होती.
पिछले साल इसी सरकार ने कहा था कि पहली तिमाही में मौजूदा क़ीमतों पर जीडीपी 86 ट्रिलियन रुपये थी. इस साल उसे संशोधित करके 80 ट्रिलियन रुपये कर दिया गया है. इससे इस साल के 88 ट्रिलियन रुपये को 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दिखाया जा सकता है.
बड़ा सवाल, GDP को इतनी भारी मात्रा में नीचे संशोधित क्यों किया गया?
Jawaan Movie Has a sequence Where Srk takes the money of The Villian and redistributes it among all the Farmers Who had a loan for their tractors and who committed Suicide..We Need a Jawaan Today
Jai Hind 🇮🇳🫡
लगातार 12 साल से सत्ता में रहने के बाद भी अगर आपके पास सिर्फ इस तरह के मुद्दे हैं,
तो इसका मतलब ये कि आप लोग विकास की राजनीति से बुरी तरह भटक चुके हैं।
जो अमित शाह के बगल में चल रहे है
वो सभी पत्रकार है
लेकिन किसी के हाथ में माइक नहीं है
ना ही कोई सवाल है
यह है हमारे देश का चौथा खंभा
लोकतंत्र की रक्षक 😐😐
तो फिर रामलीला मैदान से रात में क्यों सलवार कमीज़ पहन कर भागे थे लाला जी! क्यों उतरे थे रामलीला मैदान में?और 2014 के बाद याददाश्त क्यों चली गई काले धन और करप्शन को लेकर?
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।