NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
Local train mein ek Sanghi transgender ko pareshan kar raha tha. Toh us transgender ne "Rahul Gandhi Zindabad" ke nare lagaye aur local train mein jitne bhi log the unhone bhi saath milkar "Rahul Gandhi Zindabad" ke nare lagaye.
Main Phir se keh raha hoon log sirf election ka intezar kar rahe hain. Mausam badal chuka hai ab log BJP ki sarkar ko ukhaad Phenkege..
मुझे चुनाव आयोग का नोटिस मिला है कि मेरे और मेरे माता-पिता की उम्र में 15 साल से कम का अंतर है।
जबकि 2003 की चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में मेरे पिता की उम्र 63 साल, मेरी माता की उम्र 50 साल और मेरी उम्र 27 साल दर्ज है। ये सारे दस्तावेज चुनाव आयोग के हैं।
साफ है कि SIR की पूरी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है।
चुनाव आयोग को बताना होगा कि SIR के तहत आखिर किस आधार पर लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
: दिल्ली कांग्रेस प्रभारी @qazinizamuddin जी
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
I don't know who is YS but I got this via WhatsApp. How come I have never heard of him?
"Who is this new Congress spokesperson, Yash Srivastava? The Congress seems to have unearthed a gem, extremely articulate, aggressive, with a keen eye to data and detail, and speaks the language of the young. None, I repeat, in the BJP is fit to tie his shoelaces."
साहिल की FIR दर्ज न होने देने का एक ही मतलब है -
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर खुलेआम पैलेट गन चलाई जा सकती है, मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।
जब तक FIR दर्ज नहीं होती, जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता - हम डटे रहेंगे।
लक्ष्य न्याय है और वो हर हाल में लेकर ही रहेंगे।
VIDEO | Delhi: Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi sits outside Parliament Street Police Station after meeting DCP with regard to alleged use of pellet gun during Jantar Mantar protest.
#RahulGandhi
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7)
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवाज़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कहानी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउंड, पुणे
#ChhatronKiGoonj
On my father’s birthday today, I think he would have been especially proud of my mother for having written her story with so much heart and honesty.
For me, it’s one of the greatest love stories of our time. I feel privileged to have witnessed it and I am happy that through her book, everyone will get to know my mother for what she truly is - a brave, loyal, compassionate woman, who is also tough as nails and great fun when she wants to be.
A woman whose life has been a testament to her love for her husband and her country.
Love you, ma and so, so proud of you.
https://t.co/SQWtXhXrS9
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।
इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।
पूरे सत्र “लापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।
सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं।
देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी।
झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनी, और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की - यह ख़बर सुनकर बहुत खुशी हुई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम रखा, और अपनी बात मनवाई।
यही सही तरीक़ा है - छात्र सवाल पूछें, तो जवाब मिलना चाहिए।
हम देश के हर छात्र के साथ खड़े हैं। और हम इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे - ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक़ मिले।
पूरे देश में ये system बदलेगा - अब ऐसी व्यवस्था बनेगी जो छात्रों को आगे बढ़ाए, उन्हें पीछे न खींचे।