🚨 शॉकिंग खुलासा! 🇺🇸🇮🇳
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद खुलासा किया:
“USAID भारतीय चुनाव में $21 मिलियन (लगभग ₹180 करोड़) खर्च करना चाहती थी, ताकि किसी और को जिताया जा सके!”
ये कोई छोटी बात नहीं है। विदेशी ताकतें भारत की लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थीं।
भारत ने इन सबके बावजूद मजबूती से अपना फैसला किया — जनता का फैसला! 🙏
अब सवाल ये है:
•वो “किसी और” कौन था?
•पैसा कहाँ गया?
•कौन-कौन शामिल था?
जांच होनी चाहिए!
देश की संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
#TrumpRevelation #ForeignInterference #IndiaFirst #ElectionIntegrity
राममंदिर में SIT जांच हो गई, चंपत राय/अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया, 8 लोगों पर FIR हो गई!
लेकिन सबसे अहम सवाल:
गोपाल राव, जो ट्रस्ट के "बाप जी" कहे जाते हैं, वो साफ साफ बच कैसे निकले?
ये ना ट्रस्ट के सदस्य हैं, ना उत्तरप्रदेश के रहने वाले!
कर्नाटक से हैं, RSS के दत्तात्रेय होसबोले के गांव से हैं!
बता दें कि ये original राममंदिर ट्रस्ट के सदस्य थे भी नहीं! फिर ये इतने अहम रोल पर आए कैसे?
और इनको क्यों बचा लिया गया??
सोचिये, खुलेआम एक जाति का नरसंहार करने की मांग की जा रही है, लेकिन सब खामोश हैं!
अगर यही मांग किसी तथाकथित "शोषित वंचित" जाति के खिलाफ की जाती, तो क्या सब खामोश रहते??
यही बताता है कि इस देश में असल पीड़ित सवर्ण हैं!!
जिसको रामद्रोही बोल रहे हो, उसको ही पद्मविभूषण से क्यों नवाज़ा, पहले ये बताओ!!
जिसने कारसेवकों पर गोली चलवाई, उसी को राम मंदिर ट्रस्ट क्यों सौंप दिया, पहले ये बताओ!!
मतलब बाबू मोशाय,
आईना पहले खुद देखो, तब ही किसी और को दिखाओ!
चलो मान लिया अखिलेश यादव रामद्रोही है!
लेकिन संतोष दुबे?
वो तो ऐसे रामभक्त हैं जिन्होंने कारसेवा के दौरान सीने पर 4 गोलियां खाईं, कोमा में रहे, सीना ठोक कर बाबरी मस्जिद तोड़ने का इल्जाम अपने सर लिया!
वो भी तब जब आडवाणी से लेकर वाजपेयी जी तक अपने बयानों से मुकर गए थे, वाजपेयी जी ने बाबरी मस्जिद टूटने को दुर्भाग्यपूर्ण और ऐतिहासिक गलती तक बता दिया था!
ऐसे रामभक्त संतोष दुबे की बात भी नहीं मानोगे??
#बिग_ब्रेकिंग एक राज्य की सरकार गिरने वाली है, कुछ विधायकों ने बगावती सुर अख्तियार करते हुवे आंतरिक गठबंधन कर,नई सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। ब्रह्म हत्या का पाप अतिशीघ्र दिखाई देने वाला है।
कोषाध्यक्ष स्वयं नैतिकता के किस मानदंड के आधार पर बैठे हुए हैं? कोष में ही डाका पड़ा और वह वक्तव्य-वक्तव्य खेल रहे हैं?
पूरा बोर्ड भंग होना चाहिए क्योंकि ये सब के सब चोर हैं या अंधे हैं। यदि चोर नहीं हैं तो पद पर रहने के योग्य नहीं हैं क्योंकि यह डकैती चलती रही और ये सोते रहे।
यह मूर्खतापूर्ण निर्णय निरस्त हो गया है। पिछले दो माह में चाहे सेंट स्टीफेन्स की मनमानी हो, निजी CBSE स्कूलों में सरकारी मैनेजमेंट टीम के घुसाने की बात हो या बिहार के डिग्री कॉलेजों में स्कूली शिक्षकों को सात दिन के भीतर पढ़ाने का निर्णय हो, सब निरस्त कराए गए।
बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्तियाँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाचार वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, वो इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक्षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक वो कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। बिहार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप लोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।
🚨 बिहार पुलिस का एक और शर्मनाक कांड...😡
वीर भरत भूषण तिवारी के लिए न्याय की मांग करने वाले बिहार पुलिस के कांस्टेबल आशीष तिवारी जी को निलंबित कर दिया गया।
भाई की कथित फर्जी एनकाउंटर में हत्या का बदला मांगने वाला सिपाही, जो खुद पुलिस में था, अब निलंबित कर दिया गया !
1.क्या न्याय मांगना भी अब अपराध हो गया है ?
2.क्या पुलिस वालों के भावनाएं नहीं होतीं ?
3.शासन और प्रशासन सिर्फ आवाज दबाने में लगा है ?
कुछ भी हो जाए भरत तिवारी जी को न्याय तो मिलकर रहेगा।
#AshishTiwariSuspended
#BharatTiwari #Bhojpur #Bihar
#JusticeForBharatTiwari
इस गांव को गौर से देखिए और बताईए इसमें 51 करोड़ रुपए का ख़र्च दिखाई दे रहा आपको, ईंट है लेकिन घर नहीं, बिजली का खम्भा है लेकिन लाइट नहीं , हैण्ड पम्प है लेकिन साफ पानी नहीं पक्की सड़क नहीं,इसी सवाल पर मुंह बंद करने के लिए एनकाउंटर कर दिया गया।
🚨 पुलिस पर भरोसा नहीं है
जांच बैठाने के बाद SP ने कहा — "तुम्हें और तुम्हारे
परिवार को भी भाई जैसा मरवा देंगे!"
भरत तिवारी के भाई ने न्याय व्यवस्था को किया EXPOSE
ब्राह्मण सवर्ण होना BJP सरकार में अपराध हो चुका है।
मरकर भी न्याय मांगना अपराध है।
हत्या को घटना बना देती है @Uppolice@myogiadityanath बताए इतना लंबा चौड़ा व्यक्ति क्या 1 फुट की कुंडी में डूबकर मर सकता है ?
@kanpurnagarpol@adgzonekanpur कृपया सभी अपराधी तत्काल जेल भेजे जाए अन्यथा @SawarnOrgRsp जल्द @dgpup कें पास जाने से नहीं चुकेगी।
कॉक्रोचों का प्रदर्शन फ़्लॉप होने की खबर के बाद जंतर मंतर पर मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में पहुँचने लगे हैं
पिछले पोस्ट में आप देख सकते हैं कि दिन में यहीं से “एक और पाकिस्तान” बनाने की अपीलें होती हैं
और फिर रात में कॉक्रोच उनके पैरों की मालिश करते हैं
मिलिए रामनामी आदिवासीयो से जो कुछ दोगलों के जैसे इन्होंने अपना धर्म और बाप दोनों नहीं बदला
रामनामी जनजाति आदिवासी जो पूरे शरीर में इनके पूर्वजों द्वारा राम नाम टैटू गोदवाने का बच्चों से कल्चर बन गया है 🚩इनका कहना है सैकड़ों वर्ष पहले किसी एक व्यक्ति द्वारा इन्हें मंदिर में जाने से रोक दिया तो उन्होंने कहां राम जी के मंदिर जाने से रोक सकते लेकिन राम जी को दिल से नहीं निकाल सकते हो
इस वजह से उन्होंने सैकड़ों वर्ष पहले प्रण लिया जितने भी हमारे वंश के लोग पैदा होंगे सबके शरीर में राम नाम टैटू बनाया जाएगा
1757 में जब अब्दाली ने पंजाब पर कब्जा कर लिया , स्वर्ण मंदिर को गिरा दिया पवित्र सरोवर में गाय कटवा कर फेंक दी
तो 1758 में पेशवा सिखों की रक्षा करने गए और अफ़गानों को पंजाब से खदेड़ दिया
इस तरह से हिंदुओं ने सिखों की रक्षा की
ref hariram gupta history of punjab
बिल्ली को शेर की मौसी यूँ ही नहीं कहते..
घर में दूध चुराती है, जंगल में भांजा शिकार करता है
मौसी की चाल और भांजे की दहाड़... दोनों में अलग ही रौब है
बस फर्क इतना है कि मौसी को देखकर लोग "हट-हट" कहते हैं, और भांजे को देखकर "भाग-भाग"...🤣
बंगाल में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू होगा।
एक प्रोसीजर है जो हम आपको असेंबली में बताएंगे, सिटिंग इन्क्वायरी के लीडरशिप में एक कमेटी बनाई जाती है। जिस तरह गुजरात, उत्तराखंड और असम में हुआ, उसी प्रोसीजर से यह होगा।
सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल