Sir,during morning & evening office hours, Badli and Rithala Metro stations get completely blocked by e-rickshaws, causing severe inconvenience to commuters. Kindly regulate e-rickshaw movement and ensure clear, safe access to the metro stations. @OfficialDMRC@DCPTrafficNW
TV डिबेट्स में जब Facts हार जाते हैं तो क्या शोर और जातिवाद ही हथियार बन जाता है?
RJD के प्रवक्ता प्रियंका भारती ( @priyanka2bharti ) और कंचना यादव ( @Kanchanyadav000 ) इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। ज्ञान रत्ती भर… हल्ला और बदतमीज़ी दिनभर।
@himanshi__bisht
#biharelection2025
अपने ही देश में ,#पश्चिमबंगाल में राज्य सरकार की सह पे हिंदुओं का अपने घर से पलायन 😡
#टीएमसी मुस्लिम वोट के लिए अब हिन्दुओं की हत्या करवाना शुरू कर दिया है
अंततः #आप का तिलिस्म टूट गया।
#छल#झूठ और #धोखा से बनी राजनीतिक पार्टी,खुद से खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाले, झूठ बोलने की कला में माहिर #आप को दिल्ली वालों में सही सबक सिखा दिया । तथाकथित #ईमानदार पे घोटाले का आरोप वो भी #शराब घोटाले का😡
#DelhiElectionResults
Sir
@OfficialDMRC
अक्षरधाम से राजीव चौक (5/12/24)-
#अक्षरधाम Display board में द्वारका के लिए मेट्रो समय 8:23 show हो रहा था। यह मेट्रो राजीव चौक 8:46 में पहुची
प्रिय पूर्व मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal जी,
आपके अनर्गल वक्तव्यों का संज्ञान मैं नहीं लेता, परंतु यह पोस्ट भारत सरकार की एक अत्यंत जनोन्मुखी योजना- आयुष्मान भारत के विषय में है, जिससे करोड़ो हिन्दुस्तानियों को लाभ होता है।
आपने दिल्ली के लाखों लोगों को अब तक इस योजना से मात्र इसलिये वंचित रखा है कि कहीं इसके क्रियान्वयन से आपके द्वारा प्रचारित झूठे हेल्थ मॉडल का सच सामने न आ जाये और आपकी हर बात पर खुद की झूठा श्रेय लेने की आदत का भंडाफोड न हो जाये।
आपने आयुष्मान भारत योजना का विरोध सिर्फ और सिर्फ इसलिए किया क्योंकि आप चाहते थे कि आपका नाम इस योजना के साथ किसी भी तरह से जोड़ दिया जाए।
जून 2018 में ही आपकी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने योजना के लाभों के दृष्टिगत जनहित में इस को लागू करने के अनुशंसा की थी और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करने की अनुमति दे दी थी।
उसके बाद अगस्त 2018 में आपकी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का नाम “मुख्यमंत्री आम आदमी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत” रखने की बात कही।
भारत सरकार, जो कि इस योजना का अधिकतम खर्च वहन करती है, वह भी आपके द्वारा खुद के महिमा मंडन के लिए तैयार हो गई, मात्र यह कहते हुए कि आप अपना नाम “आयुष्मान भारत” के बाद इस्तेमाल करें।
तत्पश्चात, इस योजना से गरीब लोगों को प्राप्त होने वाले लाभ को स्वीकारते हुए 2020-21 के अपने बजट भाषण में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री / वित्त मंत्री ने इस बात की घोषणा भी कर दी कि आपकी सरकार दिल्ली में “आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना” लागू करेगी और हर परिवार को इसके तहत 5 लाख रुपये की बीमा सहायता उपलब्ध कराएगी।
इसके बावजूद आपकी आत्ममुग्धता और प्रचार की भूख ने दिल्ली सरकार को यह योजना अब तक लागू नहीं करने दी।
मौके दर मौके योजना को लागू करने के फाइल आपके मंत्रियों तक जाती रही और हर बार बेवजह और बेबुनियाद queries लगा कर वापस भेजी जाती रही।
अभी इस बाबत फाइल आपकी उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री के पास पड़ी है और दिल्ली की गरीब जनता अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित है।
आपका ध्यान अब मैं आपके तथाकथित हेल्थ मॉडल की तरफ आकर्षित करना चाहूँगा जो कि और कुछ नहीं बल्कि आपके सशक्त प्रचार तंत्र द्वारा निर्मित भ्रम जाल मात्र है।
आपने सालों से स्वास्थ्य विभाग के CAG रिपोर्ट को दबाकर रखा हुआ है। इन CAG रिपोर्टों को आप विधान सभा में पेश नहीं होने देते कि कहीं इनसे आपके भ्रम जाल का पर्दाफाश न हो जाए।
शायद दिल्ली एक मात्र ऐसा उदाहरण होगा जहाँ हाई कोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दे कर लोगों को दवाईयां उपलब्ध कराने को कहता हो।
शायद दिल्ली एक मात्र ऐसा उदाहरण होगा जहाँ माननीय न्यायालयों को दिल्ली सरकार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में CT-स्कैन मशीन को repair कराने का आदेश देना पड़ता हो।
आपकी सरकार ने 2013 से अब तक, सालाना revise होने वाली “Essential Drug List” को अब तक revise नहीं किया जिसके कारण अस्पतालों में दवाईयों की भारी कमी है और भ्रष्ट्राचार का बोलबाला है।
आपकी सरकार न्यायालयों को खुद बताती है कि आपके अस्पतालों में अधिकतर ventilators, CT Scan तथा X-ray की मशीनें काम नहीं करती।
Pathology lab कानून के मुताबिक काम नहीं करते और दिल्ली की 3 करोड़ आबादी के लिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों में मात्र 6 CT-Scan मशीनें हैं।
आये दिन लोगों के इलाज़ के अभाव में मरने की खबरें छपती हैं और न्यायालयों को इलाज़ उपलब्ध कराने का आदेश देना पड़ता है।
दिल्ली का हेल्थ मॉडल वह है जहाँ 10,000 करोड़ रुपये खर्च करके 24 अस्पतालों की बिल्डिंग बनाने का काम किया जाता है, परन्तु इन अस्पतालों में 38,000 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं किया जाता। बिल्डिंग्स के रूप में खोखे तैयार किये जाते हैं, परन्तु इनमें किसी मशीन, operation theatre, Nursing स्टेशन अथवा mortuary तक की व्यवस्था नहीं की जाती।
“मोहल्ला क्लिनिक” में tests के नाम पर हो रहे भ्रष्ट्राचार की जांच CBI कर रही है और इनकी बदहाल स्थिति सड़कों पर हर आदमी देख सकता है।
देश के अनेक राज्यों के अस्पतालों में लागू Hospital Management Information System (HMIS) दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अब तक लागू नहीं किया गया है। कितने बेड खाली हैं, OPD में कितनी भीड़ है, कितनों को इलाज का लाभ मिल रहा है, इसका कोई अता पता नहीं है।
दिल्ली सरकार के प्रमुख अस्पताल, जैसे GTB, लोक नायक, लाल बहादुर शास्त्री, बाबा साहब अंबेडकर, इत्यादि में मरीजों की पाशविक स्थिति और व्यवस्था की बदहाली तथा गंदगी कोई भी किसी व्यक्त जा कर देख सकता है। मैंने स्वयं फाइल पर आपको बताया था कि मेरे सचिवालय में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के हजारों प्रतिवेदन प्राप्त होते हैं। ये आवेदन मुख्यतः मजदूरों, वेंडर्स, ड्राइवरों और घरेलू काम करने वाली महिलाओं की होती हैं जिनके पास न राशन कार्ड होता है ना दिल्ली का वोटर कार्ड। इस कारण ये आयुष्मान रजिस्ट्रेशन भी नहीं कर सकते। अतः मैंने आपसे निवेदन किया था कि आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू किया जाए।
दिल्ली का उपराज्यपाल होने के नाते मैंने अनेक अवसरों पर मौखिक तौर पर और पत्र लिख कर आपका ध्यान दिल्ली की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया है, परन्तु आपकी तरफ से इसका संज्ञान तक नहीं लिया गया।
आयुष्मान भारत योजना का लाभ अन्य राज्यों के लोगों को कितना मिल रहा है, यह आप बड़ी आसानी से जान जाएंगे यदि आप दिल्ली स्थित AIIMS, सफदरजंग, RML, सर गंगाराम जैसे अस्पतालों में जाने का कष्ट करेंगे। कहिए तो list भेज दूँ।
जहां तक “दिल्ली के हेल्थ मॉडल” को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का आपका सुझाव है, उससे अराजकता, भ्रष्टाचार और मरीजों की बदहाली की भयावह स्थिति के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं होगा। दीपावली के शुभ अवसर पर ऐसी अशुभ बात ना हो तो अच्छा है।
आपके और लोगों के सूचनार्थ कुछ media reports संलग्न कर रहा हूँ। पिछले 10 वर्षों में आपके इस खोखले हेल्थ मॉडल से दिल्ली की जनता बहुत त्रस्त हो चुकी है, आशा करता हूँ कि आप राजनीति छोड़, सत्य को स्वीकार करते हुए दिल्ली के लोगों को आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में जल्द से जल्द लागू करेंगे। चूँकि आप अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, तो अब शायद आपको इस बात की आवश्यकता महसूस नहीं होगी कि आयुष्मान भारत योजना का नाम मुख्यमंत्री के नाम पर रखा जाये।
देश और समाज के लिए आपका योगदान चिरस्थाई रहेगा,आपका कुशल व्यवहार,
नेतृत्व क्षमता और आपकी दूरदर्शिता हमेशा, हमेशा के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा 🙏🙏 विनम्र श्रद्धांजलि 🙏🙏
#रतन_टाटा 🙏🙏🙏🙏