sorry a lot 🙏🙏 ताइवान की रैंकिंग बताते समय मुझसे संदर्भ स्पष्ट नहीं हो पाया। मैं GDP रैंकिंग की नहीं, बल्कि ताइवान की आर्थिक क्षमता, प्रति व्यक्ति आय, सेमीकंडक्टर उद्योग और उसके पूंजी बाज़ार (Stock Market) की वैश्विक स्थिति की बात कर रहा था।
ताइवान की प्रति व्यक्ति आय भारत से कई गुना अधिक है, दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चिप निर्माण क्षमता उसके पास है, और उसका शेयर बाज़ार भी वैश्विक स्तर पर काफी बड़ा है।
मेरी बात का मूल उद्देश्य यह था कि आकार में छोटा देश भी तकनीक, विनिर्माण और नवाचार के दम पर विश्व अर्थव्यवस्था में अत्यंत प्रभावशाली बन सकता है।
त्रुटि मेरी थी, उसके लिए खेद है।तथ्यों की शुद्धता मेरे लिए महत्वपूर्ण है और आगे और सावधानी रखूँगा।और हाँ, रिसर्च टीम बदलने का सुझाव सहर्ष स्वीकार है।
सालों से नफ़रत और धर्म के नाम पर लड़वाने वाले अपना जमीर बेचकर पत्रकारिता को धंधा बनाकर देश के साथ हर मुद्दे पर छल और झूठ से जनता को गुमराह करने वालो की अब देश की जनता के सामने सच्चाई आने लगी है !
Main Stream मीडिया पर जनता की विश्वसनीयता ऐसे ही कम नहीं हुई !
एक दशक तक जनता के साथ विश्वासघात किया है ।
हर वक्त जब जब देश के लोगो चाहे किसान, छात्र मजदूर हो या आम जनता की परेशानी स्टूडियो में बैठे कुछ लोगो ने हमेशा इनकी पीड़ा का मजाक किया है !
जनता सच्चाई जान गई है और अब और सच्चाई आज भी जानेगी ।
देश बदलने की शुरूरात हो चुकी है - वो भी media और शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चोट से।।
मिलते है आज रात 9:00 बजे असली #PrimeTime में
देश के असली मुद्दे के साथ ! जय हिन्द ! 🙏🏻
देश का सुख हो या दुख, हम सब इसी देश के नागरिक हैं।
अगर आर्थिक कठिन समय आने वाला है, तो यह राजनीति से ऊपर उठकर सोचने का समय है।
सरकार, विपक्ष, उद्योग, किसान, युवा और आम नागरिक - सभी की जिम्मेदारी है कि देश को मजबूत कैसे किया जाए, क्योंकि संकट किसी दल का नहीं, पूरे देश का है।
एक आदर्श शिक्षा व्यवस्था वाले देश-समाज में कोचिंग या प्राइवेट ट्यूशन जैसी चीजों का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए। बिल्कुल सही बात है -नहीं होनी चाहिए।
भारत में भी नहीं होनी चाहिए।
लेकिन अब जरा उलटा सोचिए कि देश में कितना बड़ा कोचिंग उद्योग खड़ा हो चुका है। कुछ कोचिंग संस्थान तो यूनिकॉर्न तक बन चुके हैं।
अब इसी अनुपात में अंदाजा लगाइए कि भारत की शिक्षा व्यवस्था कितनी रसातल में जा चुकी है।
और शिक्षा व्यवस्था के इतने खराब हाल होने के पीछे कौन जिम्मेदार है? सरकार।
और सरकार से इस बात की जवाबदेही सुनिश्चित करने, सही सवाल पूछने का काम मीडिया जैसे बड़े तंत्र का भी है।
लेकिन क्या मीडिया संस्थान अपनी ईमानदारी से काम कर रहे हैं?
असल में मीडिया खुद भी भयानक पतन का शिकार हो चुका है। उसकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची।
स्टार ऐंकर इस पूरे पतन की अगुवाई करते नजर आए।
पत्रकारिता में एक वैक्यूम बना।और इस वैक्यूम को अब डिजिटल बोर्ड पर कलम चलाता हुआ YouTube टीचर explainer वीडियो बनाकर भरने लगा है।
अभी जो इस विषय पर इतनी बहस चल रही इसके केंद्र में यही बात है।
असली दिक्कत YouTube Teachers से नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ से है। आज किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी हो, पेपर लीक हो, रिज़ल्ट में अन्याय हो या छात्रों के साथ गलत हो, तो यही YouTube Teachers सबसे पहले छात्रों के हक़ की लड़ाई में कूद पड़ते हैं। लाखों छात्रों की आवाज़ बन जाते हैं। सरकार पर दबाव बनता है, सवाल पूछे जाते हैं और जवाब माँगे जाते हैं।
शायद यही कारण है कि कुछ लोगों को शिक्षक नहीं, उनकी सक्रियता खटकती है।लोगों की आँखों की किरकिरी बन जाता है।
इसलिए जो बातें सत्ता सीधे नहीं कह सकती, वही बातें कुछ चेहरे अपने मुख से कह देते हैं।
ध्यान रहे कि "सरकार कहना चाहती थी, अंजना ने कह दिया"
यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
अगर शिक्षा मंत्री को पेपर लीक रोकने के लिए रक्षा मंत्री और वायुसेना का सहारा लेना पड़ रहा हो,
इससे ज्यादा गंभीर बात क्या हो सकती है?
यह अपने आप में स्वीकारोक्ति है कि परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह विफल हो चुकी है।
इसीलिए अब इनसे शिक्षा मंत्रालय लेकर किसी ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए,
जो शिक्षा, भर्ती और परीक्षा प्रणाली को प्राथमिकता समझता हो|
@narendramodi
LIVE Movie on Abhinay Maths Youtube Channel [09:00pm]
Name : पेपर लीक उद्योग - आखिर कब तक?
दोस्तों,
यह live किसी सरकार, किसी पार्टी या किसी एक आयोग के खिलाफ नहीं है| यह उन करोड़ों युवाओं की आवाज़ है जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं और वहीं खड़े हैं |
हर कुछ महीनों में कोई नया paper leak,
कोई नया exam scam,
कोई नया recruitment controversy सामने आ जाती है।
SSC, Railway, Police, Teacher Recruitment, State PCS, NEET, CUET...
नाम बदलते रहते हैं,
लेकिन पीड़ा वही रहती है।
मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ -
अगर आपके पास किसी भी परीक्षा से जुड़े दस्तावेज़, सबूत, RTI, court order, technical loopholes, suspicious result patterns, centre level cheating, normalization issues या किसी भी प्रकार की तथ्यात्मक जानकारी है, तो उसे हमें 6395993599 नंबर पर भेजिए ।
क्योंकि सच यह है कि केवल वीडियो बनाने, ट्वीट करने या TV debates करने से समस्या खत्म होती नहीं दिख रही।
अब देश को solutions चाहिए।
क्या हो सकता है?
क्या Government-owned CBT Infrastructure बन सकता है?
क्या Exam Agencies की Third Party Audit होनी चाहिए?
क्या Result Process पूरी तरह Transparent होनी चाहिए?
क्या Paper Leak को आर्थिक अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जाना चाहिए?
क्या भर्ती में देरी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए?
आज चर्चा सिर्फ समस्या पर नहीं होगी।
आज चर्चा होगी -
"भारत की परीक्षा व्यवस्था को कैसे बचाया जाए?"
क्योंकि दांव पर सिर्फ लाखों छात्रों का भविष्य नहीं है.....दांव पर आने वाले भारत है।
अगर भर्ती व्यवस्था कमजोर होगी,
तो कल पुलिस, प्रशासन, शिक्षा, सुरक्षा और व्यवस्था में कौन लोग पहुंचेंगे?
इसलिए यह लड़ाई किसी एक परीक्षा की नहीं...
पूरे राष्ट्र की क्षमता और ईमानदारी की लड़ाई है।
मैं पूछता हूँ — ये कौन सा आत्मनिर्भर भारत है?
भारत ने 2025 में चीन से लगभग 135.87 अरब डॉलर का सामान खरीदा,
लेकिन चीन को निर्यात सिर्फ़ करीब 19.75 अरब डॉलर रहा।
सवाल विरोध का नहीं, नीति का है।
अगर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, API दवाइयाँ, सोलर उपकरण, मशीनरी और कच्चे माल तक के लिए हम आज भी चीन पर इतने निर्भर हैं,
तो “आत्मनिर्भरता” कैसी?
Modi ji - धर्मेंद्र बाबू , अब तुम्हारी कुर्सी जाने का वक्त आ गया है।
Dharmendra pradhan - जुर्म की महफ़िल में, गद्दारी मत करना ऐ दोस्त,मैं फंसा तो समझो, सबकी बर्बादी का जश्न होगा।
वित्त मंत्री से महंगाई नहीं संभल रही,
गृह मंत्री से मणिपुर नहीं संभल रहा…
शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं संभला,
पर्यावरण मंत्री से प्रदूषण नहीं संभला…
रेल मंत्री से रेल हादसे नहीं संभलते,
कृषि मंत्री से किसानों की समस्या नहीं संभलती…
स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल नहीं संभलते,
खाद्य विभाग से मिलावट नहीं संभल रही…
और फिर कहा जाता है
देश सही हाथों में है…
#neet2026
baat hai timely btane ki - jab tak chunav the tab tk sab sahi tha na gas ki kami thi na petrol diesel ki ......jis isthar par desh ka media gir gya hai - pahad to sach mai toot kar upar gir jayega tbhi tum yahi kahoge ki 2-4-10 mar gye kya hogya - population control ho rahi hai....
पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और उसकी मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है।
आज मैं और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जहानाबाद पहुंचे और पीड़ित छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना।
बातचीत के दौरान परिजनों ने साफ शब्दों में बताया कि पुलिस-प्रशासन लगातार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और इसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
जन सुराज यह स्पष्ट करता है कि हम इस मामले को दबने नहीं देंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे।
क्योंकि अब ये सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि पूरे समाज की लड़कियों की इज्जत की लड़ाई है।
मित्रों तैयार हो जाओ एक बार अरावली के लिए भी पुरजोर तरीके से आवाज उठाने के लिए।
कल शाम 7 बजे से ज्यादा से ज्यादा संख्या में ट्वीट करें
#अरावली_बचाओ
हमारी टीम पूरी तरह से तैयार हैं।हम सब का कर्तव्य है ये ओर हम चुप नहीं बैठेंगे।