बोला था न नंबर सबका आएगा कोई धक्का मुक्की नहीं करेगा :
ए UP बिजली विभाग के कर्मचारी हैं जो मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं - वजह UP बिजली का प्रायवेटेशन है ,
इनका कहना है प्रायवेट होने से हमारी नौकरी पेंशन सैलरी सब चली जाएगी ,
अरे भईया राम मंदिर तो बना है न नौकरी क्य�� करोगे ?
राजस्थान में बालिका विद्यालयों समेत 450 स्कूलों को बंद करना शर्मनाक व दुर्भाग्यपूर्ण है।
जोधपुर में स्कूल मर्�� के खिलाफ पुलिस जीप की बोनट पर बैठकर विरोध जताने वाली बालिका की हिम्मत को सलाम।
यह साहस दिखाता है कि शिक्षा के अधिकार के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
राजस्थान के झुंझुनूं में एक दलित युवक को पानी के मटके को छून��� के लिए बेरहमी से पीटा गया, बंधक बनाया गया और 1 लाख की फिरौती की मांग की गई। यह भयावह घटना बीजेपी सरकार और प्रशासन की विफलता को उजागर करती है, जो जातिवाद और अत्याचारों को रोकने में असमर्थ है। #DalitLivesMatter
जातिवादी मानसिकता के लोगो ने जमीन पर क़ब्ज़ा किया और माँ के साथ मारपीट की , गर्भवती बहन के पैर तोड़े - @AshokMeghwal_#राजस्थान प्रदेश में बीजेपी राज में दलितों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे है यहाँ कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है बल्कि जंगलराज चल रहा है। पुलिस प्रशासन को इस घटना को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही दोषियों के ऊपर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए ।
#JusticeForAshokMeghwal
जातिवादी मानसिकता के लोगो ने जमीन पर क़ब्ज़ा किया और माँ के साथ मारपीट की , गर्भवती बहन के पैर तोड़े - @AshokMeghwal_#राजस्थान प्रदेश में बीजेपी राज में दलितों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे है यहाँ कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है बल्कि जंगलराज चल रहा है। पुलिस प्रशासन को इस घटना को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही दोषियों के ऊपर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए ।
#JusticeForAshokMeghwal
चुनावी फायदे के लिए जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल केवल मूर्तियां बनाने के लिए किया जा रहा है।
मुंबई में 1100 करोड़ की लागत से अम्बेडकर मेमोरियल ,हैदराबाद में 150 करोड़ और विजयवाड़ा में 450 करोड़ की मूर्ति ,इन हजारों करोड़ों रुपए से स्कूल बनते तो लोग शिक्षित बनते ,स्कूलों का नाम ही अम्बेडकर पर रख देते तो वो सच्ची श्रृद्धांजलि होती।
5 जनवरी 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि भारत में केवल 8% #आदिवासी समुदाय हैं। यह फैसला हमारे देश के इतिहास, पहचान, और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
हम सभी का कर्तव्य है कि आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, और पहचान की रक्षा करें। #5_जनवरी_2011
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली
अंग्रेज भारत में मुट्ठी भर आए थे,
उनकी फौज में 70 फीसदी भारतीय ही हुआ करते थे,
और उनके लिए युद्ध लड़ते थे,
जैसे कि मंगल पांडे भी अंग्रेजी फौज के सिपाही थे,
भारतीय राजाओं और नवाबों के मुकाबले अंग्रेज अपने सिपाहियों को इज्जत, अच्छ�� पैसा और सुविधाएं देते थे,
उनकी फौज में जातिभेद भी कम था,
अंग्रेजों ने दलित समाज से आने वाले वीर योद्धाओं की एक महार रेजिमेंट भी बनाई थी,
इसी महार रेजिमेंट के 500 सिपाहियों ने
1 जनवरी 1818 में पुणे के भीमा कोरेगांव युद्ध में
पेशवाओं की हजारों की फौज को अपने
शौर्य और पराक्रम से काट डाला,
पेशवाई शासन को दलितों के प्रति बहुत अत्याचारी माना जाता था,
इसलिए पेशवाई शासन के खिलाफ महाराष्ट्र के दलितों में उस वक्त बहुत गुस्सा था,
#भीमा_कोरेगांव_शौर्य_दिवस