@samrat4bjp पारदर्शी, स्वच्छ, शुद्ध शिक्षा-परीक्षा बहुत जरूरी है । आप इस ओर महत्त्वता के साथ ध्यान दे रहे हैं तो
यह संतोषप्रद एवं आश्वस्तिदायक है।
चाहे पढ़ाई-लिखाई की परीक्षा हो या नौकरी की--यह 'ज़ीरो एरर' स्वच्छ होनी चाहिए।
माननीय #पटना_उच्च_न्यायालय द्वारा जिस प्रकार के विश्वास के साथ #बेगूसराय में 4 अप्रैल, 2021 को घटित उस नृशंस हत्याकांड, जिसे पूर्व में पुलिस ने आत्महत्या के रूप में प्रस्तुत किया था, के पुनः अनुसंधान का दायित्व मुझे सौंपा था, वह अत्यंत चुनौतीपूर्ण था । आज, इस कांड के सफल उद्भेदन के पश्चात #यात्री_मन गहन दायित्वबोध के साथ अपने कर्तव्य के प्रति और अधिक दृढ़ संकल्पित तथा अंततः सत्य की विजय के प्रति आश्वस्त अनुभव कर रहा है । सत्यमेव जयते 🙏
@ramnathkovind अज्ञान को मिटा कर प्रकाश (ज्ञान) की ओर ले जाने वाले को गुरु कहते हैं। ऐसे गुरु ही देवता या गोविंद हैं।
"गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय
बलिहारी गुरु आपने गोबिंद दियो बताय।"
"गुरु समाना शिष्य में, शिष्य लिया करि नेह। बिलगाए बिलगे नही, एक प्रान दुइ देह।।"
"तस्मै श्रीगुरवे नमः"
"गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय
बलिहारी गुरु आपने गोबिंद दियो बताय।"
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ!
गुरु-पूर्णिमा पर समस्त गुरुजनों को सादर नमन! साष्टांग दंडवत!
आज महर्षि वेदव्यास जी की भी जयंती है। उनको कोटि-कोटि नमन!
"गुरु समाना शिष्य में, शिष्य लिया करि नेह।
बिलगाए बिलगे नही, एक प्रान दुइ देह।।"
ऐसे ही सदैव गुरु-कृपा बनी रहे।
अनंत मंगलकामनाएँ!
#GuruPurnima
सत्य और अहिंसा ही रास्ता है। हमारे लोकतंत्र और इसके संविधान के बताए मार्ग पर ही चलकर लोकतांत्रिक उद्देश्य की सिद्धि हो सकती है।
"अगर हम विचार-स्वातन्त्रय को पूरा पोषण न देंगे
तो इस देश का विकास कदापि नहीं होगा।
चाहे कोई मुझ-जैसा तथाकथित महात्मा हो या
चाहे साम्राज्य-भोगी जॉर्ज पंचम हो।
लेकिन मामूलीसे-मामूली आदमी को भी
उसके प्रति अपने मन का
विरोधी भाव प्रकट करने का अधिकार होना ही चाहिए।
यदि महात्मा उस विरोध को शान्ति और विनय से नहीं सुनता तो वह महात्मा नहीं, क्षुद्रात्मा है
और सम्राट् उस विरोध को सहन नहीं करता
तो समझना चाहिए कि उसका सिंहासन हिल गया है और उसके सिंहासन से च्युत होने का समय आ गया है।
सभी का मत एक नहीं हो सकता।
कोई भी सर्वांगपूर्ण नहीं होता।
एक ही विषय के सम्बन्ध में विभिन्न विचार
विभिन्न दृष्टिकोणों से सही हो सकते हैं।
लोगों की सच्ची उन्नति
इसको समझ लेने पर ही निर्भर है।" -गांधी जी
19 वर्ष की आयु में परमवीर चक्र से अलंकृत होने वाले भारत माता के अप्रतिम सपूत, परमवीर कैप्टन (सेवानिवृत्त) योगेन्द्र सिंह यादव अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और अटूट राष्ट्रभक्ति के जीवंत प्रतीक हैं। कारगिल युद्ध में 15 गोलियाँ लगने के बाद भी उन्होंने टाइगर हिल पर तिरंगा फहराने के अभियान को सफल बनाया। उनका शौर्य हर भारतीय, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा, संकल्प और राष्ट्रसेवा का प्रेरणा- प्रकाश है।
@ysyadavpvc
भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का क्षण. भगवान बुद्ध से जुड़े विश्वप्रसिद्ध स्थल, सारनाथ (वाराणसी) का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया जाना, देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का वैश्विक सम्मान है. सारनाथ, भगवान बुद्ध के लौकिक-अलौकिक ज्ञान की स्थली है.
@ravishranjanshu हर सजग, सहज, सचेत लोग आपके काम और आपकी विश्वसनीयता से परिचित हैं।
भीड़ के कुछ 'बदहवास' और नासमझ लंपट तय नहीं कर सकते कि कौन-क्या है!
आपकी रिपोर्टिंग की साख और पहचान है।
बिना जाने-बूझे यह प्रवृत्ति बढ़त में उन लोगों का बड़ा योगदान है जो कभी पत्रकारिता में आदर्श हुआ करते थे।
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break the fast. This was done after long negotiations on various conditions and in view of possible violence in the country. I will explain the conditions in detail in a separate video very soon. Meanwhile I urge you all to stay very vigillant about not allowing violence of any kind anywhere.
@narendramodi@Wangchuk66@GitanjaliAngmo यही संवाद व सहृदयता असल बात है।
यह जंतर मंतर के आंदोलनकारियों के लिए भी दिखे। लोकतंत्र में ही निंदा, आलोचना, वाद-विवाद, बहस-विमर्श, विरोध-प्रतिरोध, धरना-प्रदर्शन, हड़ताल, मार्च आदि संभव है।
हमारे लोकतंत्र व संविधान के मूल्य मार्गदर्शक हैं। आप सीधे आंदोलनकारियों से संवाद करें।
@narendramodi प्रधानमंत्री जी, आप स्वयं जेन्युइन आंदोलनकारी छात्र-युवाओं से बात करिए।
आप स्वयं जंतर मंतर आकर या अपने आवास-कार्यालय बुलाकर बात करिए।
आपकी बात मान जाएँगे।
अनुमान है कि इस अपार भीड़ में अधिकतर
आपके चाहने वाले भी होंगे! ये ही मोदी-मोदी करते होंगे!
https://t.co/mzuUO8dadp
@RamdasAthawale@kunalkamra88 वाजिब बात!
@kunalkamra88 मन बहका व्यक्ति है!
एक संवेदनशील आंदोलन मंच पर अप्रासंगिक और मूर्खतापूर्ण बात करने का क्या मतलब!
कॉमेडियन का यह मायने थोड़े ही होता है!
“एक बहुत प्राचीन सिद्धांत है कि ईश्वर उनकी ही सहायता करता है, जो अपनी सहायता आप करते हैं।
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आलसी व्यक्तियों के लिए ईश्वर अवतार नहीं लेता। वह उद्योगशील व्यक्तियों के लिए ही अवतरित होता है। इसलिए कार्य करना शुरु कीजिये।”
#BalGangadharTilak