नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र विधायक प्रत्याशी बड़े भाई श्री @ShivprakashGjr जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मैं ईश्वर से आपके स्वस्थ, खुशहाल एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ। @SachinPilot
अशोक गहलोत जी ने जिन नेताओं को अतीक में आसानी से मात दी थी!
"हरदेव जोशी जी"
परशराम मदेरणा जी"
सीपी जोशी जी"
आज तक सचिन पायलट पहले ऐसे नेता हैं जिन्होने खुलकर मुकाबला किया है!
और सचिन पायलट के मामले में अशोक गहलोत जी को बार-बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा! @SachinPilot
सचिन पायलट जी जैसे युवा नेता जो आपके भविष्य की तरफ देखते हुए हमेशा जो आपके लिए हर रोज मेहनत करते हैं:- श्रीमती प्रियंका गांधी जी
@priyankagandhi@SachinPilot
कुछ लोग बातें बनाते हैं, सचिन पायलट इतिहास बनाते हैं।
उम्र कम है पर इरादे फौलाद हैं, सचिन पायलट के साथ लाखों जज्बात हैं।
राजस्थान की माटी पुकार रही है, युवा चेहरा अब तैयार है।
जिसे कुर्सी का मोह नहीं, जनता का भरोसा है।
जो कुर्सी से चिपके हैं वो डरते हैं बदलाव से।
दुश्मनों सुन लो, ये तूफान है, बयान से नहीं रुकेगा।
पायलट का नाम ही काफी है विरोधियों के जवाब में।
राजस्थान मांगे पायलट राज।
@SachinPilot
#SachinPilot #Rajasthan #YuvaJosh
सचिन पायलट जी पर सियासी भविष्यवाणी"
सचिन पायलट साहब का चेहरा बड़ा प्यारा और मासूम राजनीतिज्ञ है!
इतना अच्छा इंसान राजनीति में है"
मैं सचिन पायलट का नई कांग्रेस मे एक उदय देख रहा हूं!
यह राष्ट्रीय लेवल पर एक दिन बहुत बड़े नेता बनेंगे और CM भी बनेंगे"
~योगेश्वरानंद गिरी महाराज
आखिरकार मेरी हर बात पे मुहर लगाते हुए बौखलाहट में ही सही अपना अलसी चेहरा और रंग दिखा ही दिया... आज सीधे सोनिया गांधी जी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी बोलकर अपनी असलियत सबके सामने ले आए... जो बातें बंद कमरे में बैठकर मुझसे किया करते थे, जिस तरह की अभद्र और घटिया बातें राहुल गांधी जी और सोनिया जी के लिए किया करते थे सारी सीमाएं लांघते हुए आज उस सोच को सरेआम कर दिया... अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए तमाम तरह के षड्यंत्र रचकर पार्टी और आलाकमान की पीठ में छुरा घोंपकर आज बोल रहे हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस ने मेरे खिलाफ बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी की...
21 सीटें आने के बाद भी आपको मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...??
तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...??
या 2020 के सरकार बचाने के झूठे तमाशे के बाद आपको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मंशा ये कॉन्सपिरेसी थी...??
"मेरा इस्तीफा हमेशा सोनिया गांधी जी के पास रहता है, वो जब चाहें जब उसे स्वीकार कर सकती हैं"
"मुझे तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया"
"मैं संतुष्ट नहीं अति संतुष्ट राजनेता हूँ"
"मैं कांग्रेस का अनुशासित सिपाही हूँ, कांग्रेस पार्टी ने मुझे सब कुछ दिया है"
बोलने वाले दोहरे चरित्र वाले छद्म गांधी वेष धारी ने बड़ी बेशर्मी से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी कहकर देश के लाखों कांग्रेसियों की भावनाओं को बुरी तरह ठेस पहुंचाई है...
कहते हैं व्यक्ति स्वयं ही अपना दुश्मन होता है उसी कहावत को चरितार्थ करते हुए सचिन पायलट से बेंतहा नफ़रत ने इनका वास्तविक रूप सबके समक्ष ला दिया है..
और आखिर में कह दूँ सचिन पायलट का नुकसान मीडिया वालों ने नहीं सिर्फ आपने किया है...
गिरने की कोई सीमा नहीं..
एक बार गिरना शुरू करे तो लगातार गिरता ही जाता है...
जो गिर रहा है उसे भले ही अहसास न हो..
लेकिन देखने वाले को साफ़ नज़र आता है...
Heartiest congratulations and best wishes to our President Shri @Kharge ji on his Rajya Sabha candidature nomination.
Your firm belief towards the constitutional and democratic values continue to inspire all of us. With your re-election to the Rajya Sabha, the nation and the party will immensely benefit from your ideals and commitment to strengthening these principles.
Your lifelong dedication to serving the people with dignity, integrity, and sincerity remains a guiding force for party workers and all of us.
Wishing you the best in your continued service to the nation and public life. 🙏
@RahulGandhi@kcvenugopalmp@priyankagandhi@INCIndia@INCKarnataka
साहब का गुस्सा और बौखलाहट बता रही है की माज़रा कुछ और ही है !
मैं बहुत क़रीब से जानता हूँ इस टोन, खीज और तमतमाहट को ये तब आती है जब कुछ इनकी मंशा के विपरीत होने वाला हो जिसे सहन और बर्दाश्त करना इनके बस का नहीं हो ….
6 साल हो गए एक ही रट लगाये हुए हैं मैंने सरकार बचा ली, मैंने सरकार बचा ली मेरे पास सबूत हैं बीजेपी, अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत और सचिन पायलट मेरी सरकार गिरा रहे थे हालांकि आज गजेंद्र सिंह जी का नाम नहीं लिया और बिना सचिन पायलट जी का नाम लिए बोला कि हमारे विधायकों की मीटिंगे उनके घर में होती थी….
मानेसर से उनके घर जाते थे….
अरे साहब मैं तो आपसे लगातार आग्रह कर रहा हूँ की उन सबूतों की ममी बनवाओगे क्या?
सार्वजनिक क्यों नहीं करते हो?
आपके विधायकों ने एडवांस भी लिया जो लौटाया नहीं है उन पर से केस जो दर्ज करवाये वापस क्यों लिए?
बीजेपी से मिलकर आपकी सरकार गिराने वाले अभी भी कांग्रेस पार्टी में क्यों हैं ?
25 सितंबर 22 को विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर क्यों नहीं होने दी ?
आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए धारीवाल जी के घर पर मीटिंग करवा के विधायकों के ज़बरदस्ती इस्तीफ़े क्यों दिलवाए गए ?
ये सारे जवाब प्रदेश की जनता आपसे चाहती हैं राजस्थान के तथाकथित गांधी जी।
शुभचिंतक होने के नाते मैं फिर से आपको सलाह दे रहा हूँ अब अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए अनावश्यक परेशान होकर अपना रक्तचाप मत बढ़ाइए राहुल गांधी जी कांग्रेस पार्टी को मज़बूत करने की दिशा में बड़े क़दम उठा रहे हैं हम सब उनका साथ दें प्रदेश और देश में कांग्रेस की सरकार बने इस प्रण से काम करें ।
25 सितम्बर घटना पर पर्वेक्षक बनकर आए श्री अजय माकन साहब को सुनिये । पार्टी का अनुशासन किसने तोड़ा,,,
25 सितम्बर वाली घटना कांग्रेस पार्टी के लिए किसी काले अध्याय से कम नहीं थी !
ये जो मानेसर राग अलाप रहे हैं, उनके जवाब में ये वीडियो अनुशासनहीनता किसने की थी, ये पूरा वीडियो जरूर सुनना चाहिए।।। 👇 वीडियो 25 सितंबर की घटना के समय का है
@RahulGandhi@priyankagandhi@kharge@SachinPilot@ajaymaken
मेरा स्टैंड शुरू से क्लियर रहा है, कोई व्यक्ति, कोई अधिकारी, कोई नेता चाहे किसी दल का हो....
मैने खुद की सरकार में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई और में आज भी करता हूं।
ये जो बड़ी मछली की बातें करते हैं, वो पाताल में है या आसमान के ऊपर है उनको पकड़ने से कौन रोक रहा है!
इस डबल इंजन सरकार है तो कौन रोक रहा है एजेंसी है पुलिस है कौन रोक रहा है लेकिन इच्छा शक्ति नहीं है कमेंटमेंट नहीं है, तो सवाल उठना लाज़िमी है।
@SachinPilot
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं बायतू विधायक श्री हरीश चौधरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आने वाला वर्ष आपके लिए मंगलमय हो। मैं आपके स्वस्थ, खुशहाल एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
@Barmer_Harish
Q.1 राजस्थान कांग्रेस में अगर किसी एक नेता को फ्री हैंड दिया जाता है तो आपकी पसंद किस नेता पर रहेगी।
1.सचिन पायलट
2.गोविंद टोडासरा
3.अशोक गहलोत
4.भंवर जितेंद्र
5.हरीश चौधरी
नोट- क़ाबलियत से सरकार जिसके चेहरे से बनें धूल में लठ नही मारे ।
@RahulGandhi@kharge@INCIndia
सचिन पायलट का नाम और कुछ चेहरों की उड़ी हुई रंगत
क्या आपने किसी पार्टी के भीतर ऐसे लोग भी देखे हैं कि अपनी ही पार्टी का कोई नेता बाहर जाकर जोरदार काम करके आए, मेहनत करे, जिलों में धूल फांके, प्रत्याशियों के लिए सभाएं करे, रोड शो करे, डोर-टू-डोर अभियान में उतरे और जब उसके हिस्से थोड़ी-सी प्रशंसा आए तो अपनी पार्टी की जीत पर गर्व करने के बजाय उसी व्यक्ति को नाम लेकर कोसने लगें?
राजनीति में विरोधी दल के हमले समझ में आते हैं। सत्ता और विपक्ष की लड़ाई भी समझ में आती है। लेकिन अपने ही घर की दीवारों पर कील ठोककर फिर यह शिकायत करना कि छत टेढ़ी क्यों है, यह केवल राजनीति नहीं, यह कुंठा का सार्वजनिक प्रदर्शन है।
केरल में कांग्रेस की अभूतपूर्व बढ़त की चर्चा हो रही है। ऐसी स्थिति में स्वाभाविक था कि पार्टी के लोग इस मेहनत को सामूहिक उपलब्धि की तरह पेश करते। लेकिन कुछ खेमों में जैसे ही सचिन पायलट का नाम आया, चेहरों पर वही पुरानी असहजता लौट आई। किसी ने पायलट का नाम भी नहीं लिया तो उस पर पायलट के नाम से ट्विटर के फर्जी हैंड्स से तंज कसने की भरमार। और सब जानते हैं कि इन्हें वही लोग चलाते हैं, जिनके जिम्मे इस महान् पार्टी ने पार्टी को पार्टी बनाने का काम सौंप रखा है!
पायलट का नाम उनके लिए केवल एक नेता का नाम नहीं, एक हल्की-सी दस्तक है, जिसके पड़ते ही बंद कमरों के भीतर रखे कुछ काठ के बक्से टीन की तरह खड़खड़ाने लगते हैं। मंच पर यह नाम लिया जाए तो तालियां बजती हैं, लेकिन कुछ राजनीतिक कोनों में कुर्सियों की पीठ अचानक सीधी हो जाती है और चेहरों पर मुस्कान का सरकारी लेप चढ़ जाता है।
सवाल यह नहीं कि पायलट अकेले जीत दिला लाए। कोई भी गंभीर व्यक्ति राजनीति को इतना सरलीकृत नहीं करता। सवाल यह है कि जब एक नेता वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में 55 से अधिक प्रत्याशियों के लिए प्रचार करता है, 14 में से 10 जिलों में जाता है, एक दिन में पांच-छह कार्यक्रम करता है, सभाओं, दौरों, रोड शो और जनसंपर्क में पसीना बहाता है तो अपनी ही पार्टी के लोग उसकी मेहनत को स्वीकार करने में इतने कंजूस क्यों हो जाते हैं?
पायलट की प्रभावशीलता से पार्टी के कुछ खास खेमों में मचने वाली खलबली का असली रहस्य है। पायलट राजनीति में उस किस्म की उपस्थिति हैं जिसे केवल पदों, प्रेसनोटों और बंद कमरों की बैठकों से काटा नहीं जा सकता। उनके पास भीड़ खींचने की क्षमता है, युवा आकर्षण है, जमीन से संवाद है और वह बेचैन ऊर्जा है जो ठहरी हुई राजनीति को असहज करती है। जिन लोगों ने राजनीति को दरी, माइक, माल्यार्पण, किसी ख़ास नेता नाम के पेड़ के सहारे बेल की तरह लिपटकर रहना और बयानबाजी करते रहने का स्थायी कारोबार समझ लिया है, उनके लिए ऐसा नेता हमेशा असुविधाजनक संभावना रहेगा।
कटाक्ष यह है कि एकता का भाषण देने वाले लोग अक्सर किसी लोकप्रिय चेहरे का नाम आते ही सबसे पहले विचलित हो जाते हैं। एकता उनके लिए तभी तक पवित्र है, जब तक तालियां उनके मंच की दिशा में बजें। जनाधार तभी तक सम्माननीय है, जब तक वह किसी और के पक्ष में दिखाई न दे। युवा ऊर्जा तभी तक स्वीकार्य है, जब तक वह फोटो में पीछे खड़ी रहे।
दरअसल सचिन पायलट का नाम राजस्थान कांग्रेस के भीतर एक आईना है। इस आईने में कुछ चेहरों को अपना वास्तविक आकार दिखने लगता है। उन्हें डर लगता है कि कहीं यह सवाल न उठ जाए कि जनता किसे सुनना चाहती है और किसे केवल सहना पड़ता है।
अपनी ही पार्टी की उपलब्धि पर गर्व करने के बजाय अपने ही नेता की लोकप्रियता से चिढ़ जाना राजनीतिक परिपक्वता नहीं, राजनीतिक असुरक्षा है। और असुरक्षा जब बयान बनकर बाहर आती है, तो वह विरोधी को नहीं, अपने ही दल को कमजोर करती है। कांग्रेस को अगर सचमुच आगे बढ़ना है, तो उसे मेहनत करने वालों की पीठ थपथपानी होगी, न कि हर चमकते चेहरे पर कालिख खोजनी होगी। जबकि राजनीति का सच ये है कि इस तरह की बेचैनी और बेहाली में जीने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह है। कई बार तो वे लोग बहुत ऊँचे तक भी पहुंचे हैं; क्योंकि खरे का भ्रम पैदा करके चलने वाले खोटे सिक्कों वाली अर्थव्यवस्था का नाम ही राजनीति है।
इन लोगों को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि संगठन किसी एक खेमे की बपौती नहीं होता। यह भाजपा को देखकर समझा जा सकता है। लेकिन सही तो ये है कि किसी सामान्य व्यक्ति के हाथ संगठन की कमान आती है तो उसे पद की ऊँचाई नहीं, व्यवहार की परिपक्वता बचाती है। उसे बहुत संजीदा, सबको साथ लेकर चलने वाला और उदार हृदय होना पड़ता है। अपनी सरपरस्ती में कुत्सा फैलाने वाले मरजीवड़ों का दस्ता किसी नेता को मजबूत नहीं करता, उलटे उसे छोटा, असुरक्षित और संकीर्ण साबित करता है। अपनी ही पार्टी के लोकप्रिय चेहरों से जलने के बजाय उन्हें जोड़िए। जाने इन लोगों को यह ख़याल कब आएगा कि कांग्रेस को विरोधियों से लड़ना है, अपने ही लोगों को काटना नहीं।
भाजपा के इशारे पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने परगिरफ्तार कर लिया है, साथ ही यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब को भी गिरफ्तार किया गया है। राजनीतिक विरोध के कारण जेल की सलाखों में डालना दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है।
अमेरिकी डील में किसानों के हितों की अनदेखी की गई है — क्या इससे भाजपा डरी हुई है?
क्या भाजपा बढ़ती बेरोज़गारी और उसके कोई ठोस समाधान न होने से चिंतित है या विपक्ष के कठिन सवालों से असहज है?
युवाओं की आवाज़ को दबाने का यह तरीका अस्वीकार्य है।
@UdayBhanuIYC@IYC@INCIndia
आज पुथुयुगा यात्रा के अलप्पुझा में प्रवेश करने पर मैं @kcvenugopalmp जी और @vdsatheesan जी को शुभकामनाएं देता हूँ कि इस यात्रा का संदेश पूरे प्रदेश तक पहुँचे।
इस यात्रा को लोगों का आशीर्वाद और समर्थन मिल रहा है, और इसके माध्यम से उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों का जनता तक पहुँचना बेहद आवश्यक है। भाजपा जिस प्रकार से हमारे संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है, उसमें हमारा ध्येय यही होना चाहिए कि UDF का प्रदर्शन मज़बूत रहे।
यह बेहद चिंताजनक है कि देश का सामाजिक ताना-बाना कमजोर पड़ रहा है, यह केरल के लोगों के लिए अवसर है कि वे एक मज़बूत सरकार का चुनाव करें, जो संवेदनशील होने के साथ-साथ प्रगतिशील भी हो।
मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में UDF की एक मज़बूत सरकार केरल में शपथ लेगी और प्रदेश फिर से एक बार तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा।
@RahulGandhi@priyankagandhi@DeepaDasmunsi@SunnyJosephINC@INCIndia@INCKerala